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अंबाला से फिर चमकेगा रतन, दूसरी बार भाजपा ने जताया भरोसा

By HindusthanSamachar | Publish Date: Apr 6 2019 9:33PM
अंबाला से फिर चमकेगा रतन, दूसरी बार भाजपा ने जताया भरोसा
अंबाला से फिर चमकेगा रतन, दूसरी बार भाजपा ने जताया भरोसा* - अंबाला लोकसभा की धरातल नाप चूके कटारिया, जनमानस की पसंद टिकट मिलने से कार्यकर्ताओं में उत्साह, जताया जीत का भरोसा अंबाला, 6 अप्रैल (हि.स.)। अंबाला लोकसभा का क्षेत्र तीन राज्यों के भूखंड को छूता है। हर जगह स्थिति अलग-अलग है। हर क्षेत्र की स्थिति को अच्छी तरह भांपने में माहिर सांसद रतन लाल कटारिया पर भाजपा ने फिर भरोसा जताया है। भाजपा ने लगातार पांचवीं बार कटारिया को टिकट दिया है। वर्ष 1999 से अंबाला का टिकट भाजपा से रतन के खाते में ही जा रहा है। शनिवार को पार्टी द्वारा आठ प्रत्याशियों की सूची जारी की गई है। सूची सार्वजनिक होते ही लोकसभा क्षेत्र में आने वाले सभी नौ विधानसभा इलाकों में प्रत्याशियों में भारी जन उत्साह देखने को मिला। मोदी लहर के साथ-साथ उनकी व्यक्तिगत उपलब्धियों को देखते हुए मतदाताओं ने उन्हें पिछली बार की तरह भारी मतों से जीत का विश्वास दिलाया है। *टिकट घोषित होने की सूचना मिलते ही कटारिया उतरे चुनाव मैदान में* पार्टी हाईकमान की ओर से टिकट घोषित होते ही सांसद रतनलाल कटारिया बिना किसी देरी के चुनाव मैदान में कूद पड़े। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करने के साथ प्रचार-प्रसार का आगाज करते हुए जनता से रूबरू हुए। हालांकि टिकट घोषणा की सूचना मिलते ही कटारिया के घर बधाई देने वालों का तांता लगना शुरू हो गया। दिन भर कार्यकर्ता व कटारिया के परिचित बधाई देने पहुंचते रहे। *टिकट पर बना हुआ था संशय* टिकट घोषणा से पहले सांसद रतन लाल कटारिया की टिकट को लेकर संशय बना हुआ था। विरोधी तरह-तरह की अफवाहें फैला रहे। मगर टिकट घोषित होने के बाद विरोधियों को कटारिया ने भी करारा जवाब दिया। पहले चर्चा बनी हुई थी कि चार बार सांसद रहे सूरजभान के बेटे अरुण भान को टिकट मिल सकता है। पार्टी ने जब अपने स्तर पर आंकलन किया तो हाईकमान को स्थित स्पष्ट हो गई कि कटारिया ही जनता की पहली पसंद हैं। *यह है कटारिया का रिपोर्ट कार्ड* वर्ष 1999 में पहली बार रतन लाल कटारिया अंबाला से चुनाव मैदान में उतरे और फतेह भी किया। उन्होंने कांग्रेस के मूलचंद मुलाना को पटखनी दी। इसके बाद वर्ष 2004 में भी भाजपा ने कटारिया को ही टिकट दिया। मगर कटारिया वर्ष 2004 व 2009 में कुमारी शैलजा से हार गए। वर्ष 2014 में कटारिया ने फिर से दोबारा जीत दर्ज की और अबकी बार भी भाजपा ने कटारिया पर भी दांव खेला है। *अपने बेबाकीके लिए मशहूर हैं कटारिया* ऐसा नहीं है कि केवल अनिल विज की अपने बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं। कटारिया को भी इसमें महारत हासिल है। पार्टी स्तर पर उन्होंने यूपी सरकार व राहुल गांधी के खिलाफ भी कई बेबाक ब्यान व टिप्पणियां की। राहुल को पप्पू साबित करने वालों में उनका काफी योगदान रहा। *हंसमुख प्रवृति के धनी हैं कटारिया* किसी सामान्य सांसद या विधायक के पास किसी को जाना पड़े तो लोग असहज महसूस करते हैं,लेकिन कटारिया से मिलने में कभी किसी को दिक्कत नहीं आई। नागरिकों को जब भी उनसे मिलने का मौका मिले वे हमेशा हसंमुख रहे। माना जाता है कि थोड़े से समय में ही अपने मिलने वालों को उनसे लगाव हो जाता है क्योंकि वे अपने तजुर्बे व बातों से लोगों को प्रभावित कर लेते हैं। *धर्मपत्नी को बताते हैं अपनी पथप्रदर्शक* कटारिया अपनी धर्मपत्नी बंतो कटारिया को हमेशा से अपना पथप्रदर्शक बताते हैं। सार्वजनिक मंचों पर उन्होंने हमेशा सार्वजनिक किया कि उनके त्याग के कारण ही वे इन बुलंदियों को छू सके। बंतो कटारिया भी हमेशा मिलनसार स्वभाव की रही हैं। हिन्दुस्थान समाचार/राजीव/वेदपाल
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