Hindusthan Samachar
Banner 2 सोमवार, नवम्बर 19, 2018 | समय 09:06 Hrs(IST) Sonali Sonali Sonali Singh Bisht

...यहां विकास के पक्ष में मतदान करते हैं 'हिन्दी भाषी मतदाता'

By HindusthanSamachar | Publish Date: Nov 8 2018 6:42PM
...यहां विकास के पक्ष में मतदान करते हैं 'हिन्दी भाषी मतदाता'
-आमोद कान्त मिश्र हैदराबाद, 08 नवम्बर (हि.स.)। हैदराबाद की 15 सीटों में से अधिकांश पर उम्मीदवारों की हार-जीत का फैसला ''हिन्दी भाषी'' मतदाताओं के रुख पर निर्भर रहता है। इनमें अधिकांश वे हैं, जिनके परिवारीजन कुछ दशकों पूर्व यहां बस गए और अब यहां इनके पतिवारीजन मतदाता हैं। हालांकि अधिकांश का मानना है कि हिन्दी भाषी मतदाता बिना किसी राजनीति से प्रेरित हुए ही विकास के पक्ष में मतदान करता है। हैदराबाद एक ऐसा शहर है, जहां रोजगार की कमी नहीं है। यहां जो भी आया, विकास के साथ हो लिया और खुद का भी विकास करने में जुट गया। विकास की राह पर चल पड़े हिन्दी भाषियों और अपनी धुन में रहने व जीने वाले हैदराबादियों के साथ कब प्रगाढ़ता बढ़ गई, पता ही नह अब ये हिन्दी भाषी यहीं के होकर रह गए हैं। तेलंगाना की राजनीति में इनकी अच्छी खासी भागीदारी भी है और कुछ हद तक इनके वोट ही उम्मीदवारों की हार-जीत का फैसला करते हैं। हैदराबाद के इंडस्ट्रियल एरिया में शुमार मल्लापुर, कटेदान गढ़, जेडी मेटाला, बालानगर, पठान शेरू, कुकटपल्ली आदि इलाकों में हिन्दी भाषियों की तूती बोलती है। लाखों की संख्या में बसे हिन्दी भाषी विकास को गति देने वाली पार्टी के पक्ष में मतदान करते हैं। यही वजह है कि हर पार्टी का उम्मीदवार इनसे संपर्क कर वोट मांगना नहीं भूलता। इनके सुख-दुख का सहभागी बन कर इन्हें अपनत्व महसूस करने में भी कोताही नहीं करता है। उत्तर प्रदेश के निवासी और नाचाराम में व्यवसाय करने वाले धर्मेंद्र सिंह बताते हैं कि हैदराबाद की लगभग सभी सीटों पर भाग्य आजमा रहे उम्मीदवार हिन्दी भाषियों की उपेक्षा नहीं करते। वजह, इनकी बड़ी संख्या है। देश के लगभग सभी हिन्दी भाषी प्रान्तों के लोग यहां हैं। बिहार प्रान्त के सीवान निवासी रामबहादुर प्रसाद नाचाराम में रहते हैं। वे यहां पिछले 18 वर्षों से एक फैक्ट्री में कार्यरत हैं। सुपरवाइजर रामबहादुर की मानें तो यहां भाषा को लेकर कभी कोई बहस नहीं हुई। जिन हिन्दी भाषियों को यहां मतदान का अधिकार है, उन्होंने भी कभी इस ओर ध्यान नहीं दिया। केवल विकास की राह पर चलने वाले का साथ दिया। यहां जितने भी लोग आये हैं, वे विकास करने ही आए हैं। हिन्दुस्थान समाचार/आमोद/सुनीत
image