पानी की आपूर्ति और हिमकेयर कार्ड न बनने पर नगर निगम की बैठक में हंगामा
शिमला, 29 नवम्बर (हि.स.)। नगर निगम शिमला की सोमवार को आयोजित मासिक बैठक में शहर में पानी की सप्लाई स
पानी की आपूर्ति और हिमकेयर कार्ड न बनने पर नगर निगम की बैठक में हंगामा


शिमला, 29 नवम्बर (हि.स.)। नगर निगम शिमला की सोमवार को आयोजित मासिक बैठक में शहर में पानी की सप्लाई सही ना होने को लेकर खूब हंगामा हुआ। मेयर सत्या कौंडल की अध्यक्षता में हुई बैठक में पार्षदों ने आरोप लगाए कि एसजेपीएनएल ने शहर में 24 घंटे पानी देने का दावा किया था मगर अब शहर में लोगों को दो से तीन दिन बाद पानी मिल रहा है। पानी की टाइमिंग भी सही नहीं है। कहीं रात को पानी दिया जा रहा है तो कहीं सुबह तड़के। कई जगहों पर दोपहर को पानी मिल रहा है जबकि दोपहर में लोग घरों में नहीं होते। इसके अलावा बिलों को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए। पार्षद किरण बाबा ने कहा कि लोगों को लाखों रुपए के पानी के बिल दिए जा रहे हैं। जबकि कोविड के दौरान शहर में दुकानें बंद थी। इस पर अधिकारियों ने जवाब दिया कि 24 घंटे पानी देने की योजना दूसरी है, उस पर अभी काम चल रहा हैं। वहीं बिलों में गड़बड़ी को लेकर साॅफ्टवेयर की दिक्कत है, जिसे अगले माह तक ठीक कर दिया जाएगा। फिर भी जब पार्षद शांत नहीं हुए तो मेयर ने अगली बैठक में अधिकारियों को पूरे तथ्यों के साथ आने को कहा।

पार्षद किरण बाबा ने हिमकेयर कार्ड ना बनने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वार्डों में हिमकेयर कार्ड बनाने को लेकर पार्षदों को कार्य सौंपा गया था। कई लोगों ने उन्हें पैसे भी दे दिए कि मगर अब कार्ड बनाए नहीं जा रहे हैं। ऐसे में अब लोगों को जवाब देना मुश्किल हो गया। उन्होंने कहा कि यह कार्य स्वास्थ्य विभाग का है। उन अधिकारियों को अगली बैठक में बुलाया जाए और उन्हें इसका जवाब भी मांगा जाएगा।

पार्षदों ने शहर में विकास कार्यों के फाॅरेस्ट क्लीयरेंस में फंसने को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यहां से एफसीपीसी की बैठक में कई कार्य मंजूर तो कर दिए जाते हैं। उनके लिए बजट भी अप्रूव हो जाता है। मगर वह कार्य इसलिए शुरू नहीं हो पाते क्योंकि फाॅरेस्ट क्लीयरेंस ही उन्हें नहीं मिल पाता। सभी वार्डों में यह समस्या आ रही है। यदि क्लीयरेंस मिल जाए तो विभाग कोई और अड़चन डाल देता है। इस पर भी अधिकारियों को बुलाने के आदेश किए गए।

हिन्दुस्थान समाचार/उज्जवल/सुनील


 rajesh pande