Hindusthan Samachar
Banner 2 गुरुवार, अगस्त 16, 2018 | समय 12:32 Hrs(IST) Sonali Sonali Sonali Singh Bisht

बिहार में बीएड पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए होगा अब ‘कॉमन इन्टरेंस टेस्ट’

By HindusthanSamachar | Publish Date: Feb 13 2018 8:41PM
बिहार में बीएड पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए होगा अब ‘कॉमन इन्टरेंस टेस्ट’

पटनाा, (हि.स.)। बिहार में बीएड पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए अब ‘कॉमन इन्टरेंस टेस्ट’ लिये जायेंगे। इसके लिए राज्यपाल सह कुलाधिपति सत्य पाल मलिक ने मंगलवार को यहां राज्यभर के ​कुलपतियों की बैठक में कॉमन इन्टरेंस टेस्ट’ लिये जाने पर गंभीरतापूर्वक विचार करने के लिए कुलपतियों एवं विशेषज्ञों की एक समिति गठित करने का निर्णय लिया है। ‘रोटेशन’ के आधार पर विश्वविद्यालय इस प्रवेश-परीक्षा का आयोजन करेंगे। वस्तुनिष्ठ प्रश्नों पर आधारित परीक्षा के आधार पर सफल विद्यार्थी ही राज्य में बीएड के पाठ्यक्रम से जुड़े शिक्षण-संस्थानों में निर्धारित सीटों पर अपने नामांकन ले सकेंगे। इसके लिए समिति आवश्यक सुझाव देगी।

राजभवन मेंराज्यपाल-सह-कुलाधिपति की अध्यक्षता में कुलपतियों की मासिक समीक्षा बैठक बुलायी गयी थी। राज्यपाल ने कहा कि उच्च शिक्षा में सुधार के लिए जो महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा रहे हैं, निर्धारित समयावधि में उनके कार्यान्वयन हेतु हरसंभव प्रयास किए जाने चाहिए। ‘एकेडमिक कैलेण्डर’ तैयार कर उसका पूरी तरह परिपालन हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों के क्रियाकलापों में पारदर्शिता, समयबद्धता और गुणवत्ता विकास पर पूरा ध्यान दिया जाना चाहिए।
 
बैठक में राज्यपाल के सुझाव के आलोक में सर्वसम्मत यह निर्णय लिया गया कि 31 मार्च, 2018 तक सभी विश्वविद्यालय छात्र-संघ का चुनाव अनिवार्यतः करा लेंगे। विभिन्न विश्वविद्यालयों ने बैठक में बताया कि छात्र-संघ के चुनाव के लिए उनके द्वारा आवश्यक प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है और वे निर्धारित समयावधि में चुनाव करा लेंगे। 5 मार्च, 2018 को राजभवन में वित्तीय सलाहकारों एवं कुलसचिवों की एक बैठक होगी, जिसमें शिक्षा विभाग के भी अधिकारी शामिल होंगे। उक्त बैठक में ही विगत वित्तीय वर्षों के लिए सरकार द्वारा आबंटित विभिन्न राशियों से संबंधित ‘उपयोगिता-प्रमाण-पत्र’ भी प्रस्तुत करने के लिए सभी विश्वविद्यालयों को कहा गया। 5 मार्च की इस बैठक में ही ‘सातवें वेतनमान’ के कार्यान्वयन, प्रोन्नति, सेवांत लाभ आदि से संबंधित भुगतेय राशि विषयक प्रतिवेदन प्रस्तुत करने की भी अपेक्षा की गई। साथ ही यह भी निदेश दिया गया कि मार्च, 2018 तक सेवानिवृृत्त होने वाले सभी शिक्षकों एवं कर्मियों के वेतन एवं पेंशनादि से संबंधित सभी भुगतान भी ससमय सुनिश्चित होना चाहिए। 
 
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि 31 मार्च, 2018 तक विश्वविद्यालय परिसरों, स्नातकोत्तर विभागों के अतिरिक्त महाविद्यालय स्तर तक बायोमेट्रिक सिस्टम संस्थापित कर लिया जाएगा। बायोमेट्रिक सिस्टम के साथ सीसीटीवी कैमरा भी लगाने पर विचार हुआ। साथ ही शिक्षकों की अनियमित अनुपस्थिति के विरुद्ध विश्वविद्यालयों द्वारा कृत कार्रवाई पर भी शीघ्र प्रतिवेदन भेजने को कहा गया।
यह भी निर्णय हुआ कि किसी भी प्रस्वीकृति प्राप्त महाविद्यालय या बीएड/सेल्फ फिनांस्ड कोर्सेज के शिक्षकों को किसी भी प्रकार के वेतन/मानदेय का भुगतान ‘आधार संयोजित’ बैंक खाते के जरिये ही किया जाएगा। सभी विश्वविद्यालय इस निदेश का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करायेंगे।
 
बैठक में विश्वविद्यालयों में गठित ‘रिड्रेशल सेल’ को मजबूत करने तथा विभिन्न वादों के निष्पादन में सुविधा हेतु उनके अनुश्रवण आदि के लिए केन्द्रीकृत व्यवस्था विकसित करने के लिए भी राज्यपाल सचिवालय के विशेष कार्य पदाधिकारी (न्यायिक) को कहा गया।
 
बैठक में शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव आरके महाजन एवं राज्यपाल के प्रधान सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा सहित सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति, वित्तीय सलाहकार, राज्यपाल सचिवालय एवं शिक्षा विभाग के वरीय अधिकारी उपस्थित थे। 
 
 
image