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फायर ब्रिगेड कर्मी हत्या व सैलून संचालक पर जानलेवा हमले के दो दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई

By HindusthanSamachar | Publish Date: Apr 8 2019 7:58PM
फायर ब्रिगेड कर्मी हत्या व सैलून संचालक पर जानलेवा हमले के दो दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई
सोनीपत, 8 अप्रैल (हि.स.)। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अश्विनी कुमार की अदालत ने फायर ब्रिगेड कर्मी हत्या व सैलून संचालक पर जानलेवा हमला करने के मामले में सुनवाई करते हुए दो दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषियों पर 17-17 हजार रुपये जुर्माना किया गया है। जुर्माना नहीं देने पर तीन माह अतिरिक्त कैद काटनी होगी। उल्लेखनीय है कि गांव सेरसा निवासी राहुल ने कुंडली थाना पुलिस को बताया था कि 26 मार्च, 2016 की देर शाम को उसका चाचा प्रवीण गांव के वीरेंद्र उर्फ धाकड़ के सैलून पर सेविंग कराने पहुंचा था। प्रवीण दिल्ली में दमकल विभाग में नौकरी करता था। वीरेंद्र प्रवीण की कटिंग कर रहा था उसी दाैरान बाइक सवार दो युवक सैलून में आए और प्रवीण पर गोलियाें से हमला कर दिया। बीच-बचाव में वीरेंद्र आया तो उसके भी पेट में गोली मार दी। हमलावर इस वारदात के बाद वहां भाग गए। राहुल ने गांव के अमित व संदीप पर हत्या का आरोप लगाकर केस दर्ज कराया था। राहुल का आरोप था कि कुछ दिन पहले शादी समारोह में अमित का प्रवीण के साथ झगड़ा हुआ था, इसी की रंजिश रखते हुए अमित ने इस वारदात को अंजाम दिया था। सीआईए सोनीपत की टीम ने बाद में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। जिस पर अमित ने पुलिस का बताया था कि वारदात से सप्ताह भर पहले उसकी इको वैन का शीशा तोडऩे को लेकर उसकी गांव के टिंकू व सोनू से कहासुनी हुई थी। जिसमें बाद में प्रवीण ने दोनों के साथ मिलकर अमित की पिटाई कर दी थी। साथ ही गलत व्यवहार किया था। इसके चलते गांव में उसकी बेइज्जती हो गई थी। इसके बाद अपने दोस्त संदीप के साथ मिलकर प्रवीण की हत्या की थी। मामले मंई दोनों आरोपियों को हथियार देने के आरोप में दो अन्य को भी नामजद किया गया था। उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। अदालत ने दोनों की संलिप्तता साबित नहीं होने पर उन्हें बरी कर दिया है। इस केस की सुनवाई करते हुए एएसजे अश्विनी कुमार की अदालत ने दो आरोपियों अमित व संदीप को दोषी करार दिया है। अदालत ने आईपीसी की धारा 302 में उम्रकैद व 10 हजार रुपये जुर्माना, धारा 307 में 7 साल कैद व 5 हजार रुपये जुर्माना तथा अवैध शस्त्र अधिनियम में एक साल कैद व दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। सभी सजा एक साथ चलेंगी। प्रवीण हत्याकांड में चश्मदीद गवाह सैलून संचालक वीरेंद्र उर्फ धाकड़ की भी हत्या की जा चुकी है। वीरेंद्र ने प्रवीण हत्याकांड के बाद अपने घर के पास ही दोबारा से सैलून खोल लिया था। वह 28 मई, 2017 की रात को अपने सैलून पर था। तभी उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह केस अभी कोर्ट में चल रहा है। हिन्दुस्थान समाचार /नरेंद्र/वेेदपाल
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