Custom Heading

किसानों की आय में वृद्धि के लिए सरकार प्रतिबद्ध:तारकिशोर
-आगामी बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए होगी बेहतर व्यवस्था पटना 25 जनवरी (हि.स.)। बजट
उपमुख्यमंत्री ताश किशोर प्रसाद बजट पूर्व कृषि और मछली उत्पादन को लेकर बैठक करते हुए।


-आगामी बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए होगी बेहतर व्यवस्था

पटना 25 जनवरी (हि.स.)। बजट पूर्व बैठक को संबोधित करते हुए बिहार के उपमुख्यमंत्री -सह- वित्त मंत्री तारकिशोर प्रसाद ने मंगलवार को कहा कि आगामी बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए कृषि एवं अनुषंगी प्रक्षेत्र में किसानों, पशुपालकों, मत्स्य पालकों एवं सहकारिता से जुड़े संगठनों की बेहतरी एवं उनकी आय में वृद्धि के बेहतर प्रयास किए जाएंगे।

डिप्टी सीएम कहा कि कृषि एवं अनुषंगी क्षेत्र में कार्यरत प्रतिनिधियों, किसान-उत्पादक संगठनों, कृषकों, पशुपालकों, गन्ना उत्पादकों, मत्स्य पालकों, सहकारिता एवं बागवानी मिशन से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ आज वर्चुअल रूप से कई महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए हैं, जिनपर वित्त विभाग समीक्षोपरांत आवश्यक निर्णय लेगा।इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की बैठक के माध्यम से किसानों के साथ हुए वर्चुअल संवाद में कई महत्वपूर्ण सुझाव एवं बातें सामने आई हैं, जिसकी वित्त विभाग गंभीरता से समीक्षा करेगा। उन्होंने कहा कि किसानों के साथ ऐसे संवाद नियमित रूप से आयोजित होने चाहिए। बिहार के किसानों एवं अनुषंगी क्षेत्र में कार्य कर रहे प्रतिनिधियों ने विगत वर्षों में बेहतर काम किया है। भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने किसानों की आय दोगुनी करने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं एवं प्रोत्साहन कार्यक्रमों को संचालित किया है।डिप्टी सीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य के किसानों की बेहतरी और फसलों के उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि के लिए कृषि रोडमैप के माध्यम से दूरगामी निर्णय लिए गए, जिसके अच्छे परिणाम मिले हैं। राज्य के किसानों के परिश्रम से बिहार कर्मणा पुरस्कार से सम्मानित हुआ है। उन्होंने कहा कि आगे भी हम कृषि एवं अनुषंगी प्रक्षेत्र में काम कर रहे लोगों के जीवन में खुशहाली और समृद्धि के लिए बेहतर प्रयास करेंगे।

उल्लेखनीय है कि आज की बैठक में मक्का उत्पादन से जुड़े किसानों ने मक्का के व्यवसायिक उपयोग के लिए स्वीट कॉर्न, बेबी कॉर्न की प्रोसेसिंग इकाई की स्थापना तथा मक्का की फसल के समुचित भंडारण, रख-रखाव की व्यवस्था कै लिए आवश्यक व्यवस्था करने का सुझाव दिया।केला उत्पादन से जुड़े किसानों ने केला के अवशेष यथा: केला के पत्ता, केला के छिलके आदि पर आधारित उद्यम लगाने, इसके व्यवसायिक उपयोग, वर्मी कंपोस्ट बनाने इत्यादि के लिए प्रशिक्षण तथा अन्य आवश्यक कदम उठाने का सुझाव दिया।जैविक खेती से जुड़े किसानों ने जैविक बीज प्रोसेसिंग प्लांट लगाने, जैविक एवं अजैविक उत्पादन का दर निर्धारित करने के साथ-साथ जैविक फसलों की मार्केटिंग की सुविधा उपलब्ध कराने का सुझाव दिया। साथ ही, जैविक खेती से जुड़े किसानों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना की तर्ज पर पुरस्कृत करने का भी अनुरोध किया।बागवानी मिशन से जुड़े किसानों ने बिहार में लीची, आम इत्यादि फलों के निर्यात की सुविधा, फलों की ग्रेडिंग, पैकेजिंग, कोल्ड स्टोरेज की सुविधा एवं पल्प आधारित उद्योग लगाने हेतु आवश्यक प्रबंध करने का सुझाव दिया। नवादा, गया और नालंदा जिले के पान उत्पादक किसानों ने बिहार में अंतरराष्ट्रीय स्तर की पान मंडी की व्यवस्था करने, इसके लिए प्रशिक्षण देने तथा उद्यानिक फसलों के प्रोत्साहन योजनाओं में इसे शामिल करने की आवश्यकता बतायी।

गन्ना उत्पादन से जुड़े किसानों ने गन्ना की खेती में उपयोग में आने वाले कुछ आवश्यक यंत्रों यथा: केन प्लांटर, हार्वेस्टर, पावर हैरो इत्यादि यंत्रों को कृषि यंत्रीकरण योजना की सूची में शामिल करने का अनुरोध किया तथा मिट्टी जांच की सुविधा के साथ बर्ड चिप्स के आधार पर गन्ना की वैज्ञानिक खेती को प्रोत्साहित करने का सुझाव दिया। पशुपालन, मुर्गी पालन, बकरी पालन, मत्स्य पालन से जुड़े किसानों ने किसान क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से आवश्यक लाभ दिलाने हेतु व्यवस्थागत त्रुटियों को दूर करने का अनुरोध किया। मधुमक्खी पालन से जुड़े किसानों ने इस व्यवसाय का डेटाबेस तैयार करने, किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा दिलाने, एक्सपोर्ट क्वालिटी के शहद के लिए लैब के निर्माण, बीमा की व्यवस्था के साथ-साथ शहद के बाई-प्रोडक्ट के उत्पादन एवं उपयोग की योजना बनाने का अनुरोध किया।

हिन्दुस्थान समाचार/गोविन्द


 rajesh pande