Hindusthan Samachar
Banner 2 सोमवार, नवम्बर 19, 2018 | समय 08:45 Hrs(IST) Sonali Sonali Sonali Singh Bisht

महाकूटमी पर संशय, हनीमून से पहले ही तलाक की नौबत!

By HindusthanSamachar | Publish Date: Nov 6 2018 4:20PM
महाकूटमी पर संशय, हनीमून से पहले ही तलाक की नौबत!
-आमोद कान्त मिश्र हैदराबाद, 06 नवम्बर (हि.स.)। तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के खिलाफ बन रहे महाकूटमी (महागठबंधन) में चुनाव से पहले ही दरार पड़नी शुरू हो गई है। एक ओर कांग्रेस के अंदर ही महाकूटमी के खिलाफ आक्रोश उभरने लगा है तो दूसरी ओर संभावित घटक दलों ने भी बागी रुख अख्तियार कर लिया है। भाकपा ने नौ सीटों से अपने उम्मीदवार खड़ा करने की घोषणा की है तो तेलगू देशम पार्टी (टीडीपी) ने अभी से ही मुख्यमंत्री पद की दावेदारी भी ठोंक दी है। इससे सीट बंटवारे को लेकर उपजा मतभेद समाप्त होने का नाम नहीं ले रहा है, जबकि 07 नवम्बर से ही नामांकन की प्रक्रिया शुरू होनी है। हालात यह है कि हनीमून से पहले ही तलाक की नौबत आ गयी है। टीआरएस को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाने के लिए कांग्रेस की अगुवाई में महाकूटमी बना रहा है, लेकिन कांग्रेस ही अपनों से जूझ रही है। हालात यह है कि कांग्रेस प्रभारी आरसी खूंटिया को पार्टी से टिकट मांगने वाले नेताओं को कुछ दिन और इंतजार करने को कहना पड़ा है। बावजूद इसके समस्या थम नहीं ले रही बल्कि बढ़ती ही जा रही है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि खूंटिया द्वारा टिकट की बजाय जीत पर ध्यान केंद्रित करने की नसीहत टिकट दावेदारों को रास नहीं आ रही। दावेदारों के दबाव की राजनीति अब भी जारी है। इधर, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के प्रदेश महासचिव चाडा वेंकट रेड्डी ने साफ तौर पर कहा है कि 09 सीटें मिलने पर ही भाकपा महाकूटमी में बारे में विचार करेगी। सम्मानजनक समझौता होने पर ही महाकूटमी पर विचार होगा। भाकपा ने नौ सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा भी कर दी है। इनमें कोत्तागुडम, वैरा, हुसैनाबाद, बेल्लमपल्ली, आलेरु, मुनुगोडु, मंचिर्याल, देवरकोंड और पिनपाका शामिल हैं। प्रदेश की तेलंगाना जन समिति (टीजेएस) ने कांग्रेस के सामने 10 सीटों की मांग कर महागठबंधन की सफलता पर सवाल खड़ा कर दिया है। टीजेएस अध्यक्ष प्रो. कोदंडराम ने ''अब जनता महागठबंधन के महत्व को समझ गयी है'', कहकर दबाव बनाने का पूरा प्रयास किया है। उन्होंने संकेतों में यह साफ कर दिया है की अगर कांग्रेस खुद के बल पर चुनाव जीतना चाहती है तो मन से निकाल दे। जनता महाकूटमी को मजबूत मान रही है और कांग्रेस को टीजेएस की मांग को मान लेनी चाहिए। टीडीपी द्वारा मुख्यमंत्री पद पर दावा ठोंककर महाकूटमी की समस्या को और बढ़ा दिया है। टीडीपी के वरिष्ठ नेता आर. प्रकाश रेड्डी ने पार्टी की ओर से टी. हरीश राव को मुख्यमंत्री के तौर पर पेश कर लामबंदी भी शूरू कर दी है। बता दें कि कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सीपीआई) और तेलंगाना जन समिति (टीजेएस) के नेता दीपावली के पहले ही इस गुत्थी को सुलझाने के पक्ष में थे। सीट बंटवारे के मामले को पहले ही सुलझाकर एक मजबूत राजनैतिक गठबंधन में रूप में जनता के सामने आने का दबाव बना रहे थे। बावजूद इसके कांग्रेस के नेता इस मसले पर टालमटोल करते रहे। हालांकि तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (टीपीसीसी) के प्रदेश अध्यक्ष एन. उत्तम कुमार रेड्डी ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि महाकूटमी से कोई भी दल बाहर नहीं जाने वाला है। संबंधित घटक दलों के नेताओं के साथ बातचीत चल रही है। मंगलवार को इसे सुलझा लिया जाएगा। दिल्ली में होने वाली स्क्रीनिंग कमेटी के फैसले को सभी घटक दल स्वीकार कर लेंगे। बावजूद इसके महाकूटमी पर छाए संशय के बादल को छांटने की कोशिशें भी जारी हैं। कुछ दलों ने कांग्रेस की अगुवाई में बन रही महाकूटमी के प्रति अपना समर्थन भी जताया है। इनमें इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएलएम) जैसे दल शामिल हैं। हिन्दुस्थान समाचार/आमोद/सुनीत
image