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दिवा क्रॉसिंग ने छह माह में ली 20 लोगों की बलि

By HindusthanSamachar | Publish Date: Jun 19 2018 4:26PM
दिवा क्रॉसिंग ने छह माह में ली 20 लोगों की बलि
मुंबई 19 जून (हि स ) सोमवार 18 जून को मध्य रेलवे के दिवा स्टेशन के रेल क्रॉसिंग पर मुंबई आ रही सेवाग्राम एक्सप्रेस ट्रैन की चपेट में आने से दो स्कूटर सवारों की दर्दनाक मौत के बाद अब एक बार फिर से मुंबई में जान जोखिम डाल कर रेल पटरी पर करने और उनकी सुरक्षा को लेकर सवाल उठ खड़े हुए हैं | विगत छह माह में इस दिवा रेलवे क्रॉसिंग ने 20 लोगों की बलि ली है | एक ओर रेलवे मुंबई में रेल पटरी पर करने वालों पर कड़ाई से नजर रखने का दावा करती हैं कभी पटरी पर करने वालों पर जुर्माना लगाया जाता है तो कभी गाँधी गिरी करने का दावा किया जाता हैं लेकिन जो व्यक्ति अपनी जान गवां देता है उसके लिए अफ़सोस की जगह रेलवे लाइन लांघने का दोषी ठहराया जाता है | दिवा स्टेशन पर भी यही हुआ रेल पुलिस का कहना है कि ये नवयुवक जबरन ही रेलवे क्रॉसिंग के बेरियर के नीचे से स्कूटर लेकर उस पर जा रहे थे कि अचानक तेज रफ़्तार से रेल आ गई और उन्हें उसकी गति का अंदाज नहीं हो पाया था | जबकि हकीकत ये है कि यहाँ वर्षों से रेलवे पादचारी पुल बनाने की जनता द्वारा मांग की जा रही है | बताया जाता है कि ठाणे महानगर पालिका ने सर्वसाधारण सभा में दिवा के इस रेलवे उड़ान सेतू बनाने के लिए चालीस करोड़ रुपये मंजूर किये थे परन्तु रेलवे ने इस योजना को नजर अंदाज किया था | ज्ञात हुआ है कि रेल ओवर ब्रिज बनाने के लिए पांच इमारतों को ध्वस्त करना होगा जिसके कारण 250 लोगों के पुनर्वास की समस्या खडी हो जाएगी | ठाणे के स्थानीय नगर सेवक शैलेश पाटील का कहना है कि ठाणे मनपा सदन में रेलवे पादचारी पुल के लिए 40 करोड़ रुपये प्रस्तावित भी किये थे ,मगर रेलवे ने न तो इसकी रूप रेखा रखी तथा न ही इसका स्टीमेट ही बनाया | रेलवे ब्रिज का स्थान बदलने व बाधित इमारतों को तोड़ने से सैकड़ों लोग सड़क पर आ जायेगें | इधर रेल यात्री संगठन के कुछ सदस्य आदेश भगत ,नीलेश पाटील तथा आरती परब का कहना है कि रेल प्रशासन का ध्यान बार -बार पत्राचार के माध्यम से दिलाये जाने के बावजूद कोई जबाब नहीं मिला है | दिवा स्टेशन पर पूर्व की तरफ स्वचालित जीने लगाने की मांग भी लम्बे समय से की जा रही है | इसी तरह उड़ान पुल का निर्माण अब बेहद जरुरी हो गया जिसके अभाव में सोमवार को दो युवको को अपनी जान देनी पड़ी | इधर दिवा वासियों का कहना है कि वर्तमान में जो रेलवे ब्रिज है उसकी डिजाइन तकनीकी तथा व्यवहारिक तरीके से ठीक नहीं है बहुत ज्यादा वक्त भी लगता है इन वजहों से लोग रेलवे लाइन पर करने को मजबूर होते हैं | वर्तमान में दिवा की आबादी साढ़े चार लाख है हजारो वाहनों के गुरजने के लिए यहाँ उड़ान पुल की वर्षो से प्रतीक्षा की जा रही है दिवा में ज्यादातर आबादी पूर्व दिशा में रहती है इस दृष्टि से पूर्व में स्वचालित जीने उतारने की मांग है | हिन्दुस्थान समाचार /रविंद्र /राजबहादुर |
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