Custom Heading

धर्म प्रचार और गौरक्षा को समर्पित रहा स्वामी कल्याणानंद का जीवन : स्वामी देवानंद
हरिद्वार, 24 जनवरी (हि.स.)। तीर्थनगरी की प्रख्यात धार्मिक संस्था श्री मानव कल्याण आश्रम के संस्थापक
ब्रह्मलीन स्वामी कल्याण आनंद की पुण्यतिथि


हरिद्वार, 24 जनवरी (हि.स.)। तीर्थनगरी की प्रख्यात धार्मिक संस्था श्री मानव कल्याण आश्रम के संस्थापक ब्रह्मलीन स्वामी कल्याणानन्द सरस्वती की पंचम पुण्यतिथि के अवसर पर श्रद्धांजलि सभा और धार्मिक अनुष्ठानों किए गए।

इस अवसर पर श्रीमहंत स्वामी देवानन्द सरस्वती ने ब्रह्मलीन स्वामी कल्याणानन्द सरस्वती को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि स्वामी कल्याणानन्द सरस्वती का समूचा जीवन गौरक्षा एवं राम जन्म भूमि आन्दोलन को समर्पित रहा, उन्होंने हरिद्वार में शंकराचार्य चौक की स्थापना कर जो महान कार्य किया उसे संत समाज सदैव स्मरण रखेगा।

श्री महानिर्वाणी अखाड़ा के राष्ट्रीय सचिव श्रीमहंत रविन्द्र पुरी जी महाराज ने कहा कि स्वामी कल्याणानन्द सरस्वती संत समाज के गौरव थे। उन्होंने समूचा जीवन गंगा स्नान करते हुए गंगाजल का ही सेवन किया।

मैनेजिंग ट्रस्टी व भाजपा पार्षद दल के उपनेता अनिरूद्ध भाटी ने कहा कि स्वामी कल्याणानन्द जी त्याग, तपस्या और धर्म की प्रतिमूर्ति थे। बद्रीनाथ, अहमदाबाद, देहरादून एवं तीर्थनगरी हरिद्वार में स्थापित मानव कल्याण आश्रम धर्म और सेवा के केन्द्र बन रहे।

स्वामी दुर्गेशानन्द सरस्वती ने कहा कि ब्रह्मलीन स्वामी कल्याणानन्द सरस्वती ने सदैव संस्था के माध्यम से सेवा प्रकल्पों का संचालन किया। उनके सिद्धांतों व पदचिन्हों पर चलते हुए संस्था सदैव धर्म प्रचार व सेवा प्रकल्पों का संचालन कर रही है।

इस अवसर पर श्री ललिताम्बा देवी ट्रस्ट की कोषाध्यक्ष रेणुका बेन एल. ठक्कर ने कहा कि स्वामी कल्याणानन्द सरस्वती ने भारतीय संस्कृति की रक्षा व संस्कृत संवर्द्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी।

इस अवसर पर मुख्य रूप से श्रीमहंत रविन्द्र पुरी, श्रीमहंत देवानन्द सरस्वती, स्वामी रविदेव शास्त्री, महंत दिनेश दास, स्वामी चेतनानन्द, स्वामी रामानन्द गिरि, स्वामी कृष्णानन्द पुरी, स्वामी प्रशादानन्द, स्वामी कमलानन्द, स्वामी सुतीक्ष्ण मुनि, निमेश शर्मा समेत अनेक संत-महंत व गणमान्यजन उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थानसमाचार/रजनीकांत


 rajesh pande