Hindusthan Samachar
Banner 2 मंगलवार, अप्रैल 23, 2019 | समय 03:33 Hrs(IST) Sonali Sonali Sonali Singh Bisht

लू-तापघात हो सकता है जानलेवा, स्वास्थ विभाग ने दी बचने की सलाह

By HindusthanSamachar | Publish Date: Apr 10 2019 3:52PM
लू-तापघात हो सकता है जानलेवा, स्वास्थ विभाग ने दी बचने की सलाह
इंदौर, 10 अप्रैल (हि.स.)। मध्यप्रदेश में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है। राजधानी भोपाल समेत अधिकांश हिस्सों में तापमान 42 डिग्री को पार गया है। ऐसे में ऐसे में लू-तापघात सभी उम्र वर्ग में होने की संभावनाएं अधिक रहती है, लेकिन वृद्ध, गर्भवती महिलाएं, नवजात शिशु, युवा, क्रोनिक बीमारियों से ग्रसित मरीजों को यह संभावना अधिक पाई जाती है। अत्यधिक गर्मियों में लू-तापघात जानलेवा भी हो सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने भीषण गर्मी से बचने के लिए आम लोगों को सलाह दी है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी प्रवीण जडिय़ा ने बुधवार को जारी की अपनी अपील में कहा है कि भीषण गर्मी में हमें सीधी धूप से बचना चाहिये। घर के अंदर हवादार ठंडे स्थान पर रहें। पंखे का उपयोग करें, किन्तु अधिक तापमान होने पर ठंडे पानी से नहाये तथा कूलर या एयरकडिंशन का प्रयोग करें। हल्के रंग के ढीले व पतले वस्त्रों का प्रयोग करें। धूप मे जाने से पहले सिर को छाते, कपड़े अथवा टोपी से ढकें। जूते-चप्पल तथा नजर के काले चश्में का प्रयोग करें। भोजन करके एवं पानी पीकर ही बाहर निकलें। पानी का अधिक मात्रा में सेवन करें तथा प्यास लगने का इंतजार न करें। अधिक से अधिक पेय पदार्थ जैसे नीबू पानी, लस्सी, छाछ, जलजीरा, आम पना, दही, नारियल पानी आदि का सेवन करें। अल्कोहलयुक्त नशीले पेय पदार्थों का उपयोग न करें। चाय, काफी, साफ्ट ड्रिंक तथा ऐसे पेय पदार्थ, जिनमें शक्कर की मात्रा अधिक होती है, के सेवन से परहेज करें। फल तथा सब्जी, जिनमें पानी की मात्रा अधिक होती है। (तरबूज, खीरा, अनन्नास, संतरा, अंगूर आदि) का अधिक मात्रा में सेवन करें। स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि शिशुओं-बच्चों, 65 वर्ष से अधिक आयु के महिला-पुरुषों, घर के बाहर काम करने वाले, मानसिक रोगियों तथा उच्च रक्तचाप वाले मरीजों का विशेष ध्यान रखें। बंद गाड़ी के अंदर का तापमान बाहर से अधिक होता है। अत: कभी भी किसी को बंद, पार्किंग में रखी गाड़ी में अकेला न छोड़ें। यदि बाहर कार्य करना अति आवश्यक हो तो-बाहरी गतिविधियाँ सुबह व शाम के समय में ही करें। अत्याधिक शारीरिक श्रम वाली गतिविधियां दिन के अधिकतम तापमान वाले घंटों में न करें। बहुत अधिक भीड़ गर्म घुटन भरे कमरों, रेल, बस आदि की यात्रा गर्मी के मौसम में अत्यावश्यक होने पर ही करें। यदि कोई व्यक्ति लू-तापघात से प्रभावित होता है, तो उसका तत्काल तरीकों से प्राथमिक उपचार किया जाये। स्वास्थ्य अधिकारी प्रवीण जडिय़ा ने बताया कि रोगी को तुरंत छायादार जगह पर कपड़े ढीले कर लिटा दें एवं हवा करें, रोगी को होश में आने की दशा में प्याज का रस अथवा जौ का आटा भी ताप नियंत्रण हेतु मला जा सकता है। रोगी के शरीर का ताप कम करने के लिये यदि संभव हो तो उसे ठण्डे पानी से स्नान करायें या उसके शरीर पर ठंडे पानी की पट्टियां रखकर पूरे शरीर को ढक दें। इस पक्रिया को तब तक दोहरायें जब तक कि शरीर का ताप कम नहीं होता है। उपरोक्त उपचार से यदि मरीज ठीक नहीं होता है तो उसे तत्काल निकट की चिकित्सा संस्था में लेकर जायें। हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश
लोकप्रिय खबरें
फोटो और वीडियो गैलरी
image