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आत्महत्या के उकसाने वाले पति, ससुर व सास को 7-7 साल का कठोर कारावास

By HindusthanSamachar | Publish Date: Apr 10 2019 7:02PM
आत्महत्या के उकसाने वाले पति, ससुर व सास को 7-7 साल का कठोर कारावास
रतलाम, 10 अप्रैल (हि.स.)। एक नवविवाहिता को संतान नहीं होने तथा दहेज की बात पर मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताडि़त करने के साथ ही आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के मामले में जिले की जावरा न्यायालय ने तीन आरोपितों को दोषी माना। साथ ही आरोपित पति, ससुर व सास को 7-7 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई, वहीं विभिन्न धाराओं में 1500-1500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश राजीव के . पाल ने सुनाया। अतिरिक्त लोक अभियोजक समरथ साहू ने बुधवार को मामले की जानकारी देते हुए बताया कि मंजुकुंवर का विवाह 18 अप्रैल 2008 को महेंद्रसिंह उर्फ मंजूसिंह उर्फ मंजीतसिंह पिता प्रेमसिंह डोडिया निवासी ग्राम मरम्या से हुआ था। उस समय दहेज में एक तोले की सोने की चेन, 60 ग्राम सोने के आभूषण, 200 ग्राम चांदी के आभूषण, टीवी, बर्तन, गोदरेज की अलमारी व 11 हजार रुपये मंजुकुंवर के माता-पिता ने दिए थे। 19 मई 2012 से लगभग एक वर्ष पूर्व मंजुकुंवर व महेंद्रसिंह का रियावन रास्ते में हुए एक्सीडेंट या अन्य विवाद के कारण आपराधिक प्रकरण में हुए व्यय के आधार पर 40-50 हजार रुपये मायके से लाकर देने की मांग करने लगे। मंजुकुंवर को ससुराल वाले संतान नहीं होने की बात पर मानसिक रूप से प्रताडि़त करते थे। इससे परेशान होकर मंजुकुंवर ने 19 मई 2012 को फांसी के फंदे पर झुलकर आत्महत्या कर ली थी। मामला नवविवाहिता का होने के कारण उक्त मामले की जांच एसडीओपी मंजीतसिंह चांवला द्वारा की गई। जांच के पश्चात रिंगनोद पुलिस ने आरोपित पति महेंद्रसिंह उर्फ मंजूसिंह उर्फ मंजीतसिंह पिता प्रेमसिंह डोडिया (33), ससुर प्रेमसिंह पिता रुपसिंह डोडिया (59) व सास श्यामुकुंवर पति प्रेमसिंह डोडिया (55) निवासी मरम्या के विरुद्ध भादवि की धारा 498ए, 304बी व दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3 व 4 में प्रकरण दर्ज किया। पुलिस ने विवेचना पश्चात अभियोजन पत्र न्यायालय में पेश कि या। न्यायालय में आए साक्ष्य के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश ने तीनों आरोपितों को भादवि की धारा 498ए, 304बी व दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4 में दोषी पाया। सभी आरोपितों को भादवि की धारा 498ए में 3-3 वर्ष का कठोर कारावास व 500-500 रुपये अर्थदंड, धारा 304बी में 7-7 वर्ष के कठोर कारावास के साथ 500-500 रुपये अर्थदंड, दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4 में 2-2 वर्ष का कठोर कारावास व 500-500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। न्यायालय के आदेश पर आरोपितों की सभी सजाएं एक साथ चलेगी। हिन्दुस्थान समाचार/शरद / मुकेश
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