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शिमला में सेब की पैदावार कम होने का अनुमान, बागवानों को झटका

By HindusthanSamachar | Publish Date: Jun 13 2018 6:29PM
शिमला में सेब की पैदावार कम होने का अनुमान, बागवानों को झटका

शिमला, 13 जून (हि.स.)। सेब की फसल के लिए विख्यात शिमला जिले में इस बार सेब की कम पैदावार का अनुमान है। सर्दियों में कम बर्फ गिरने ओर उसके बाद एकाएक आए मौसम में बदलाव के कारण सेब की फसल प्रभावित हुई है। सेब की पैदावार इस बार एक करोड़ पेटी से नीचे रहने की संभावना है और बागवानों के लिए यह करारा झटका है। 15 जुलाई से आरंभ हो रहे सेब सीजन की तैयारियों को लेकर आज यहां बचत भवन में आयोजित बैठक में जिला उपायुक्त अमित कश्यप ने बताया कि इस वर्ष सेब सीजन के दौरान लगभग 98 लाख सेब पेटी उत्पादन का अनुमान है। उन्होंने कहा कि सीजन के दौरान ढुलाई की दरें सभी उपमंडलाधिकारियों द्वारा, विभिन्न बागवान संगठनों और ट्रांसपोर्ट यूनियनों से समन्वय के बाद निर्धारित की जाएंगी तथा सभी उपमंडलाधिकारी इस बारे में 10 दिन के भीतर उपायुक्त को अपनी रिपोर्ट देंगे। उन्होंने कहा कि सेब सीजन के दौरान व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए 15 जुलाई से 31 अक्तूबर, 2018 तक फागू में मुख्य नियंत्रक कक्ष खोला जाएगा। नारकंडा, खड़ापत्थर, नैना (बलग के पास) फेडजपुल व कुड्डु और रामपुर में संबंधित उपमंडलाधिकारियों द्वारा सब कंट्रोल रूम स्थापित किये जाएंगे। सेब की ढुलाई वाले ट्रकों के चालकों व क्लीनरों के पहचान-पत्र बनाये जाएंगे और इसके लिए 150 रुपये की फीस निर्धारित की गई है। पिकअप वाहन के ड्राइवरों के लिए यह राशि 100 रुपये निर्धारित की गई है। उन्होंने एपीएमसी को निर्देश दिये कि वह संबंधित उपमंडलाधिकारी के समन्वय के साथ कार्य करेंगे तथा बागवानों से किसी भी तरह की धोखाधड़ी को रोकने के लिए सख्त मापदंड अपनाए जाएंगे। उपायुक्त ने एचपीएमसी और हिमफैड को बागवानों के लिए पर्याप्त संख्या में गुणवत्ता वाले कार्टन उपलब्ध करवाने के निर्देश दिये हैं। पड़ोसी राज्यों से सेब ढुलाई के लिए आने वाले ट्रकों को गुडस टैक्स से छूट का मामला प्रदेश सरकार के समक्ष रखा गया है और हर वर्ष सरकार द्वारा एक अगस्त से 31 अक्टूबर तक इस कर में छूट प्रदान की जाती है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को सभी मुख्य तथा सम्पर्क सड़कों की मरम्मत करने के निर्देश दिये तथा कहा कि जिन स्थलों में मलवा इत्यादि गिरने से यातायात में बाधा उत्पन्न होती है, उन स्थानों पर पर्याप्त संख्या में मशीनरी तैनात की जाए। उन्होंने एचपीएमसी व हिमफैड को निर्धारित समय में पर्याप्त संख्या में कलेक्शन सेंटर खोलने के निर्देश दिये, ताकि बागवानों को इससे संबंधित कोई असुविधा न हो। अमित कश्यप ने कहा कि बागवानों को सेब सीजन के दौरान किसी तरह की समस्या हो तो वह संबंधित उपमंडलाधिकारी से सीधे संपर्क कर इस बारे में जानकारी दें। प्रशासन द्वारा उनकी समस्याओं का हल करने के लिए समयबद्ध कदम उठाये जाएंगे। पुलिस अधीक्षक शिमला ओमापति जमवाल ने कहा कि सेब सीजन के दौरान पुलिस विभाग द्वारा प्रत्येक नियन्त्रण कक्ष में 30-30 जवानों की तैनाती की जाएगी तथा 100 से अधिक जवान यातायात व्यवस्था के लिए तैनात किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि आवश्यकता के आधार पर इसके लिए पुलिस जवानों की संख्या बढ़ाई भी जाएगी। उन्होंने बागवानों से आग्रह किया कि यदि किसी सेब खरीददार के बारे में उन्हें किसी भी तरह का संदेह हो तो वह इस बारे में तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि बागवानों से कोई भी व्यक्ति किसी तरह की धोखाधड़ी न कर सके। पुलिस द्वारा ट्रकों की पूर्ण जांच सुनिश्चित की जाएगी तथा ट्रकों के चेसिस नंबर भी सत्यापित किये जाएंगे। इस अवसर पर विभिन्न बागवान संगठनों तथा ट्रांसपोर्ट यूनियनों के पदाधिकारियों ने भी अपने सुझाव दिये। हिन्दुस्थान समाचार/उज्जवल/दधिबल

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