Hindusthan Samachar
Banner 2 मंगलवार, अप्रैल 23, 2019 | समय 03:25 Hrs(IST) Sonali Sonali Sonali Singh Bisht

मां ने संभाली शहर में बेटे की चुनाव प्रचार की कमान, प्रत्येक घर में दस्तक दे रही हैं आशा हुड्डा

By HindusthanSamachar | Publish Date: Apr 10 2019 8:58PM
मां ने संभाली शहर में बेटे की चुनाव प्रचार की कमान, प्रत्येक घर में दस्तक दे रही हैं आशा हुड्डा
रोहतक, 10 अप्रैल (हि.स.)। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की पत्नी आशा हुड्डा ने बेटे सांसद दीपेंद्र हुड्डा की चुनाव प्रचार की कमान संभाल रखी है। पूर्व सीएम तो कभी दिल्ली तो कभी चंडीगढ़ बैठकों में व्यस्त चल रहे हैं, जिसके चलते शहर में आशा हुड्डा पूरी तरह से चुनाव प्रचार की कमान संभाले हुए हैं। आश हुड्डा ने कहा कि पिछले करीब 14 वर्षों में सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने रोहतक को शिक्षा का हब बनाने की कोशिश की है। उसका शुरु से ही ये सपना रहा है कि यह क्षेत्र शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के मामले में पूरे देश में अव्वल रहे और इसका नाम सारी दुनिया में जाना जाये। बुधवार को आशा हुड्डा एमडी यूनिवर्सिटी में शिक्षक व गैर-शिक्षक संघ द्वारा अयोजित कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंची। कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी हो रही है कि सांसद दीपेंद्र के प्रयासो से रोहतक लोकसभा क्षेत्र देश का अकेला ऐसा क्षेत्र है जिसमें दीपेन्द्र हुड्डा की मेहनत से राष्ट्रीय स्तर के आईआईटी, आईआईएम व एम्स जैसे महत्यपूर्ण संस्थान एक जगह पर स्थापित हो पाये। इसके साथ ही उसने यहां यूपीए सरकार के सहयोग से अन्य शिक्षण संस्थानों को भी लाने का काम किया। जिनमें फुटवियर डिजाइन संस्थान, होटल मैनेजमेंट इंस्टिट्यूट, परमाणु ऊर्जा अनुसंधान विश्वविद्यालय, टूल रूम यूनिवर्सिटी, रोहतक मेडिकल कॉलेज को विश्वविद्यालय के रूप में विस्तार, फिल्म इंस्टिट्यूट, आर्किटेक्चर कॉलेज, फैशन डिजाईन संस्थान, केन्द्रीय विद्यालय (भाकली) व सैनिक स्कूल (गोठरा टप्पा खोरी) आदि प्रमुख हैं। इसके अलावा दीपेन्द्र ने दर्जनों आईटीआई, पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग कॉलेजों की स्थापना करवायी। आशा हुड्डा ने कहा कि भाजपा सरकार अपने कार्यकाल में शिक्षा के क्षेत्र में कोई नया प्रोजेक्ट, कोई बड़ा महत्वपूर्ण नेशनल प्रोजेक्ट हरियाणा में लेकर नहीं आयी। इतना ही नहीं, उसने कांग्रेस सरकार के समय के मंजूरशुदा प्रोजेक्ट को भी नकारने का काम किया। जैसे एम्स के समय में सबने देखा, आईआईएम के विषय में सबने देखा। जब खुद मुख्यमंत्री खट्टर ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में कहा कि ‘‘आईआईएम हरियाणा में नहीं है और वह प्रयास करेंगे कि आईआईएम (इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट) यहां आये।’’ उनके इस बयान को पढक़र मुझे काफी हैरानी हुई। क्योंकि, जब 2009 में देश में केवल चार नये आईआईएम बनने की बात आयी तो उस समय दीपेन्द्र ने बड़ी मेहनत से और बड़ी लडाई लडक़र एक आईआईएम हरियाणा के लिये मंजूर कराया और उसे रोहतक में स्थापित कराया। यहां से 2012 में पहला बैच पास हो कर निकल चुका है उसके बाद से कई बैच पास आउट हो चुके हैं, आईआईएम की कक्षाएं रोहतक में लगातार चल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि मुझे लगता है कि कहीं न कहीं इस सरकार की रुचि शिक्षा के क्षेत्र को लेकर, युवाओं के भविष्य को लेकर बिल्कुल नहीं है या फिर यह सरकार लोगों को केवल गुमराह करने में लगी हुई है। आशा हुड्डा ने कहा कि मौजूदा भाजपा सरकार अपने निहित स्वार्थों के चलते सदियों पुराने हमारे भाईचारे को तोडऩे की कोशिश कर रही है। लेकिन हरियाणा के लोग समझदार हैं और ऐसी साजिश रचने वालों को करारा सबक सिखाना जानते हैं। उन्होंने लोगों से भाईचारा कायम रखने की अपील करते हुए कहा कि बिना भाईचारे के विकास नहीं हो सकता और प्रगति नहीं आ सकती है। इस दौरान पूर्व विधायक भारत भूषण बत्रा, सुमेर अहलावत, डॉ. विकास सिवाच, दीपक कौशिक, कुलवंत मलिक, सुरेश कौशिक, सतपाल वत्स, सुरेश मलिक, राधेश्याम शर्मा, रणधीर कटारिया, प्रेम सजवाण, राजकुमार शर्मा, बलराज (बल्लू) सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। हिन्दुस्थान समाचार/अनिल/पंकज
लोकप्रिय खबरें
फोटो और वीडियो गैलरी
image