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दुमका कोषागार से जुड़े चारा घोटाला के दो मामलों में बिहार के मुख्य सचिव आरोपी

By HindusthanSamachar | Publish Date: Mar 13 2018 7:01PM
दुमका कोषागार से जुड़े चारा घोटाला के दो मामलों में बिहार के मुख्य सचिव आरोपी
पटना,13 मार्च (हि.स.)| बिहार के मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह की बर्खास्तगी की मांग को लेकर प्रतिपक्ष सदन और सदन के बाहर राज्य में आन्दोलन कर रहा है | बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर अंजनी कुमार सिंह को संरक्ष्ण देने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को विधान मंडल परिसर में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए यहाँ नीतीश कुमार भ्रष्ट अधिकारियों को बचा रहे हैं | साथ ही उन्हें उच्च पदों पर सुशोभित भी कर रहे हैं | उन्होंने कहा कि अपनी मर चुकी अंतरात्मा की आवाज़ को जगाते हुए नीतीश कुमार को अंजनी कुमार सिंह को सीबीआई कोर्ट के आदेश के आलोक में बर्खास्त कर देना चाहिए | साथ ही अपने पद से भी नैतिक जिम्मेवारी लेते हुए इस्तीफा दे देना चहिये | उल्लेखनीय है कि सीबीआई के विशेष जज शिवपाल सिंह की अदालत ने दुमका कोषागार से अवैध निकासी से संबंधित एक मामले में मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह को 28 मार्च को अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया गया है जबकि इसी कोषागार के एक अन्य मामले में सीबीआई को मुख्य सचिव से संबंधित विभागों के अधिकारियों से अभियोजन स्वीकृति लेकर 12 अप्रैल तक कोर्ट में जमा करने को कहा गया है। अंजनी कुमार सिंह को दुमका कोषागार के कांड संख्या आरसी 45 ए / 96 तथा आरसी 38 ए / 96 में आरोपी बनाया गया है | आरसी 45ए / 96 मामला वर्ष 1991-92 व 1993-94 में दुमका कोषागार से 17 करोड़ 73 लाख 37 हजार 561 रुपए की अवैध निकासी से जुड़ा है। अंजनी कुमार सिंह 1991-92 में दुमका के डेवलपमेंट कमिश्नर ( विकास आयुक्त ) थे और उन्होंने यह आदेश जारी किया था कि कोषागार से एक लाख रुपए से अधिक की निकासी नहीं होगी। उनके इसी आदेश का फायदा उठाकर आपूर्तिकर्ता एक लाख रुपए से कम के बिल की निकासी करने लगे। आरोप के अनुसार इस बात की जानकारी के बावजूद अंजनी कुमार सिंह ने अपने पद पर रहते हुए कोई कार्रवाई नहीं की और अवैध निकासी पर रोक नहीं लगाई | कार्यवाई नहीं करने के बावजूद सीबीआई ने उन्हें आरोपी नहीं बनाया। इसी मामले में 12 मार्च को सुनवाई करते हुए सीबीआई के विशेष जज शिवपाल सिंह की अदालत ने अंजनी कुमार सिंह को को सीआरपीसी की धारा 319 के तहत आरोपी बनाते हुए समन जारी किया | अंजनी कुमार सिंह के अलावा सात अन्य को भी इस मामले में नोटिस जारी किया गया है। इसी मामले में सीबीआई के तत्कालीन इंस्पेक्टर अजय कुमार झा (वर्तमान एएसपी सीबीआई) को कोर्ट ने घोटाला उजागर होने के बाद भी तत्कालीन डीसी अंजनी कुमार सिंह को अभियुक्त नहीं बनाया। जांच में पाया गया कि शिव पटवारी, नरेश प्रसाद द्वारा राशि का गबन करने के बावजूद उन्हें सरकारी गवाह बनाया गया। साथ ही सीबीआई ने ऐसा कोई साक्ष्य पेश नहीं किया जो सीआरपीसी की धारा 306 को संपुष्ट करता है। चारा घोटाले के दुमका कोषागार से 3.76 करोड़ रुपए की अवैध निकासी से जुड़े कांड संख्या आरसी 38ए/96 में अंजनी कुमार सिंह पर आरोप है कि वर्ष 1995-96 में दुमका के उप आयुक्त रहते हुए उन्होंने कोषागार से 3.76 करोड़ों रुपए की अवैध निकासी होने दिया | इस मामले में मार्च के प्रथम सप्ताह में सुनवाई करते हुए सीबीआई की विशेष अदालत ने अंजनी कुमार सिंह को 28 मार्च को अदालत में हाजिर होने का निर्देश दिया है। इस मामले में अंजनी कुमार सिंह के अलावा बिहार और झारखंड के सेवानिवृत्त मुख्य सचिव वीएस दुबे, बिहार के सेवानिवृत्त डीजीपी डीपी ओझा और सीबीआई के एडिशनल एसपी एके झा को भी नोटिस जारी किया गया है। इनके अलावा सप्लायर दीपेश चांडक, शिव कुमार पटवारी और फूलचंद झा को भी नोटिस भेजा गया है। इन सभी पर चारा घोटाले में शामिल होने के आरोप में धारा 319 के तहत नोटिस जारी कर उन्हें 28 मार्च को अदालत में उपस्थित होने को कहा गया है | इस बीच बिहार के पूर्व मुख्य सचिव वीएस दूबे ने सीबीआई कोर्ट के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आदेश को खारिज करने का आग्रह किया है। सीबीआई की विशेष अदालत ने अधिकारियों को पद का दुरुपयोग करने का आरोपी पाया है | कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि महेंद्र प्रसाद ने अपनी पत्नी सरस्वती देवी के नाम एसआर इंटरप्राइजेज नामक की कंपनी बनायी थी जिसका लेखा-जोखा महेंद्र प्रसाद ही देखते थे। सीबीआई ने आरसी 20ए-96 में महेंद्र प्रसाद को अभियुक्त बनाया, मगर उनकी पत्नी सरस्वती देवी को अभियुक्त नहीं बनाया। वहीं सरस्वती देवी को कंपनी का मालिक बताते हुए आरसी 45ए-96 में दोनों को अभियुक्त बनाया गया है। सीबीआई के एडिशनल एसपी एके झा चारा घोटाले में राजनीतिज्ञों से जुड़े सबसे बड़े मामले आरसी 20ए/96 के जांच अधिकारी रहे हैं। उल्लेखनीय है कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव चारा घोटाला मामले में दोषी पाये जाने के बाद रांची के होटवार जेल में फिलहाल बंद हैं । हिन्दुस्थान समाचार / रजनी/शंकर
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