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दो दिन बाद ही फिर पूर्व सीएम राजे पहुंची चित्तौड़गढ़ जिले में, बोली हमें फिर से मिल कर कमल खिलाना है
चित्तौड़गढ़, 25 नवम्बर (हि.स.)। प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे मंगलवार को श्री सांवलियाजी
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे


चित्तौड़गढ़, 25 नवम्बर (हि.स.)। प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे मंगलवार को श्री सांवलियाजी यात्रा के दो दिन बाद ही चित्तौड़गढ़ जिले में पहुंची। जिले की बेगूं विधानसभा में तेजपुर के निकट सभा को सम्बोधित किया। इस दौरान उन्होंने इसे धार्मिक यात्रा तो बताया लेकिन राजनीतिक सम्बोधन देने से भी नहीं चुकी। बाद में राजे बेगूं पहुंची जहां आचार्य महाश्रमण से आशीर्वाद लिया। यहां से वे राजपुरा गांव में पूर्व मंत्री चुन्नीलाल धाकड़ के आवास पर पहुंची। यहां उन्होंने धाकड़ के निधन पर परिजनों को सांत्वना दी।

मेवाड़ देव दर्शन यात्रा के तहत राजे गुरुवार को चित्तौड़गढ़ जिले के तेजपुर पहुंची। यहां हेलीपेड पर भाजपा नेताओं ने उनका स्वागत क़िया। हेलीपेड के निकट ही सभास्थल था। यहां जिला प्रमुख सुरेश धाकड़, पूर्व यूडीएच मंत्री कृपलानी आदि ने राजे का स्वागत। सभा में पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने अफीम किसानों का मुद्दा उठाते कहा कि अफीम के पट्टे वितरण में धांधली बाजी हो रही है। उसे हमने रोकने की कोशिश की थी और सही पट्टे सही जगह दिलाना का काम किया था। हम अब भी लगे हुए है। किसानों से उनका खाना मत छीनो। भले से ही हमारी सरकार नहीं है और कार्यकर्ताओं में पिछली असफलता को लेकर मन में टीस है लेकिन इस बार फिर साथ मिलकर कमल खिलाएंगे। उन्होंने कहा कि मैंने भाषणबाजी के लिए मना किया था लेकिन यह राजनेता लोग राजनीति के बिना नहीं रह सकते इसलिए यह सभा आयोजित कर दी। लेकिन मुझे आप लोगों के प्यार ने मजबूर कर दिया इसलिए मुझे आपके बीच आना ही पड़ा। उन्होंने आने विरोधियों पर निशाना साधते हुवे कहा कि सब कहते है की यह भगवान भरोसे चलती है। हां मैं चलती हूं लेकिन भगवान के भरोसे कौन नहीं चलता। मैं तो यह कहती हूं कि संत दर्शन से पहले ही मुझे आप लोगों के रूप में देव दर्शन हो गए।

आचार्य महाश्रमण से लिया आशीर्वाद

सभा के बाद राजे बेगूं पहुंची जहां, राजकीय विद्यालय में आचार्य महाश्रमण के दर्शन किए। पूर्व सीएम इस दौरान महाश्रमण महाराज के आगे नतमस्तक हो गई। धर्मसभा में आचार्य महाश्रमण ने कहा कि ग्रंथों से ज्ञान मिलता है तो संतों से सन्मति मिलती है। वसुंधरा से पहले भी मिलना हुआ था। उनका मेवाड़ आना हुआ था। उन्होंने कहा कि हम हर जगह तीन चीजों का प्रचार-प्रसार करते हैं। पहला सद्भावना, दूसरा नैतिकता और तीसरा नशा मुक्ति। विचार अलग-अलग हो कोई बात नहीं लेकिन मैत्री भावना होनी चाहिए। नैतिकता में इमानदारी रखो और ईमानदारी से काम करो। नशा मुक्ति में नशीले पदार्थों से दूर रहने के लिए बोला जाता है। राजनीतिक सेवा का एक माध्यम है। उसमें हमेशा शुद्धता रखनी चाहिए, तभी राजस्थान का भौतिक और आर्थिक विकास हो पाएगा। धर्मसभा में पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने कहा कि महाश्रमण के 10 साल पहले दर्शन हुए थे। आज फिर से एक बार मौका मिला तो खुशी हुई। उस समय जब उनके दर्शन हुए थे तब उनके मेवाड़ आगमन का समय था लेकिन अब मेवाड़ से विहार का समय है। यह बहुत बड़ी बात है कि 18 हजार किलोमीटर चल कर वह मेवाड़ में पहुंचे हैं। यहां पर उन्होंने अपना आशीर्वाद दिया। राजे ने कहा कि लोगों के बीच में दीवारें होती है, झगड़े होते तो ऐसे में मानव विकास संभव नहीं होता। जब तक मानव विकास नहीं होगा तो वह समाज का विकास कैसे करेगा। राजस्थान को आगे बढ़ना है तो इस मैसेज को साथ में लेकर चलना पड़ेगा। उन्होंने महाश्रमण से कहा कि आपके सामने तो सब हां हां बोलते हैं लेकिन बाद में अकेले में एक दूसरे से बात नहीं करते हैं। नैतिकता का हमेशा ध्यान रखना चाहिए। राजनीति और समाज के सुधार के लिए नैतिकता का होना जरूरी है। उम्मीद करने से पहले खुद में सुधार लाना चाहिए।

पूर्व मंत्री धाकड़ के आवास पर पहुंच कर जताया शोक

धर्म सभा के बाद राजे राजपुरा गांव पहुंची। यहां पर उन्होंने पूर्व मंत्री दिवंगत चुन्नीलाल धाकड़ के आवास पर पहुंच कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। राजे ने धाकड़ की तस्वीर पर पुष्प चढ़ाए। इस दौरान पूर्व यूडीएच मंत्री श्रीचंद कृपलानी, जिला प्रमुख सुरेश धाकड़ भी हैं साथ।

हिंदुस्तान समाचार/अखिल/ ईश्वर


 rajesh pande