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प्रो कबड्डी लीग की टीम पुनेरी पल्टन के कप्तान दीपक हुड्डा का मानना है कि अब युवा खिलाड़ियों का भविष्य कबड्डी में काफी अच्छा है।

By HindusthanSamachar | Publish Date: Sep 22 2017 6:02PM
कबड्डी में युवाओं का भविष्य काफी अच्छा :  दीपक हुड्डा

 नई दिल्ली, 22 सितम्बर (हि.स.) । प्रो कबड्डी लीग की टीम पुनेरी पल्टन के कप्तान दीपक हुड्डा का मानना है कि अब युवा खिलाड़ियों का भविष्य कबड्डी में काफी अच्छा है। उन्होंने युवा खिलाड़ियों को सलाह देते हुए कहा कि युवा मेहनत करें। फिटनेस पर ज्यादा ध्यान दें। लंबा खेलना है तो फिटनेस पर ज्यादा ध्यान देना होगा। कुल मिलाकर अब कबड्डी में खिलाड़ियों का भविष्य काफी अच्छा है।

प्रो कबड्डी लीग के पांचवें संस्करण के लंबे प्रारूप पर दीपक ने कहा कि बड़े प्रारूप से खिलाड़ियों को काफी फायदा मिला है। उन्होंने कहा कि छोटे प्रारूप में खिलाड़ियों के चोटिल होने की आशंका ज्यादा होती है, जबकि बड़ा प्रारूप से होने से खिलाड़ियों को आराम भी है और खिलाड़ी चोटिल भी कम हो रहे हैं। दीपक ने हिन्दुस्थान समाचार एजेंसी से कबड्डी के प्रारूप में आए बदलाव और उसकी लोकप्रियता को मिले नए मंच के बारे में खास बातचीत में उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी बात ह है कि हर टीम के पास ज्यादा विकल्प हो गये हैं। खासकर खिलाड़ियो के रोटेशन में। साथ ही बड़े खिलाड़ियों  में दबाव भी कम होता है। 

लीग के सबसे मजबूत विपक्षी टीम के बारे में पूछने पर दीपक ने कहा कि लीग में सभी टीमें अपने आप में ताकतवर है। यही बात आपके कड़े प्रतिद्वंद्वी पर भी लागू होती है। जो टीम और खिलाड़ी जिस दिन अच्छा खेल जायें उसी दिन वह कड़ें प्रतिद्वंद्वी हैं।

प्रो कबड्डी लीग के कारण जीवन में बदलाव पर दीपक ने कहा कि लीग के कारण अब मुझे काफी अच्छी पहचान मिली है।  कबड्डी लीग के कारण लोग अब कबड्डी में रूचि लेने लगे हैं। पहले कोई नहीं जानता था हमे, अब लोग हमे जानते है और हमारे साथ फ़ोटो खिंचवाते है।

संघर्ष पूर्ण था शुरूआती जीवन

दीपक ने अपने शुरूआती जीवन के बारे में बताते हुए कहा कि जब मैं 4 साल का था तो मेरी माँ का स्वर्गवास हो गया था, उसके बाद मेरे पिताजी थे जिनका स्वर्गवास हुये भी 4 साल हो गए। मेरे घर पर सबकुछ करने वाला मैं ही था। काफी सालों से मेरे पिताजी थोड़े बीमार ही रहते थे।  मैंने कबड्डी खेलने की शुरूआत 8 साल पहले रोहतक के पास अपने गाँव चमारिया से की थी। मैं अपने गाँव में कबड्डी के मैच खेलता था। उस समय मैं 12वीं क्लास में था। उसी समय मेरी बहन मेरे पास आ गय़ी। मैं कबड्डी सिखने के लिए रोहतक जाना पड़ता था। मैंने पैक्टिस के साथ जॉब भी करना शुरू किया। मैंने उधार लेकर बाइक खरीदा। घर चलाने के लिए प्राइवेट स्कूल में नौकरी की। सुबह तीन बजे उठता था। साढ़े 6 बजे तक प्रैक्टिस करने के बाद फिर मैं स्कूल जाता। उसके बाद शाम को बाइक लेकर दूसरे गांवों में खेलने जाता था। डेढ़ साल तक मेरा यही काम रहा पर इससे मेरे गेम में काफी सुधार आ गया।

इसके बाद मैंने 4 साल पहले मैंने प्रोफेशनल लेवल पर कबड्डी खेलना शुरू किया था। मैं 2014 में सीनियर नेशनल लेवल टूर्नामेंट पटना में खेला था और वहाँ गोल्ड मेडल जीता था। वहीं से मेरा प्रो कबड्डी लीग के लिए चयन हुआ मेरी पहली टीम तेलुगु टाइटन्स थी।

दीपक को रेडिंग मशीन के रूप में जाना जाता है। वह एकमात्र खिलाड़ी हैं, जिन्हें पुनेरी पल्टन ने इस सीजन में अपनी टीम में बनाये रखा है।  दीपक पहले दो सत्रों के लिए तेलुगु टाइटन्स का हिस्सा थे।  इशके बाद से वह पुनेरी पल्टन के लिए ही खेल रहे हैं।  दीपक वर्तमान में एयर इंडिया के लिए खेलते हैं। वह 2016 दक्षिण एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक विजेता भारतीय टीम के सदस्य थे। इसके अलावा वह 64 वें सीनियर नेशनल कबड्डी चैम्पियनशिप 2016 में जयपुर टीम का हिस्सा थे।

हिन्दुस्थान समाचार/सुनील

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