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आरक्षण आंदोलन की हिंसा भी चर्चा के केन्द्र में

By HindusthanSamachar | Publish Date: Apr 14 2019 7:42PM
आरक्षण आंदोलन की हिंसा भी चर्चा के केन्द्र में
रोहतक, 14 अप्रैल (हि.स.) लोकसभा चुनावों में एक बार फिर जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसक घटनाएं चर्चा के केन्द्र में आ रही हैं। राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल , वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु , कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ व सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर ने खुद एक रणनीति के तहत लोकसभा चुनावों में आरक्षण आंदोलन में हुई हिंसा को लेकर तीखे बयान दिए हैं। इससे पहले महापौर के चुनावों में भी यह मुद्दा बना था। उल्लेखनीय है कि फरवरी, 2016 में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई आगजनी व हिंसक वारदातों एवं महिलाओं के साथ हुई अभद्रता की घटनाओं से देश भर में हरियाणा की छवि खासी खराब हुई थी। भाजपा नेताओं का मानना है कि जनता अभी उन हिंसक व आगजनी की घटनाओं का भूली नहीं है। कल (शनिवार) को ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भी कहा कि इस लोकसभा चुनाव में जनता दंगों के षडयंत्रकारियों को सबक सिखाएगी। इससे पहले वित्त मंत्री ने भी बाकायदा प्रेस कांफ्रेंस कर जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हिंसक व आगजनी की घटनाओं के लिए कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता सदियों तक इस घटना को भुला नहीं पाएगी और लोकसभा चुनाव में कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा को सबक सिखाएगी। सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर भी शहर के लोगों को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के पूर्व राजनीतिक सलाहकार प्रो.वीरेंद्र सिंह द्वारा जाट आरक्षण आंदोलन को भडक़ाने के मामले में याद दिला रहे हैं और कांग्रेस पर जमकर कटाक्ष कर रहे हैं। दूसरी तरफ वर्तमान सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा पिछले कई दिनों से भाजपा नेताओं पर भाईचारा तोडऩे के आरोप लगाकर जनता को अपने पक्ष में करने के अभियान में जुटे हुए हैं। वे अपनी जनसभाओं में लोगों को बता रहे हैं कि देश भर में हरियाणा आपसी भाईचारे के लिए मशहूर था। जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान भाजपा सरकार ने हिंसक घटनाओं पर रोकथाम लगाने के कोई प्रयास न करके भाईचारे को तोडऩे के पूरे प्रयास किए। हिन्दुस्थान समाचार/अनिल/जितेन्द्र
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