Custom Heading

कांग्रेस नेतृत्व विहिन पार्टी: मुकुल संगमा
-टीएमसी में शामिल होने के बाद संगमा ने कहा, देश की मुख्य विपक्षी पार्टी की योग्यता खो चुकी कांग्रेस
Mukul Sangma


-टीएमसी में शामिल होने के बाद संगमा ने कहा, देश की मुख्य विपक्षी पार्टी की योग्यता खो चुकी कांग्रेस

शिलांग, 25 नवम्बर (हि.स.)। कांग्रेस देश की मुख्य विपक्षी पार्टी की योग्यता खो चुकी है। कांग्रेस अब बिना नेतृत्व वाली पार्टी है। ऐसे में जनता की सेवा के लिए हमें कोई साधन नहीं मिल रहा था। दो बार मुख्यमंत्री और दो बार उपमुख्यमंत्री रहे मुकुल संगमा ने कहा कि उन्होंने जनसेवा के लिए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में शामिल होने का फैसला किया है। मुकुल ने आज शिलांग में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में अपने समेत कांग्रेस के 12 विधायकों के तृणमूल में शामिल होने की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि समूचे देश के साथ ही पूरा पूर्वोत्तर इस समय गहरे संकट में है। इस दौरान उन्हें जनता की सेवा करने का कोई मौका नहीं मिल रहा था। वे कुछ समय से तृणमूल के अखिल भारतीय महासचिव व सांसद अभिषेक बनर्जी, तृणमूल के राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर और नव तृणमूल सांसद सुष्मिता देव के साथ कई बैठकें कर चुके थे, जिसके बाद कांग्रेस से नाता तोड़ने का कड़ा फैसला किया।

मुकुल संगमा ने कहा कि वे बुधवार की रात मेघालय कांग्रेस के 11 विधायकों के साथ टीएमसी में शामिल हुए थे। टीएमसी में शामिल हुए 12 विधायकों में से आठ गारो पाहड़ा और चार खासी और जयंतिया पहाड़ जिले के हैं।

प्रासंगवश संगमा ने कहा कि उन्हें विश्वास था कि 2018 में राज्य विधानसभा चुनाव में कांग्रेस उनके नेतृत्व में सरकार बनाएगी। लेकिन, ऐसा संभव नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सदस्यों को चुनाव के बाद काफी नुकसान हुआ है, हम विपक्ष की भूमिका निभाने में नाकाम रहे हैं। मुकुल संगमा ने इस सवाल का जवाब नहीं दिया कि वह शिलांग लोकसभा सीट के सांसद एवं मेघालय कांग्रेस अध्यक्ष विंसेंट एच पाला को पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने से नाराज होकर तृणमूल में शामिल हुए हैं। लेकिन, नाराजगी जताते हुए कहा कि मेघालय कांग्रेस में जान फूंकना उनके (विंसेंट) के लिए संभव नहीं है। सबको साथ लेकर चलने की उनके पास कोई मानसिकता नहीं है।

उल्लेखनीय है कि शिलांग के सांसद विंसेंट एच पाला को कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किए जाने के बाद संगमा पद छोड़ सकते हैं, इस बात को लेकर भी राज्य में काफी अटकलें लगाई जा रही थीं। पिछले कुछ दिनों से एक खबर थी कि मुकुल संगमा जल्द ही भाजपा में शामिल हो हो सकते हैं, लेकिन तमाम अटकलों को दरकिनार करते हुए और संगमा अपने सहयोगियों के साथ तृणमूल में शामिल हो गये, जिसके चलते राज्य की राजनीति में एक नया मोड़ आ गया है।

हिन्दुस्थान समाचार /समीप / अरविंद


 rajesh pande