कोरोना में शिक्षा तक समान पहुंच सुनिश्चित करने को सरकार ने उठाए अनेक कदम : धर्मेंद्र प्रधान
नई दिल्ली, 22 जुलाई (हि.स.)। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि कोरोना महामारी के दौर
नई दिल्ली, 22 जुलाई (हि.स.)। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान शिक्षा तक समान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं। प्रधान ने गुरुवार को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में राज्यसभा को बताया कि निशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम, 2009, उपयुक्त सरकार को पड़ोस के स्कूल में 6 से 14 वर्ष की आयु के प्रत्येक बच्चे को मुफ्त और अनिवार्य प्रारंभिक शिक्षा प्रदान करने का आदेश देता है। उन्होंने बताया कि महामारी के दौरान, शिक्षा मंत्रालय ने बच्चों को शिक्षा के लिए दूरस्थ पहुंच प्रदान करने के लिए विभिन्न कदम उठाए हैं, जो अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) सहित प्रत्येक श्रेणी के छात्रों के लिए उनके क्षेत्र या आर्थिक मानक के बावजूद उपलब्ध हैं। पीएमईविद्या नामक एक व्यापक पहल शुरू की गई है जिसका उद्देश्य शिक्षा के लिए मल्टी-मोड एक्सेस को सक्षम करने के लिए डिजिटल, ऑनलाइन व ऑन-एयर शिक्षा से संबंधित सभी प्रयासों को एकीकृत करना है। इस पहल में व्यापक पहुंच प्रदान करने के लिए डिजिटल मोड के रूप - दीक्षा (ऑनलाइन), स्वयं (ऑनलाइन), स्वयं प्रभा (टीवी), दूरदर्शन और एयर नेटवर्क के उपयोग सहित अन्य टीवी चैनल सभी शामिल हैं। इसके अलावा, विभिन्न माध्यमों के माध्यम से निरंतर शिक्षा की सुविधा के लिए राज्यों व संघ राज्य क्षेत्रों को प्रज्ञाता दिशानिर्देश जारी किए गए थे। इन दिशानिर्देशों में अन्य बातों के साथ-साथ ऐसी स्थितियां शामिल हैं जहां इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध नहीं है या बहुत कम बैंडविड्थ के साथ उपलब्ध है, इन संसाधनों को टेलीविजन, रेडियो आदि जैसे विभिन्न प्लेटफार्मों के माध्यम से साझा किया जाता है जो इंटरनेट पर निर्भर नहीं हैं। प्रधान ने बताया कि कक्षा 1 से 12 तक के डिवाइस के साथ और बिना डिवाइस वाले दोनों तरह के बच्चों के लिए अधिगम समाधान के लिए एक वैकल्पिक शैक्षणिक कैलेंडर तैयार किया गया है। इनके अलावा, सामुदायिक रेडियो, शिक्षार्थियों के निवास पर वर्कशीट और पाठ्यपुस्तकों की आपूर्ति, शिक्षकों द्वारा घर का दौरा, सामुदायिक कक्षाएं, टोल फ्री नंबर, ऑडियो सामग्री के लिए एसएमएस आधारित अनुरोध, शिक्षा के लिए स्थानीय रेडियो सामग्री आदि का उपयोग किया गया है। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा उठाए गए कदमों को - इंडिया रिपोर्ट डिजिटल एजुकेशन जून 2020 में दिखाया गया है। हिन्दुस्थान समाचार/सुशील

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