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अपने ही लोगों का विरोध बढ़ा सकता है कांग्रेस की परेशानी

By HindusthanSamachar | Publish Date: Apr 14 2019 9:33PM
अपने ही लोगों का विरोध बढ़ा सकता है कांग्रेस की परेशानी
नूंह, 14 अप्रैल(हि. स.)। कांग्रेस पार्टी द्वारा गुड़गांव में लोकसभा सीट से अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया गया है। कांग्रेस ने अहीरवाल के नेता कैप्टन अजय यादव पर अपना दावा खेला है। लेकिन अहीरवाल क्षेत्र में तथा मेवात क्षेत्र में कांग्रेस की अपनी जमीन पर ही उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। टिकट प्रदान करने से पहले अटकलें लगाई जा रही थी कि कांग्रेस की टिकट गुडगांव लोकसभा सीट से पूर्व सांसद खुर्शीद अहमद के बेटे तथा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष आफताब अहमद को मिल सकती है। वहीं दूसरी ओर अहिरवार क्षेत्र में टिकट की अटकलें राव दान सिंह के बारे में भी लगाई जा रही थी। लेकिन कांग्रेस नेतृत्व ने दोनों ही अटकलों पर विराम लगाते हुए कैप्टन अजय यादव को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। जानकारों का कहना है कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार में कैप्टन अजय यादव प्रदेश में सिंचाई मंत्री थे, उसी समय मेवात में मेवात कैनाल का प्रपोजल सरकार द्वारा लाया गया था। लेकिन जो मेवात कैनाल सीधे मेवात आनी थी, उसे तत्कालीन सिंचाई मंत्री कैप्टन अजय यादव द्वारा घुमाते हुए रेवाड़ी के रास्ते मेवात लाने का प्रस्ताव दिया गया। मंत्री के इस निर्णय का उस समय काफी विरोध हुआ था। आज जब कैप्टन अजय यादव को कांग्रेस का प्रत्याशी बनाया गया है, तो गलियारों में लोगों के बीच उस समय का दर्द आज के चुनावी मौसम में साफ दिखाई दे रहा है। सोशल मीडिया के माध्यम से अजय यादव से मेवात के साथ दोगले व्यवहार का जवाब भी मांगा जा रहा है। देखना है कि चुनावों में इसका कितना नुकसान कांग्रेस को उठाना पड़ता है। वहीं दूसरी ओर यदि बात की जाए तो अभी आईएनएलडी तथा जेजेपी-आम आदमी पार्टी गठबंधन का प्रत्याशी भी घोषित होना है। यदि गठबंधन की ओर से कोई मुस्लिम चेहरा गुडगांव लोकसभा क्षेत्र से उतारा जाता है, तो इसका सीधा नुकसान कांग्रेस को होगा । कांग्रेस की आपसी गुटबाजी का खामियाजा भी गुड़गांव लोकसभा सीट पर पार्टी को भुगतना पड़ सकता है। क्योंकि भूपेंद्र हुड्डा खेमे के पार्टी कार्यकर्ता कैप्टन अजय की नैया डुबाने का काम भी कर सकते हैं। बेशक कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा में सभी पार्टी नेता एक ही बस में सवार दिखे हो। लेकिन उनके स्वागत के लिए भी पार्टी कार्यकर्ता अलग अलग गुटों में बटे हुए थे। जिसका सीधा असर चुनाव के समय मतदाताओं की पसंद पर पड़ेगा। यह सही है कि पिछले लोकसभा चुनावों में मेवात से बीजेपी के हक में अधिक वोट नहीं गए थे। लेकिन उसका सीधा कारण आईएनएलडी के प्रत्याशी जाकिर हुसैन का चुनाव मैदान में उतरना था। जो एक अकेले मुस्लिम प्रत्याशी थे। लेकिन उसके बावजूद भी उन्हें राव इंद्रजीत के हाथों भारी मतों से मात मिली थी। कयास लगाया जा रहा है कि इस बार मेवात में भी बीजेपी का वोट प्रतिशत बढ़ेगा। फिर भी गुडगांवा लोकसभा सीट का निर्णय अहीरवाल मतदाताओं पर ही निर्भर करेगा। हिन्दुस्थान समाचार/राजेश/पंकज
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