Custom Heading

तीसरी लहर में भी काम आएगा मप्र का जन भागीदारी मॉडलः शिवराज
-मुख्यमंत्री ने किया क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप से संवाद भोपाल, 14 जनवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री शिवराज
तीसरी लहर में भी काम आएगा मप्र का जन भागीदारी मॉडलः शिवराज


-मुख्यमंत्री ने किया क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप से संवाद

भोपाल, 14 जनवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कोविड के नियंत्रण में मध्यप्रदेश का जन-भागीदारी मॉडल तीसरी लहर में भी काम आएगा। कोविड की पहली और दूसरी लहर में जिस तरह से जन-सहयोग से संकट की स्थितियों से निपटते हुए कार्य हुआ है, उसी तरह एक बार फिर सरकार और नागरिक मिलकर तीसरी लहर को पराजित करेंगे। संयुक्त रूप से किए जाने वाले प्रयत्नों को सफलता मिलेगी, मानवता जीतेगी।

मुख्यमंत्री चौहान शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा प्रदेश के जिलों में कोविड की स्थिति पर क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप के सदस्यों से संवाद कर उनके सुझाव ले रहे थे। उन्होंने कहा कि तीसरी लहर के रूप में एक बड़ी चुनौती हमारे सामने है। घबराना नहीं है, सजग और सतर्क रहना है। कोरोना के केस तेजी से बढ़ने की आशंका भी है। पूरी दुनिया की तरफ से एक तथ्य आया है कि इस लहर में जो संक्रमित होते हैं, उसकी गंभीरता कम है। इसलिए अस्पताल में भर्ती होने वाले प्रकरण अभी लगभग तीन प्रतिशत से थोड़े ज्यादा है।

उन्होंने कहा, पिछली लहर में 40 प्रतिशत तक रोगी भर्ती करने पड़ते थे। अब तक हुए शोध के बाद विशेषज्ञों का मत है कि इस वेरिएंट का असर गले तक रहता है। यह लंग्स को अधिक प्रभावित नहीं करता है। लेकिन इसका अर्थ यह कदापि नहीं है कि हम सजग न रहें। पूरी सजगता से इस लहर का मुकाबला करते हुए कोविड महामारी से हमें जीतना है] यह हमारा संकल्प भी है। प्रदेश में अभी 21 हजार 394 मरीज होम आयसोलेशन में हैं। इन्हें आवश्यक सुविधाएँ दी जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने अपील की कि कोरोना टेस्ट के लिए जिलों को जो लक्ष्य दिए हैं वे पूरे होने चाहिए। जन-प्रतिनिधि अपने क्षेत्र में टेस्टिंग पर ध्यान दें। गाँव और पंचायत की क्राइसिस मैनेजमेंट से भी अपील है कि अगर गाँव में किसी को भी जरा भी सर्दी और जुकाम है तो उनका टेस्ट करवाने की प्रेरणा दें। पंचायत स्तरीय क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटियां यह देखें कि टीकाकरण से कोई न छूटे। घर-घर दस्तक देकर 15 से 18 वर्ष के नौजवानों का 100 प्रतिशत टीकाकरण करवाएं। सभी जिले फीवर क्लीनिकों में टेस्टों की संख्या बढ़ा दें। टेस्ट की रिपोर्ट 24 घंटे में आ जानी चाहिए। अगर कोई पॉजिटिव आता है तो उसे घर में आयसोलेट कर मेडिकल किट दी जाए। होम आयसोलेशन की व्यवस्था नहीं है तो कोविड केयर सेंटर में संक्रमित को भर्ती किया जाए।

उन्होंने कहा कि क्राइसिस मैनेजमेंट समिति के सदस्य यह तय कर लें कि संक्रमितों को कोविड केयर सेंटर में भर्ती किया जाए। आमजन में कोविड अनुकूल व्यवहार का पालन करवाएँ। सभी को जागरूक करें कि घर से बाहर निकलने पर मास्क अवश्य लगाएँ। साथ ही यह भी देखें कि किसी स्थान पर अधिक भीड़-भाड़ न हो और नियमित रूप से टेस्ट होते रहें। उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशन, बस स्टैण्ड और एयरपोर्ट पर टेस्टिंग की व्यवस्था रहे।

मुख्यमंत्री ने लगभग डेढ़ घंटे चली वीडियो कॉन्फ्रेंस में अनेक जन-प्रतिनिधियों और कलेक्टर्स से संवाद किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कोविड के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन की लहर पूरे विश्व में चल रही है। इसकी आक्रामकता अधिक नहीं है। लेकिन हमें सावधान और सजग रहना है। साथ ही सभी व्यवस्थाएँ चाक चौबंद रहें, यह बहुत आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने जन-प्रतिनिधियों की सक्रिय भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशन, बस स्टेण्ड आदि पर टेस्टिंग के प्रबंधन हों। जन-प्रतिनिधि औषधियों की व्यवस्था स्वयं देखें। एक माह का स्टॉक रखें। प्रत्येक स्तर की क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटियों को सक्रिय, सजग रहना है। अन्य व्याधियों से ग्रस्त किसी रोगी की स्थिति गंभीर है तो एम्बूलेंस तैयार रखी जाए। इससे समय पर अस्पताल में भर्ती करने का कार्य हो सकेगा। अस्पताल में ऑक्सीजन सिलेंडर भरे रहें। कोविड अनुकूल व्यवहार सुनिश्चित करें। शाला त्यागी बच्चों को भी वैक्सीन लगे। उन्होंने कहा कि 17 जनवरी को कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में पुन: टीकाकरण कार्य और कोरोना संक्रमण नियंत्रण एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे।

मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश

-कक्षा एक से 12वीं तक के सरकारी, प्रायवेट स्कूल 15 जनवरी से 31 जनवरी तक बंद रहेंगे।

-राज्य में किसी तरह के मेले नहीं लगेंगे।

-सब रैलियाँ और सभाएँ प्रतिबंधित रहेंगी।

-हॉल की क्षमता के 50 प्रतिशत से कम की उपस्थिति के साथ कार्यक्रम हो सकेंगे।

-सभी मनोरंजन के कार्यक्रम में अधिकतम 250 व्यक्ति रहेंगे।

-बड़ी सभाएँ और आयोजन प्रतिबंधित रहेंगे।

-सभी प्रकार की खेल गतिविधियाँ स्टेडियम की 50 प्रतिशत से खिलाड़ी रहेंगे।

-प्री बोर्ड परीक्षाएँ जो 20 जनवरी से थीं, इन्हें टेक होम एग्जाम के रूप में किया जाएगा।

-नाइट कर्फ्यू जारी रहेगा।

-अंत्येष्टि आदि में हिस्सा लेने के लिए 50 लोगों की ही सीमा रहेगी।

-कहीं भी बाजार बंद नहीं होंगे। आर्थिक गतिविधियाँ जारी रहेंगी।

-सामाजिक दूरी बनाए रखें। सभी लोग फेस मॉस्क का उपयोग करें। सार्वजनिक स्थान पर इसका उपयोग अनिवार्य है। फेस मॉस्क का उपयोग न करने पर जुर्माने की कार्यवाही की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश


 rajesh pande