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बीएसटीसी धारी ही योग्य : बीएसटीसी बीएड विवाद पर हाईकोर्ट का निर्णय
जोधपुर, 25 नवम्बर (हि.स.)। राजस्थान में बीएसटीसी-बीएड विवाद मामले में गुरुवार को हाईकोर्ट ने फैसला द
बीएसटीसी धारी ही योग्य : बीएसटीसी बीएड विवाद पर हाईकोर्ट का निर्णय


जोधपुर, 25 नवम्बर (हि.स.)। राजस्थान में बीएसटीसी-बीएड विवाद मामले में गुरुवार को हाईकोर्ट ने फैसला दे दिया है। हाईकोर्ट ने रीट लेवल-1 में बीएसटीसी वाले अभ्यर्थियों को ही योग्य माना है, यानी लेवल-1 में शामिल हुए 9 लाख अभ्यर्थियों को इससे बाहर कर दिया है। अब यह पद केवल बीएसटीसी योग्यताधारी अभ्यर्थियों से ही भरे जाएंगे।

इससे पहले हाईकोर्ट ने बुधवार को इस मामले में सभी पक्षकारों का पक्ष सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस मामले में मुख्य न्यायाधीश की कोर्ट ने तीन दिन तक रोजाना ढाई से तीन घंटे तक सुनवाई की। इस मामले में एनसीटीई, बीएड योग्यता धारकों, बीएसटीसी योग्यता धारकों और राज्य सरकार ने अपना अपना पक्ष रखा था।

इस मामले में राजेन्द्र चोटिया व अन्य लोगों ने याचिका लगाई थी। याचिका में बीएसटीसी अभ्यर्थियों ने लेवल-1 से बीएड धारकों को बाहर करने और बीएसटीसी अभ्यर्थियों को शामिल करने की मांग की थी। कोर्ट में एनसीटीई के नोटिफिकेशन को भी चुनौती दी गई थी। मुख्य न्यायाधीश अकील कुरैशी और न्यायाधीश सुदेश बंसल की खंड पीठ में मामले की सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया। हाईकोर्ट ने एनसीटीई का नोटिफिकेशन भी रद्द कर दिया है।

हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद बीएसटीसी योग्यताधारियों में उत्साह है। कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए बीएसटीसी संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष महेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि संघर्ष की जीत हुई है। पिछले 46 दिन से बीएसटीसी अभ्यर्थी जयपुर में शहीद स्मारक पर आंदोलन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार ने इस पूरे मामले में जिस तरह से बीएसटीसी अभ्यर्थियों के पक्ष में मजबूती से पैरवी की है। इसके लिए बीएसटीसी अभ्यर्थी राजस्थान सरकार के आभारी हैं।

उल्लेखनीय है कि राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा (रीट) लेवल -1 में बीएसटीसी के साथ बीएड डिग्री धारक को भी योग्य माने जाने पर प्रतिस्पर्धा बढ़ गई थी। ऐसे में बीएसटीसी के इस लेवल के योग्य अभ्यर्थी वंचित रह रहे थे। इस फैसले के बाद बीएसटीसी के उन अभ्यर्थियों को फायदा होगा जो इसमें योग्य है। कॉम्पिटिशन कम होने से बीएसटीसी के अभ्यर्थियों की भर्ती होगी।

राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीईटी) के 2018 सर्कुलर के अनुसार बीएड धारकों को प्राथमिक शिक्षा के लिए योग्य माना गया था। वहीं, बीएसटीसी धारकों की ओर से बीएड वालों को रीट लेवल प्रथम में शामिल नहीं करने को लेकर याचिकाएं दायर की गई थी जिस पर लगातार तीन दिन के सुनवाई के बाद बुधवार को मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ में सुनवाई पूरी होकर फैसला सुरक्षित रखा गया था।

हिन्दुस्थान समाचार/ सतीश/ ईश्वर


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