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देश के पहले स्वदेशी एयरोडायनेमिक रेल इंजन से 200 किमी की रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेनें

By HindusthanSamachar | Publish Date: Nov 6 2018 4:52PM
देश के पहले स्वदेशी एयरोडायनेमिक रेल इंजन से 200 किमी की रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेनें

सुशील

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना मेक इन इंडिया के तहत देश का पहला स्वदेशी एयरोडायनेमिक रेल इंजन डब्ल्यूएपी-5 बनकर तैयार हो गया है। यह रेलगाड़ियों को 200 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से पटरी पर दौड़ाने में सक्षम है। इसका इस्तेमाल राजधानी, गतिमान और शताब्दी जैसी प्रतिष्ठित ट्रेनों में हो सकता है।

पश्चिम बंगाल के चितरंजन लोकोमोटिव वर्क्स में बनकर तैयार हुआ डब्ल्यूएपी-5 इंजन संख्या 30164 मंगलवार को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचा। केंद्र सरकार के सहयोग से पश्चिम बंगाल में महान स्वतंत्रता सेनानी देशबंधु चितरंजन दास के नाम पर बने चितरंजन लोकोमोटिव वर्क्स में बना यह इंजन अत्यधिक शक्तिशाली (5400 हॉर्स पावर) है। यह स्वदेशी इंजन ट्रेन की स्पीड को 200 किलोमीटर प्रतिघंटा तक ले जाने में सक्षम है। सुरक्षा की दृष्टि से ट्रेन चलते समय ड्राइविंग से जुड़ी जानकारियों को रिकॉर्ड करने और इनके विश्लेषण के लिए इंजन में क्रू वाइस रिकॉर्डिंग सिस्टम और वीडियो रिकॉर्डिंग सिस्टम लगाया गया है।

इंजन के अंदर और बाहर माइक्रोफोन के साथ कैमरों को महत्वपूर्ण जगहों पर लगाया गया है ताकि वाइस और ऑडियो सिग्नल को रिकार्ड किया जा सके। रिकॉर्ड सूचना का इस्तेमाल किसी घटना के बाद उसके विश्लेषण के लिए किया जा सकता है। इसमें 90 दिनों की रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखने की व्यवस्था है। हवा के दबाव को कम करने के लिए इसके अगले हिस्से को खास डिजाइन किया गया है। इससे यह तेज गति में आसानी से पटरियों पर बे-रोकटोक दौड़ता चला जाएगा और कम समय में यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाएगा। लोको-पायलट की सुविधा के लिए इंजन के बाहर इलेक्ट्रिकल सिग्नल एक्सचेंज लैम्प लगा है। इससे लोको-पायलट को स्टेशन स्टाफ और गार्ड को सिग्नल देने और लेने के लिए मात्र एक बटन का इस्तेमाल करना होगा और बाहर लगी यह एलईडी सिग्नल लाल और हरे रंग से चलने लगेगा। इससे रात के समय विशेषकर सर्दियों में लोको-पायलट को विशेष सुविधा होगी।

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