Hindusthan Samachar
Banner 2 शनिवार, अप्रैल 20, 2019 | समय 12:35 Hrs(IST) Sonali Sonali Sonali Singh Bisht

नागक्षेत्र सरोवर पर श्रद्धालुओं की आस्था के साथ हो रहा खिलवाड़

By HindusthanSamachar | Publish Date: Apr 10 2019 7:03PM
नागक्षेत्र सरोवर पर श्रद्धालुओं की आस्था के साथ हो रहा खिलवाड़
महाभारतकालीन सरोवर में जाल लगा कर निकाली जा रही है मछलियां सरोवर पर आटा डालने आए श्रद्धालुओं ने मछलियों को कराया जाल से मुक्त जींद, 10 अप्रैल (हि.स.)। नगर के ऐतिहासिक महाभारतकालीन नागक्षेत्र सरोवर पर श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ का मामला उस समय आया जब बुधवार सुबह नगर के श्रद्धालु मंदिर में दर्शनार्थ व सरोवर में मछलियों को आटा डालने के लिए यहां आए थे। सरोवर पर आटा डालने के लिए युवा श्रद्धालुओं ने देखा कि सरोवर के पानी में कुछ हलचल हो रही है। उन युवाओं ने हलचल वाले स्थान के पानी में देखा को पाया कि सरोवर के घाट पर पानी में जाल पड़ा हुआ है और उसमें दर्जनों मछलियां तडफ रही हैं। युवकों ने लोगों की मदद से तुरंत जाल को बाहर खिंचकर बाहर निकाला और औजारों का इंतजाम करके किसी तरह से जाल को खोल कर जिंदा मछलियों को मुक्त करवाकर पानी में छोड़ दिया और मरी हुई दर्जनभर मछलियों को बाहर निकाला। पानी में हलचल को देखने वाले वार्ड चार निवासी संदीप कुमार का कहना है कि इस जाल को देखकर लगता है कि मछली पकडऩे वालों का यह गौरखधंधा काफी दिनों से चला हुआ है, जोकि श्रद्धालुओं की श्रद्धा के साथ सरासर कुठाराघात है। मंदिर के पुजारी यतिंद्र कौशिक का कहना है कि मछली पकडऩे वाले ऐसा महसूस होता है कि रात को करीब 11 बजे यहां आकर जाल लगाकर चले जाते हैं और जल्द सुबह आकर जाल खोलकर ले जाते हैं लेकिन आज यह मामला पूरी तरह से सामने आ गया है। उन्होंने बताया कि एक बार पहले भी रात में इस तरह की हरकत करने की फिराक में दर्जनभर की संख्या में लोग यहां देखे गए थे, उन्होंने उन लोगों को यहां से चले जाने को कहा तो उन लोगों ने उसे जान से मारने की धमकी देते हुए मंदिर में अंदर चले जाने को कह दिया था। पुजारी यतिन्द्र कौशिक ने कहा कि इस मामले को प्रशासन व पुलिस के संज्ञान मे पहले ला चुके हैं लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। पुजारी ने प्रशासन से मांग की थी इस मंदिर प्रांगण में लाइटिंग करवाई जाए, एक चौकीदार की तैनाती हो और रात में यहां पर पुलिस की गश्त बढ़ाई जाए। बता दें कि यह सरोवर ऐतिहासिक महत्व रखता है। इसी स्थान पर महाराजा जन्मेज्य ने सर्पदंश यज्ञ किया था। इस सरोवर का वर्णन पौराणिक ग्रंथों में भी मिलता है। इसी सरोवर पर बने मंदिर में मां वैष्णों की पौराणिक मूर्ति विराजमान है और सरोवर व मंदिर के साथ श्रद्धालुओं अटूट आस्था जुड़ी हुई है। श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मांग की कि यहां की व्यवस्थाओं को सुधारा जाए। हिन्दुस्थान समाचार/विजेंद्र/वेदपाल
लोकप्रिय खबरें
फोटो और वीडियो गैलरी
image