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सीधी लोकसभा सीट पर सीधा नहीं है मुकाबला

By HindusthanSamachar | Publish Date: Apr 8 2019 2:21PM
सीधी लोकसभा सीट पर सीधा नहीं है मुकाबला
-बसपा के विकास पटेल के मैदान में उतरने से और रोचक हुआ चुनाव भोपाल, 08 अप्रैल (हि.स.)। मध्यप्रदेश की सीधी लोकसभा सीट पर भले ही भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकबला लग रहा हो, लेकिन यह दोनों पार्टियों के उम्मीदवारों के लिए बहुत आसान नहीं है। क्योंकि इन दोनों उम्मीदवारों का जहां क्षेत्र में भारी विरोध हो रहा है, वहीं उन्हें पार्टी के अन्तर्कलह का भी सामना करना पड़ेगा। बसपा ने विकास पटेल को मैदान में उतारकर इस मुकाबले को और भी रोचक बना दिया है। कांग्रेस ने सीधी लोकसभा सीट से प्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष और पूर्व सीएम स्व. अर्जुन सिंह के पुत्र अजय सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है, जो गत विधानसभा चुनाव में अपने क्षेत्र से ही हार गए थे। वहीं, भाजपा ने मौजूदा सांसद रीति पाठक को टिकट दिया है। रीति का भी क्षेत्र में लगातार विरोध हो रहा है। दोनों ही पार्टी के उम्मीदवारों को कार्यकर्ता चुनौती दे रहे हैं। ऐसे में देखने वाली बात होगी कि यहां जनता किसे समर्थन देती है? इस बार कांग्रेस ने अपने सभी दिग्गज नेताओं को चुनाव मैदान में उतारा है और पार्टी प्रदेश की 29 में 20 सीटें जीतने का दावा कर रही है। वहीं, भाजपा भी सभी 29 सीटों पर जीत हासिल करने के लिए ऐड.ी-चोटी का जोर लगा रही है। सीधी मध्यप्रदेश की अहम लोकसभा सीटों में से एक है। यह एक ऐसी सीट रही है, जिस पर कभी किसी एक पार्टी का दबदबा नहीं रहा है। यहां पर भाजपा और कांग्रेस दोनों के बीच बराबरी का मुकाबला रहा है। इस बार भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों को ''अपनों'' यानी पार्टी के असंतुष्ट नेताओं से कड़ी चुनौती मिल रही है। इस संसदीय क्षेत्र में बहुजन समाज पार्टी का भी अच्छा दखल है और यहां से बसपा ने विकास पटेल को मैदान में उतारा है। इसलिए इस बार यहां मुकाबला रोचक होने की उम्मीद है। भाजपा उम्मीदवार रीति पाठक सीधी से लगातार दो बार सांसद बनने में सफल हैं और पार्टी ने तीसरी बार उन्हें मैदान में उतारा है। पिछले 2014 के चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के इंद्रजीत कुमार को एक लाख 08 हजार 046 वोटों से हराया था। उन्हें तब 4,75,678 वोट मिले थे, इंद्रजीत कुमार 3,67,632 वोट हासिल कर दूसरे नम्बर पर रहे थे। सीधी संसदीय क्षेत्र में आठ विधानसभा सीटें आती हैं, जिनमें चुरहट, चित्रांगी, धौहानी, सिद्दी, सिंगरौली, ब्यौहारी, सिहावल, देवसर शामिल हैं। गत विधानसभा चुनाव में इनमें से सात सीटों पर भाजपा ने कब्जा जमाया है, जबकि एक पर कांग्रेस ने जीत हासिल की है। इस लिहाज से यहां भाजपा की जीत की राह आसान दिख रही है, लेकिन रीति पाठक को स्थानीय पदाधिकारी और कार्यकर्ता ही कड़ी चुनौती दे रहे हैं। उन्हें टिकट मिलने से पार्टी में असंतोष नजर आ रहा है। वहीं, गत विधानसभा चुनाव में अजय सिंह चुरहट सीट से हार गए थे, लेकिन कांग्रेस में वे एक बड़ा नाम हैं और पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के पुत्र होने के कारण वे उनकी राजनैतिक विरासत को संभाल रहे हैं। ऐसे में उनके सामने इस बार अपनी प्रतिष्ठा बचाने का भी सवाल है। विधानसभा चुनाव में हारने के बाद वे पिछले दो महीने से अपने क्षेत्र में सक्रिय हैं और लगातार जनसम्पर्क बढ़ाने में जुटे हैं। यह देखने वाली बात होगी कि उनका जनसम्पर्क लोकसभा चुनाव में कितना काम आता है। सीधी लोकसभा क्षेत्र में शहडोल जिले के कुछ हिस्सों के साथ ही पूरा सिंगरौली जिला भी आता है। चुनाव आयोग के आंकड़े के मुताबिक 2014 में सीधी लोकसभा सीट पर 17 लाख 36 हजार 050 मतदाता थे। इनमें 8,20,350 महिला मतदाता और 9,15,700 पुरुष मतदाता शामिल हैं। तब यहां 56.99 फीसदी मतदाता हुआ था। सीधी संसदीय क्षेत्र में गत दो अप्रैल को नामांकन की प्रक्रिया शुरू हुई, जो कि मंगलवार, नौ अप्रैल तक चलेगी। वहीं, 10 अप्रैल को नाम निर्देशन पत्रों की संवीक्षा होगी, जबकि 12 अप्रैल तक उम्मीदवार अपने नाम वापस ले सकेंगे। यहां आगामी 29 अप्रैल को मतदान होगा। हिन्दुस्थान समाचार/ मुकेश/रामानुज
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