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पीसमील कर्मचारियों की हड़ताल से एच.आर.टी.सी. वर्कशॉपस में काम प्रभावित
शिमला, 29 नवम्बर (हि.स.)। एच.आर.टी.सी वर्कशॉपस में तैनात पीसमील कर्मचारी अनुबंध पर लिए जाने की मांग
पीसमील कर्मचारियों की हड़ताल से एच.आर.टी.सी. वर्कशॉपस में काम प्रभावित


शिमला, 29 नवम्बर (हि.स.)। एच.आर.टी.सी वर्कशॉपस में तैनात पीसमील कर्मचारी अनुबंध पर लिए जाने की मांग पूरी न करने पर सोमवार से एक बार फिर टूलडाउन हड़ताल पर चले गए हैं। सोमवार को राजधानी शिमला सहित प्रदेश भर पीसमील कर्मचारी काम पर नहीं गए और वर्कशॉपस के बाहर बैठकर प्रदेश सरकार व निगम प्रबंधन के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। ऐसे में निगम की सभी वर्कशॉपस में दिन भर काम प्रभावित हुआ।

टूलडाउन हिमाचल परिवहन निगम पीसमील कर्मचारी मंच की प्रधान खेम चंद, महासचिव हरि कृष्ण शर्मा शर्मा, संयुक्त सचिव मनोज पाल ने कहा कि सरकार व निगम प्रबंधन ने पीसमील कर्मचारियों के साथ धोखा किया है और बार बार आश्वासन के बाद भी कर्मचारियों को अनुबंध पर नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश भर में अब पीसमील कर्मचारी उस समय तक यह टूलडाउन हड़ताल जारी रखेंगे जब तक सरकार व निगम प्रबंधन अनुबंध पर लिए जाने के आदेश जारी नहीं करती है। उन्होंने कहा कि पीसमील कर्मचारी निगम प्रबंधन से कोई नई मांग नहीं कर रहे हैं कर्मचारी वहीं मांग कर रहे हैं जिसे निगम प्रबंधन व सरकार ने स्वयं माना है। उन्होंने कहा कि परिवहन मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर ने होटल पीटरआफ में पीसमील कर्मचारियों से 24 अगस्त को वार्ता के समय प्रबंधक निदेशक की मौजूदगी में वादा किया था कि सितंबर शुरू के 2 सप्ताह के भीतर पीसमील कर्मचारियों को अनुबंध पर ले लिया जाएगा। जिसके पश्चात पीसमील कर्मचारियों ने मंत्री की बात पर विश्वास करके आन्दोलन को वापस लिया था। लेकिन दुख की बात आज यह है कि नवम्बर महीने का आखिरी सप्ताह चल रहा है लेकिन अभी तक पीसमील कर्मचारियों को अनुबंध पर नहीं लिया गया । ऐसे में अब पीसमील कर्मचारियों ने सरकार व निगम प्रबंधन के खिलाफ फिर से मोर्चा खोल दिया है। जिसके लिए सरकार व निगम प्रबंधन स्वयं जिम्मेवार है।

प्रदेश में 30 बस डिपो 80 प्रतिशत स्टॉफ में पीसमील कर्मी

पीसमील कर्मचारियों हड़ताल पर जाने पर बस वर्कशॉप में काम प्रभावित हो सकता है और बसें बिना मरम्मत के खड़ी हो सकती है। जानकारी के अनुसार प्रदेश में निगम के 30 बस डिपो हैं जहां बसों की मुरम्मत, टॉयर की जांच, बसों की कमानी की जांच व बसों की सभी प्रकार की मुरम्मत होती है ताकि बसों लोगों को सुरिक्षत उनके घर पहुंचा सके। लेकिन सभी वर्कशॉप में 100 प्रतिशत स्टाफ में से 20 प्रतिशत नियमित तकनीकी कर्मचारी हैं। अन्य 80 प्रतिशत कर्मचारियों का स्टॉफ पीसमील कर्मचारियों का है। ऐसें में बस वर्कशॉपस में आगामी दिनों में काम प्रभावित होगा।

हिन्दुस्थान समाचार/उज्जवल/सुनील


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