Custom Heading

कपड़ों की खरीद-फरोख्त घोटाले के मामले में दो आरोपित गिरफ्तार
नई दिल्ली, 25 नवंबर (हि.स.)। एम्स के राजेंद्र प्रसाद आई सेंटर में कपड़ों की खरीद-फरोख्त घोटाले के मा
कपड़ों की खरीद-फरोख्त घोटाले के मामले में दो आरोपित गिरफ्तार


नई दिल्ली, 25 नवंबर (हि.स.)। एम्स के राजेंद्र प्रसाद आई सेंटर में कपड़ों की खरीद-फरोख्त घोटाले के मामले में दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो और लोगों को बुधवार गिरफ्तार कर लिया। स्टोर कीपर बिजेंदर कुमार (52) और प्रोग्राम असिस्टेंट नवीन कुमार (33) को अलग-अलग जगह से गिरफ्तार किया गया। मामला का खुलासा होने के बाद से ही दोनों फरार चल रहे थे। कोविड काल में आरोपितों ने राजेंद्र प्रसाद आई सेंटर में इस्तेमाल होने वाले कॉटन के कपड़ों व अन्य सामान की खरीद-फरोख्त में निजी कंपनी के साथ मिलकर घोटाला किया।

पुलिस निजी कंपनी की मालिक स्नेहा (59) को पहले ही अक्तूबर में गिरफ्तार कर चुकी थी। आरोपितों ने बिना सामान दिए कागजों पर सामान की खरीद दिखाकर उसकी पेमेंट भी रिलीज कर दी थी। अब पुलिस पकड़े गए आरोपितों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा के सूत्रों का कहना है कि मामले में कई और बड़े नाम भी शामिल हो सकते हैं।

आर्थिक अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आरके सिंह ने बताया कि सितंबर 2021 में एम्स के राजेंद्र प्रसाद आई सेंटर के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनूप डागा ने ठगी की शिकायत आर्थिक अपराध शाखा से की थी। डॉ. अनूप ने अपनी शिकायत में पांच करोड़ की ठगी के आरोप लगाए थे। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर छानबीन की तो ठगी की रकम बढ़कर 13.85 करोड़ रुपये हो गई। डॉ. अनूप का कहना था कि आरोपितों ने निजी कंपनी स्नेहा इंटरप्राइजेज से करोड़ों रुपये का सामान खरीदा था।

इसके लिए बकायदा सामान की जरूरत पैदा कर उसको मंगवाने की प्रक्रिया की गई। बिना माल पहुंचे ही माल की रिसीविंग दिखाकर पेमेंट रिलीज भी कर दी गई। एम्स प्रशासन को इसका पता चला तो मामले की शिकायत हुई। आर्थिक अपराध शाखा ने मामला दर्ज कर छानबीन की तो पता चला कि स्टोर कीपर बिजेंदर कुमार और राजेंद्र प्रसाद आई सेंटर के पूर्व निदेशक डॉक्टर अतुल कुमार से अटेच उनका प्रोग्राम असिस्टेंट इस पूरी वारदात का मास्टर माइंड है। इंस्पेक्टर दिनश दहिया व अन्यों की टीम ने खरीद-फरोख्त के बिल चेक किए तो उसमें गड़बड़ी पाई गई।

छानबीन के बाद पुलिस ने 29 अक्तूबर को निजी कंपनी की मालिक स्नेहा को गिरफ्तार लिया। इसके बाद से लगातार आरोपित बिजेंदर और नवीन फरार चल रहे थे। छानबीन के बाद पुलिस की टीम ने बुधवार को दोनों को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। आरोपितों को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से पुलिस रिमांड पर लेकर उनसे पूछताछ जारी है। दोनों से पूछताछ के बाद अस्पताल से जुड़े कुछ और बड़े नामों का खुलासा हो सकता है। आरोपित नवीन अस्पताल का अस्थाई कर्मचारी है।

हिन्दुस्थान समाचार/अश्वनी


 rajesh pande