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ऑटो मार्केट की तीन दुकानों का किराया माफ करने के मामले में विजीलैंस ने शुरू की जांच

By HindusthanSamachar | Publish Date: Apr 12 2019 6:37PM
ऑटो मार्केट की तीन दुकानों का किराया माफ करने के मामले में विजीलैंस ने शुरू की जांच
फतेहाबाद, 12 अप्रैल (हि.स.)। नगर परिषद द्वारा ऑटो मार्केट के 3 दुकानदारों का लाखों रुपये का बकाया किराया माफ करने का मामला तुल पकड़ गया है। पार्षद प्रतिनिधि रणजीत सिंह ओड की शिकायत पर शुक्रवार को विजीलैंस ने इसकी जांच आरंभ कर दी है। विजीलैंस ने दुकानों संबंधित रिकार्ड तलब किया है और दुकानों की भी जांच की। मिली जानकारी के अनुसार, पार्षद प्रतिनिधि रणजीत सिंह ओड ने सीएम, विजीलैंस व अन्य अधिकारियों का को शिकायत देकर बताया था कि नगर परिषद ने ऑटो मार्केट में दुकान नंबर 244 जोकि नरेन्द्र कुमार, दुकान नंबर 245 जोकि राकेश कुमार व दुकान नंबर 369 जोकि विनोद कुुमार के नाम है, का लाखों रुपये का बकाया किराया माफ कर दिया था। दुकान नंबर 244 का 10 लाख 34 हजार 500, दुकान नंबर 245 का 10 लाख 82 हजार 300 तथा दुकान नंबर 369 का 11 लाख 4 हजार रुपये किराया बकाया था, जिसे माफ कर दिया गया, जबकि यह लोग आर्थिक रूप से काफी सक्षम हैं। यह किराया इसलिए माफ कर दिया गया ताकि नगर परिषद के अधिकारियों अपनी जेबों को भरने व पार्षदों के साथ मिलकर यह काम किया, क्योंकि यह दुकानें एक महिला पार्षद के रिश्तेदारों की है। शिकायत में रणजीत ओड ने बताया था कि इसके बाद अधिकारी तो अपना ट्रांसफर करवा गए और सारा इल्जाम परिषद में लगे डाटा एंट्री आप्रेटर पर डालकर उसे नौकरी से हटा दिया गया। नप ने इन तीनों दुकानों का किराया 15 लाख बताया था, लेकिन यह 30 लाख से अधिक है। जब नगर परिषद के अधिकारियों से इस बारे में पूछा गया तो अधिकारियों ने बताया कि तीनों दुकानदारों को नोटिस भेजा गया है, जबकि रिकार्ड में यह दुकानें नगर परिषद के पास जमा हो गई है। नप अधिकारियों ने झूठी रिपोर्ट बनाकर यह किराया माफ किया, जबकि ऐसा कोई एक्ट नहीं है और ना ही नगर परिषद की बैठक में ऐसा कोई निर्णय लिया गया है। रणजीत ओड की शिकायत के बाद विजीलैंस ने आज इसकी जांच आरंभ कर दी है। विजीलैंस के इंस्पेक्टर सुभाष व एएसआई मनमोहन सिंह आज नगर परिषद पहुंचे और तीनों दुकानों का रिकार्ड मांगा। नगर परिषद ने विजीलैंस को बताया कि यह रिकार्ड डीसी कार्यालय में जमा है। इसके बाद विजीलैंस टीम डीसी कार्यालय पहुंची और रिकार्ड को कब्जे में ले लिया और जांच आरंभ कर दी है। अगर यह आरोप सच साबित होते हैं तो नगर परिषद के कई अधिकारियों पर गाज गिरना तय है। हिन्दुस्थान समाचार/अर्जुन/पंकज
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