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नहीं मान रहे निजी स्कूल, परिसर में ही बेच रहे स्टेशनरी व वर्दी

By HindusthanSamachar | Publish Date: Apr 8 2019 4:25PM
नहीं मान रहे निजी स्कूल, परिसर में ही बेच रहे स्टेशनरी व वर्दी
जींद, 8 अप्रैल (हि.स.)। निजी स्कूल परिसर में वर्दी और किताबें बेचने को लेकर स्कूल प्रशासन को शिक्षा विभाग का कोई डर नहीं है। शिक्षा विभाग का डर न होने के चलते निजी स्कूल संचालक अभिभावकों को जमकर लूट रहे हैं। ऐसा नहीं है कि विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने शिक्षा अधिकारियों और निजी स्कूल संचालकों को निर्देश जारी न किए गए हों। इन निर्देशों में साफ कहा गया है कि निजी स्कूल अपने यहां किताबें, वर्दी या स्टेशनरी ने बेचे। निदेशालय से जारी किए गए पत्र में सभी डीईओ को स्पष्ट कहा गया है कि कोई निजी विद्यालय इस प्रकार की गतिविधियों में सम्मिलित या अभिभावकों को इस तरीके से बाधित करते हुए पाया जाता है तो इस बारे में संबंधित विद्यालय की जांच करके जांच रिपोर्ट सभी तथ्यों सहित अपनी स्पष्ट टिप्पणी के साथ एक सप्ताह के अंदर निदेशालय को उपलब्ध करवाएं ताकि नियमानुसार दोषी विद्यालय के खिलाफ कार्रवाई की जाए। निजी स्कूल लगवाते है प्राइवेट पब्लिर्स की किताबें : गोयत स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन प्रदेश महासचिव आशा गोयत और जिला प्रधान अशोक मित्तल ने बताया कि जो निदेशालय ने शुक्रवार को पत्र जारी किया है जींद के सभी स्कूलों को यह आदेश जारी करें। क्योंकि जींद के निजी स्कूलों में प्राइवेट पब्लिर्स की किताबें लगवाई जाती है। जबकि निजी स्कूलों में एनसीआरटी की किताबें लगवानी चाहिए। जींद में ऐसे कई बड़े स्कूल है जो स्कूल परिसर में ही किताबें बेचने को लेकर दुकान चलाए हुए हैं। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी दलजीत सिंह ने बताया कि निदेशालय से पत्र प्राप्त हो चुका है। अगर कोई स्कूल अपने परिसर में ही किताबें, वर्दी व स्टेशनरी बेचता पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अभिभावकों के साथ किसी भी प्रकार की नाइंसाफी नहीं होने दी जाएगी। हिन्दुस्थान समाचार/विजेंद्र/वेदपाल
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