Hindusthan Samachar
Banner 2 रविवार, दिसम्बर 16, 2018 | समय 08:05 Hrs(IST) Sonali Sonali Sonali Singh Bisht

विधानसभा चुनाव : राजस्थान और तेलंगाना में चुनावी कोलाहल थमा, वोटिंग शुक्रवार को

By HindusthanSamachar | Publish Date: Dec 5 2018 8:19PM
विधानसभा चुनाव : राजस्थान और तेलंगाना में चुनावी कोलाहल थमा, वोटिंग शुक्रवार को
(पी.के.)
राजस्थान और तेलंगाना में करीब दो महीने के चुनावी कोलाहल पर बुधवार शाम को विराम लग गया। प्रचार की समय-सीमा समाप्त होने के साथ ही चुनावी रैलियों, रोड-शो और जन सभाओं का क्रम शाम पांच बजे थम गया। चुनाव सामग्री लेकर पोलिंग पार्टियों के अपने-अपने मतदान केंद्रों पर रवाना होने का क्रम भी शुरू हो गया है। दोनों प्रदेशों में वोटिंग सात दिसम्बर को होगी।
 
चुनाव प्रचार खत्म होते ही उम्मीदवार अब घर-घर जा कर मतदाताओं को लुभाने में लगे हैं। दोनों प्रदेशों की मतगणना 11 दिसम्बर को होगी और नतीजे भी उसी दिन आ जाएंगे।
 
राजस्थान के चार करोड़ से ज्यादा मतदाता 2274 उम्मीदवारों के राजनीतिक भाग्य का फैसला करेंगे। राजस्थान विधानसभा की 200 सीटों में से 199 सीटों के लिए 189 महिला उम्मीदवारों सहित 2274 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। अलवर जिले के रामगढ़ विधानसभा सीट से बसपा उम्मीदवार के निधन के कारण चुनाव स्थगित कर दिया गया है।
 
वहीं, तेलंगाना की 119 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव हो रहे हैं। प्रदेश में मतदाताओं की कुल संख्या 2.80 करोड़ है। इस बार कुल 22 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। जबकि 12 लाख नए मतदाताओं के नाम जुड़े हैं। सात दिसम्बर को सभी प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद हो जाएगी।
 
कांग्रेस 'पीपुल्स एलायंस' की अगुवाई कर रही है। एलायंस को 'प्रजाकुटमी' नाम भी दिया गया है। इसमें तेलुगु देशम पार्टी, तेलंगाना जन समिति और भाकपा शामिल हैं। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने भी जमकर चुनाव प्रचार किया। वे कई मौकों पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ मंच साझा करते दिखे। हालांकि, उन्होंने सोनिया गांधी के साथ मंच साझा करने से इनकार कर दिया था। बीजेपी ने भी चुनाव प्रचार के दौरान पूरी ताकत झोंक दी। प्रदेश में पार्टी के लिए प्रचार करने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी, उत्तर प्रदेश के मख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री फडणवीस जैसे कई प्रमुख नेता पहुंचे।
 
राजस्थान के मुख्य निर्वाचन अधिकारी आंनद कुमार ने बताया कि बुधवार शाम पांच बजे चुनाव प्रचार थम गया। प्रदेशभर में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। राजस्थान में 4.77 करोड मतदाता हैं। भाजपा शासित राज्य में शुरुआती चुनावी प्रचार में किसानों, भ्रष्टाचार, युवाओं के मुद्दे छाए रहे। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आए हिंदुत्व, भारत माता और भगवान हनुमान से जुड़े मुद्दे चुनावी प्रचार के दौरान सामने आए।
 
राज्य में मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच माना जा रहा है। लगभग 130 सीटों पर इन दोनों पार्टियों के उम्मीदवारों में सीधी टक्कर है। जबकि, 50 सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय माना जा रहा है, जिनमें से 45 सीटों पर दोनों पार्टियों के बागी उम्मीदवारों ने मुकाबले को रोचक बना दिया है।
 
जाट नेता हनुमान बेनीवाल की राष्ट्रीय लोक तांत्रिक पार्टी ने 58 सीटों पर उम्मीदवार खडे़ करके दोनों पार्टियों को चुनौती दी है। बेनीवाल की मारवाड, शेखावटी और पूर्वी हिस्सों में जाट वोटों पर निगाह है। भाजपा राज्य की सभी सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि कांग्रेस ने पांच सीटें गठबंधन की पार्टियों को देकर 195 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। बसपा के 190, माकपा के 28 और भाकपा के 16 तथा 830 निर्दलीय उम्मीवादर चुनाव मैदान में हैं।
 
ये मुद्दे रहे चर्चा में
 
प्रधानमंत्री मोदी, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी, उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, कांग्रेस के राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, बसपा प्रमुख मायावती सहित अन्य स्थानीय नेताओं ने लगातार चुनाव प्रचार किया। कांग्रेस के नाथद्वारा सीट से उम्मीदवार सीपी जोशी ने पहले, प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ जातिवादी टिप्पणी कर विवाद पैदा किया था, उसके बाद सत्ताधारी पार्टी के नेताओं और प्रधानमंत्री ने अपनी रैलियों में लोगों से पूछा कि था कि क्या आप जाति के आधार पर वोट करेंगे और कांग्रेस को विकास की जगह जातिवाद की बात करने का आरोप लगाया था।
 
मोदी ने अपने भाषणों में 'विकास' को अपना मंत्र बताते हुए सर्जिकल स्ट्राइक, भ्रष्टाचार के विरूद्व लड़ाई, महिलाओं के सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं सहित सरकार की उपलब्धियों को गिनाया। रैलियों में प्रधानमंत्री मोदी ने राहुल गांधी को 'नामदार' और अपने आप को 'कामदार' बताते हुए हरेक अवसर पर गांधी परिवार को घेरने का प्रयास किया। मोदी ने अपनी रैलियों में कांग्रेस की चार पीढियों के शासन को देश में समस्याओं को लिये जिम्मेदार ठहराया।
 
दूसरी ओर कांग्रेस ने किसानों, राफेल सौदे और बेरोजगारी सहित अन्य मुद्दों पर भाजपा को घेरा और सत्ता में आने पर दस दिनों में किसानों का कर्ज माफ करने की घोषणा की। कांग्रेस को उस समय परेशानी का सामना करना पडा जब बीकानेर (पश्चिम) से पार्टी के उम्मीदवार बीडी कल्ला को एक वीडियो में एक समर्थक को भारत माता की जय बोलने से रोकते और पार्टी कार्यकर्ताओं को सोनिया गांधी की जय बोलते दिखाया गया। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष पायलट और पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने भी हर दिन पांच से सात चुनावी सभाएं कीं।
 
राजस्थान में भाजपा ने कीं 222 जनसभाएं
 

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के मुताबिक राजस्थान में प्रधानमंत्री मोदी ने 13 चुनावी सभाएं की हैं। उनके कुल 38 कार्यक्रम हुए हैं। मुख्यमंत्री राजे ने 75 जनसभाएं कीं । कुल मिलाकर 222 बड़ी जनसभाएं भाजपा ने कीं। एक अन्य जानकारी के मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राज्य के विभिन्न जिलों में नौ सभाएं कीं। राज्य की कुछ चर्चित सीटों में झालरापाटन, टोंक, सरदारपुरा, व पोकरण हैं। 

image