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निजी स्कूलों ने नियमों के विपरित वार्षिक शुल्क चार्ज किया तो होगी कार्रवाई : फुलिया

By HindusthanSamachar | Publish Date: Apr 10 2019 6:14PM
निजी स्कूलों ने नियमों के विपरित वार्षिक शुल्क चार्ज किया तो होगी कार्रवाई : फुलिया
कुरुक्षेत्र 10 अप्रैल (हि.स.)। उपायुक्त डाॅ. एसएस फुलिया ने कहा कि निजी स्कूलों के संचालकों को नियमानुसार ही फीस और वार्षिक शुल्क विद्यार्थियों से लेने होंगे। यह स्कूल फार्म 6 में दी गई शर्तो के अनुसार ही वार्षिक शुल्क और फीस विद्यार्थी से ले सकेंगे, अगर किसी स्कूल ने नियमों के विपरित वार्षिक शुल्क और फीस वसूली तो सख्त कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। इतना ही नहीं स्कूल संचालक केवल नए विद्यार्थी से ही दाखिला और फीस लेने का हकदार है और स्कूल में पढऩे वाले विद्याथी से सालाना दाखिला शुल्क नहीं वसूला जा सकता है। उपायुक्त डाॅ. एसएस फुलिया बुधवार को राजकीय सीनियर माॅडल स्कूल के सभागार में निजी स्कूल संचालकों के प्रतिनिधियों की एक महत्वपूर्ण बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नए सत्र के लिए सभी स्कूलों में दाखिला प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस दाखिला प्रक्रिया के दौरान किसी भी स्कूल की शिकायत प्रशासन तक नहीं पहुंचनी चाहिए। सभी स्कूलों के संचालकों को नियमानुसार दाखिले करने होंगे और विद्यार्थियों से फीस लेनी होगी। सभी स्कूल संचालकों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को फार्म 6 के तहत अपने-अपने स्कूल के वार्षिक शुल्क, दाखिला फीस, मासिक फीस व अन्य फंड अंकित किए है और इस फार्म 6 के अनुसार ही स्कूल संचालकों को फीस और अन्य चार्ज लेने होंगे। उन्होंने अभिभावकों से मिली शिकायतों पर बोलते हुए कहा कि सभी स्कूलों को नियमानुसार एनसीआरटी की पुस्तकें स्कूलों में लगवानी चाहिए और जिन निजी प्रकाशक की पुस्तकें स्कूल में लगवानी हो तो उनकों भी नियमों के अनुसार ही स्कूलों में लगवाना होगा। इन पुस्तकों से किसी की धार्मिक भावना को आहत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 134 ए के तहत स्कूलों में दाखिल विद्यार्थियों से निजी स्कूल संचालक बस शुल्क ले सकते है और अगर स्कूल संचालक चाहे तो वह किसी गरीब विद्यार्थी का बस शुल्क माफ भी कर सकता है। उन्होंने कहा कि सभी स्कूल संचालक नियमों की पालना करें और किसी भी विद्यार्थी से नाजायज शुल्क वसूल ना करें और किसी भी स्कूल से शुल्क सम्बधी शिकायत नहीं आनी चाहिए। जिला शिक्षा अधिकारी अरूण आश्री ने निजी स्कूलों के लिए निर्धारित किए गए मापदंडों को सबके समक्ष रखा और कहा कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों की निगाहें सभी स्कूल संचालकों पर रहेेंगी और नियमित रूप से स्कूलों का निरीक्षण भी किया जाएगा और अगर किसी स्थिति में कोई खामी पाई गई तो नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी। इस मौके पर थानेसर खंड शिक्षा अधिकारी विनोद कौशिक, प्रिंसीपल संतोष शर्मा सहित आदि मौजूद थे। हिन्दुस्थान समाचार/बाबूराम/वेदपाल
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