चार दिनों से नहीं खिली धूप, खेतों में गलने व सड़ने लगी दलहन-तिलहन फसल
धमतरी , 13 जनवरी (हि.स.)।खराब मौसम और बारिश के चलते पिछले चार दिनाें से आसमान पर धूप नहीं खिल रही है
ग्राम सांकरा में महानदी किनारे खेत पर पानी भरने से मसूर दाल की फसल पीली होकर इस तरह गलने व सड़ने लगी है।


धमतरी , 13 जनवरी (हि.स.)।खराब मौसम और बारिश के चलते पिछले चार दिनाें से आसमान पर धूप नहीं खिल रही है। किसानों के खेतों में पानी भरा हुआ है।दलहन-तिलहन फसल पीली होकर सड़ने व गलने लगी है। लेकिन अब तक कृषि विभाग के फसल नुकसान आंकलन का सर्वे शुरू नहीं हुआ है। दूसरी ओर दलहन-तिलहन फसल खराब होने से प्रभावित किसान फसल नुकसान आंकलन करशासन से मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं।

जिले में नौ जनवरी की रात से बेमौसम बारिश शुरू हुई, जो घंटाें होती रही। इसके बाद से लगातार चार दिनों तक अंचल में बेमौसम बारिश व खराब मौसम का दौर जारी है। 13 जनवरी को अलसुबह हल्की बारिश हुई और दिन भर बादल वाला मौसम बना रहा, जो किसानों के खेतों पर लगी दलहन-तिलहन फसल के लिए नुकसानदायक है। धूप नहीं खिलने की वजह से किसानों के खेतों पर भरा पानी सूख नहीं रहा है, यह पानी चना, तिवड़ा, मूंग-उड़द, अलसी, सरसो, मसूर, गेहूं आदि फसल को प्रभावित कर खराब करने लगा है।

उपसंचालक कृषि विभाग के अनुसार जिले में करीब 16 हजार हेक्टेयर क्षेत्रों पर लगी दलहन-तिलहन फसल फिलहाल प्रभावित है। बारिश थमने के बाद भी अभी तक कृषि विभाग के अधिकारी किसानों के खेतों तक दलहन-तिलहन फसल नुकसान आंकलन के लिए नहीं पहुंचे है। इस संबंध में कृषि उप संचालक मोनेश कुमार साहू का कहना है कि जल्द ही सर्वे शुरू कराकर फसल नुकसान का आंकलन किया जाएगा, ताकि प्रभावित किसानों को मुआवजा का लाभ मिल सके।

200 एकड़ पर लगी दलहन-तिलहन फसल खराब

जिला मुख्यालय से लगे ग्राम पंचायत लोहरसी के किसान कुबेर गंजीर, प्रेमलाल गंगबेर, उधोराम गंगबेर, बिशेलाल साहू, भूपेन्द्र कुमार साहू, लक्ष्मीनारायण यादव, अगशराम साहू, कृष्ण कुमार साहू, कपूर चंद्रवंशी, उपसरपंच पीताम्बर साहू आदि किसान 13 जनवरी को कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्टर के नाम सौंपे ज्ञापन में प्रभावित किसानों ने बताया कि खराब मौसम व बारिश से 200 एकड़ पर लगी दलहन-तिलहन फसल खराब होकर मर रही है, इससे उन्हें भारी नुकसान है। उनके खेतों पर चना, अलसी, गेहूं समेत अन्य फसल है। रबी दलहन-तिलहन फसल पर किसानों ने हजारों रुपये खर्च कर चुके हैं, लेकिन फसल बारिश से गलने व सड़ने की वजह से अब उत्पादन संभव नहीं है। वहीं रबी दलहन-तिलहन फसल की बीमा कराने क्षेत्र के कृषि विस्तार अधिकारी ने जानकारी नहीं दी है, जबकि किसानों ने बीमा की जानकारी उनसे मांगी थी, ऐसे में अधिकारी की लापरवाही से उनके फसल की बीमा भी नहीं हो पाया है।

हिन्दुस्थान समाचार/ रोशन सिन्हा


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