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अशोकनगर: किसान की खुदकुशी पर प्रशासन का फर्जीवाड़ा, एसडीएम को हटाने की मांग
अशोकनगर, 20 सितम्बर(हि.स.)। जिले के शाढौरा कस्बा अंतर्गत कर्ज से तंग आकर किसान महेन्द्र सिंह रघुवंशी
अशोकनगर: किसान की खुदकुशी पर प्रशासन का फर्जीबाड़ा, एसडीएम को हटाने की मांग


अशोकनगर, 20 सितम्बर(हि.स.)। जिले के शाढौरा कस्बा अंतर्गत कर्ज से तंग आकर किसान महेन्द्र सिंह रघुवंशी द्वारा खुदकशी मामले में प्रशासन द्वारा फर्जी रिपोर्ट प्रस्तुत करने से मामला तूल पकड़ रहा है। किसान द्वारा कर्ज से तंग आकर की गई खुदकुशी पर जांच के नाम पर एसडीएम द्वारा घरेलू समस्या से खुदकुशी करना बताए जाने मृतक किसान महेन्द्र सिंह का परिवार व्यथित है और उच्चस्तर की जांच कर एसडीएम के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई है। वहीं उक्त मामले में मृतक किसान के परिजनों के साथ सोमवार को किसान कांग्रेस ने कलेक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन किया।

गौरतलब है कि बीते बुधवार की रात शाढौरा कस्बा अंतर्गत करख्या गांव निवासी किसान महेन्द्र सिंह रघुवंशी ने कर्ज से तंग आकर तनाब में रहते हुए अपने की खेत में पेड़ से लटक कर खुदकुशी कर ली थी।

उक्त मामले को लेकर एसडीएम रवि मालवीय द्वारा बताया गया था कि कलेक्टर उमा महेश्वरी के निर्देश पर रात्रि में 2 बजे ही तहसीलदार, उपसंचालक कृषि और थाना प्रभारी को मौके पर भेजा गया था और जांच में किसान द्वारा आत्महत्या का कारण घरेलू समस्या का होना पाया गया था। वहीं एसडीएम की जांच रिपोर्ट में मृतक किसान के पास 18 एकड़ जमीन और दो मंजिला पक्का मकान, एक ट्रैक्टर होना पाया गया था।

रात्रि 2 बजे जांच करने आना सरासर झूठ:

एसडीएम की जांच रिपोर्ट को मृतक के परिजनों द्वारा सरासर झूठी रिपोर्ट बताया गया है। मृतक किसान के 21 वर्षीय बढ़े पुत्र आदर्श रघुवंशी का कहना है कि उनके पिता द्वारा आत्महत्या करने के मामले की जांच करने बुधवार की रात 2 बजे कोई अधिकारी जांच करने नहीं आया, जबकि स्वयं एसडीएम गत रविवार को ही आए हैं, वहीं मृतक के पुत्र का कहना है कि एसडीएम द्वारा जो जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि उनके पिता ने घरेलू समस्या के कारण आत्महत्या की है वह सफेद झूठ है। उनका कहना है कि जो भी मकान उनके पास है वह पुश्तैनी है और वास्तविक स्थिति में उनके पिता के ऊपर केसीसी और बिजली बिलों का करीब 11 लाख रुपये का कर्जा था, उससे तंग आकर ही उनके द्वारा आत्महत्या जैसा कदम उठाया गया है।

मृतक किसान का पुत्र करता है भोपाल में मॉल में नौकरी:

मृतक किसान महेन्द्र सिंह के बढ़े पुत्र आदर्श का कहना है कि पिता की आर्थिक तंगी के कारण वह स्वयं भोपाल में एक मॉल में नौकरी करता है, तथा उसका कहना है कि उसने अपने पिता की आर्थिक तंगी के कारण अपने छोटे भाई को भी बुलाने की बात कही थी।

आदर्श का कहना है कि जिस कारण से उनके पिता ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया है उसकी पहली मांग है कि सरकार द्वारा उनके पिता के पूरे करीब 11 लाख रुपये कर्ज के माफ किए जाए।

कलेक्ट्रेट में कांग्रेस ने किया प्रदर्शन

मृतक किसान के खुदकुशी मामले में किसान कांग्रेस द्वारा कलेक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन किया है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष हरीसिंह रघुवंशी ने मांग करते हुए कहा है कि मृतक किसान के परिजनों को 50 लाख की सहायता एवं सरकारी नौकरी दी जाए। वहीं कांग्रेस द्वारा मृतक किसान की झूठी जांच रिपोर्ट बनाने वाले एसडीएम को तत्काल पद से हटाया जाए।

हिन्दुस्थान समाचार/ देवेन्द्र ताम्रकार


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