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उपार्जन केन्‍द्रों में सुविधाओं का अभाव

By HindusthanSamachar | Publish Date: Apr 11 2019 9:20PM
उपार्जन केन्‍द्रों में सुविधाओं का अभाव
गुना, 11 अप्रैल (हि.स.)। समर्थन मूल्य के सरकारी केन्द्र जिले में समस्याओं का केन्द्र बने हुए है। कहीं खरीदी शुरु नहीं हो पाई है तो कहीं केन्द्रों को पानी, छांव जैसी सुविधाओं की दरकार है। इसके चलते किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति तब है, जब खरीदी को शुरु हुए 21 दिन हो चुके है। यह बात अलग है कि जिम्मेदार इसको लेकर तमाम दावे करने में लगे हुए है। उनके इन दावों की पोल गुरुवार को कलेक्टर भास्कर लाक्षाकार के निरीक्षण के दौरान भी खुलकर सामने आई। गुरुवार को कलेक्टर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित केन्द्रों पर पहुंचे। जहां उन्हे अव्यवस्थाएं देखने को मिलीं। जिन्हें दूर करने के निर्देश कलेक्टर ने दिए। किसानों को मैसेज तक नहीं आ रहे समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीदी 20 मार्च से शुरु हुई है। इसके लिए पहली बार खाद्य विभाग ने 66 उपार्जन केन्द्र बनाए है, किन्तु यहां किसानों के लिए सुविधाएं नहीं जुटाई गईं है। इसके साथ ही किसानों को अन्य परेशानियों से भी जूंझना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि किसानों को मैसेज तक नहीं मिल रहे है। जिन किसानों को मैसेज मिले है, वह अपनी उपज बेचने पहुँच रहे है तो केन्द्रों पर व्यवस्थाएं नहीं मिल रही है, तो तौल कांटे कम होने से किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है। बजरंगगढ़, ढोलबाज सहित अन्य केन्द्रों पर यहीं हालात है। इन केन्द्रों के किसान लगातार तौल कांटें बढ़ाए जाने की मांग कर रहे है, किन्तु उस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसी तरह करीब दो दर्जन केन्द्र ऐसे है, जहां खरीदी शुरु नहीं हो पाई है। इन केन्द्रों पर पहुँचने में किसान रुचि नहीं दिखा रहे है। तौल कांटे, हम्माल एवं तुलावटी की संख्या बढ़ाने के निर्देश कलेक्टर भास्कर लाक्षाकार गुरुवार को ढोलबाज, बजरंगगढ, झागर, परवाह, बमोरी, चकदेवपुर आदि स्थित उपार्जन केन्द्रों पर पहुँचे और व्यवस्थाओं की जानकारी ली।इस दौरान उन्हे केन्द्रों पर अव्यवस्थाओं का आलम देखने को मिला। कहीं कांटें कम थे तो कहीं तुलावटी नजर नहीं आ रहे थे। सबसे पहले कलेक्टर फतेहगढ़ क्षेत्र स्थित झागर केन्द्र पहुँचे। यहां मिली अव्यवस्थाओं को लेकर उन्होने अपनी चिंता व्यक्त की। इस दौरान उन्होने निर्देश दिए कि जिन किसानों को मोबाइल पर पंजीयन के अनुसार कंट्रोल रुम से एसएमएस आया है, उन्हे पहले प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने खरीदी केन्द्रों में आने वाले कृषकों के लिए ग्रीष्म ऋतु के मद्देनजर शीतल पेयजल एवं छाया व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिससे खरीदी केन्द्रों में किसानों को परेशानियों का सामना नही करना पड़े । कलेक्टर ने इलेक्ट्रानिक तौल कांटे, हम्माल एवं तुलावटी की संख्या बढाने के निर्देश भी संबंधितों को दिए। कलेक्टर ने कहा कि एक भी किसान को अपनी उपज बेचने के लिए इंतजार नहीं करना चाहिए। उन्होंने जिला आपूर्ति अधिकारी को निर्देशित किया कि ऐसे कृषक जिनके खरीदी केन्द्र ग्राम से दूर हैं, उनकी मेपिंग की जाए तथा उन्हें नजदीक के खरीदी केन्द्रों से जोडे जाएं। उन्होंने खरीदी केन्द्रों से उपार्जित गेहूं के शीघ्र परिवहन के निर्देश भी नागरिक आपूर्ति निगम को दिए। गेहूँ को पानी से बचाने के इंतजाम नहीं मौसम के लगातार बिगड़ते मिजाज के बावजूद खरीदी केन्द्रों पर गेहूँ को पानी से बचाने के इंतजाम नहीं किए गए है। स्थिति यह है कि ऊपर आसमान में बादल मंडरा रहे है तो नीचे क्विंटलों से गेहूँ पड़ा हुआ है। अब तक जो गेहूं खरीदा गया है, उसके न तो परिवहन की व्यवस्था की गई है और न ही पानी से बचाने की। गौरतलब है कि गत सालों में इसी के चलते बड़ी तादाद में किसानों की मेहनत पानी से बर्बाद हो चुकी है। इसके बाद भी कोई सबक नहीं लिया गया। किसानों का कहना है कि अगर पानी बरसता है तो काफी नुकसान होगा। दूसरी ओर गेहूं की खरीदी भी काफी धीमी गति से चल रही है। 21 दिनों में करीब 40-42 क्विंटल की खरीदी हो पाई है। हिन्दुस्थान समाचार / अभिषेक/मुकेश
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