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निराला की कविताओं में थी गरीब,कमजोर के अंत्योदय की बात- अरुण दीक्षित
उन्नाव, 16 अक्टूबर (हि.स.)। महाप्राण पंडित सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की पुण्यतिथि पर उनके पैतृक गांव
निराला की कविताओं में थी गरीब,कमजोर के अंत्योदय की बात- अरुण दीक्षित


उन्नाव, 16 अक्टूबर (हि.स.)। महाप्राण पंडित सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की पुण्यतिथि पर उनके पैतृक गांव गढाकोला में शनिवार को वरिष्ठ भाजपा नेता अरुण कुमार दीक्षित ने उनकी प्रतिमा पर माल्यापर्ण किया। इस मौके उन्होंने कहा कि निराला जी हिंदी के विश्व विख्यात कवि थे। उनकी काव्य रचनाओं में कमजोर, गरीब, अंत्योदय की बाते थी।

निराला जी ने जब अपनी रचनाओं में कमजोर, गरीब, अंत्योदय की बात की, तब देश में अंग्रेजों का राज था। उस समय की परिस्थितियां कैसी रही होगी। बड़े लोगों की बाते लोग उनके जीते जी नहीं माने। उनके न रहने पर उनके विचार लोगों के लिये प्रेरणादायक बने।

उन्होंने समाज के लिये लगातार काम किया। आज हम शान से कहते हैं कि निराला जी हमारे जनपद के थे। हिन्दी काव्य बगैर निराला जी के अधूरा है। निराला जी के नाम से हमारी पहचान है। जब हम बाहर जाते हैं तो कोई पूछता है कि आप कहा से तो हम शान से निराला जी का नाम लेते हैं कि हम वहा से हैं। निराला जी ने हम सबको मान सम्मान दिलाया। आज उनको सम्मान देने के लिये उनकी ही जन्म भूमि पर उनके नाम से एक बड़ा पुस्तकालय व वाचनालय लगभग बन चुका है, जो आने वाली पीढ़ियां उनके बारे में जानेगी। उनके जैसा बनने का प्रयास करेगी।

इस मौके पर मंडल अध्यक्ष अतुल पटेल, अजय बाजपेई, आरएन सिह, उमाशंकर यादव रिंकू, लाला तिवारी सहित कई लोग उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार/अरुण


 rajesh pande