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ठोस कचरा प्रबंधन के लिए प्रदेश को बांटा गया है 14 कलस्टर में: ढेसी

By HindusthanSamachar | Publish Date: Apr 6 2019 9:30PM
ठोस कचरा प्रबंधन के लिए प्रदेश को बांटा गया है 14 कलस्टर में: ढेसी
कुरुक्षेत्र, 06 अप्रैल (हि.स.)। हरियाणा के मुख्य सचिव डी ने कहा कि ठोस कचरा प्रबंधन के लिए हरियाणा प्रदेश को 14 कलस्टर में बांटा गया है और इन 14 जगहों पर सालिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए जगह चिन्हित की जा चुकी है। इस प्रदेश में कचरे का प्रबंधन करने के लिए गुरुग्राम-फरीदाबाद, सोनीपत-पानीपत, अम्बाला-करनाल और रोहतक सहित 4 यूनिटों में वेस्ट से एनर्जी तैयार की जाएगी और पंचकूला, हिसार, रेवाड़ी, यमुनानगर, भिवानी, पुनाना, फतेहाबाद, सिरसा, जींद और फारुख नगर सहित 10 यूनिटों में कचरे से कम्पोस्ट तैयार किया जाएगा। इतना ही नहीं प्रदेश के रोहतक, करनाल, पंचकूला और पानीपत म्युनिसिपल काॅरपोरेशन और थानेसर, फतेहाबाद व जींद नगर परिषदों में एनजीटी के आदेशों की आगामी 6 महीनों में एक्शन प्लान तैयार करके पालना की जाएगी। मुख्य सचिव डीएस ढेसी शनिवार को पिपली पैराकीट में हरियाणा शहरी नगर निकाय विभाग की तरफ से सालिड वेस्ट मैनेजमेंट विषय पर आयोजित एक दिवसीय ट्रेनिंग कम ओरिएंटेशन कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि के रुप में बोल रहे थे। इससे पहले मुख्य सचिव डीएस ढेसी, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के प्रधान सचिव आनंद मोहन शरण, महानिदेशक समीर पाल सरो ने दीपशिखा प्रज्जवलित करके विधिवत रुप से एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारम्भ किया। इस दौरान मुख्य सचिव ने 11 जिलों के उपायुक्तों से सालिड वेस्ट मैनेजमेंट पर किए गए कार्यों पर फीडबैक रिपोर्ट हासिल की, स्वच्छता और पर्यावरण को बेहतर बनाने पर सुझाव आमंत्रित किए और ठोस कचरा प्रबंधन के नियमों को लेकर समीक्षा भी की है। इस कार्यशाला के उपरांत मुख्य सचिव ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2016 को लेकर सॉलिड वेस्ट प्रबंधन रुल 2016, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट रुल 2016, बायोमडिकल वेस्ट रुल 2016, ई-वेस्ट मैनेजमेंट रुल 2016, सी एंड डी वेस्ट मैनेजमेंट रुल 2016 नए नियम भारत सरकार द्वारा तैयार किए गए थे। इन नियमों को अमलीजामा पहनाने की जिम्मेवारी लोकल बॉडिज को सौंपी गई। उन्होंने कहा कि हर शहर में कूड़ा प्रबंधन के लिए साईट को सुनिश्चित किया जाएगा और नियमों के अनुसार हर घर से कूड़ा एकत्रित किया जाएगा तथा गीले व सुखे कचरे को अलग किया जाएगा। इसके लिए साईट तक ले जाने के लिए ट्रांस्पोटेशन की व्यवस्था की जाएगी और साईट पर कचरे को प्रोसेस में लाया जाएगा तथा कूड़े को अलग-अलग किया जाएगा। मुख्य सचिव ने कहा कि 6 मार्च को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेशों की पालना सुनिश्चित करवाने के लिए प्रत्येक गतिविधि का निर्धारति समयावधि के साथ लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है और प्रत्येक जिलाधीश को इसकी जिम्मेवारी सौंप दी गई हैै और प्रत्येक जिलाधीश हर सप्ताह एनजीटी द्वारा निर्धारित 18 बिंदूओं पर जिले में ठोस कचरा प्रबंधन पर किए गए कार्यो की समीक्षा करेंगे और 15 दिन के बाद सरकार के रिपोर्ट भिजवाना सुनिश्चित करेंगा। इतना ही नहीं वे स्वयं महीने में एक बार एनजीटी की आदेशों की अनुसार पूरे प्रदेश की ठोस कचरा प्रबंधन पर की गई गतिविधियों पर की रिपोर्ट तैयार करेंगे और जून माह तक इसकी एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करके जुलाई माह में एनजीटी के समक्ष पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। उन्होंने कहा कि करनाल और कुरुक्षेत्र में दो चरणों में की गई कार्यशाला में सभी उपायुक्त को एनजीटी द्वारा निर्धारित 18 बिंदूओं और वर्ष 2016 में बनाए गए पांचों नियमों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है ताकि सभी उपायुक्त जिम्मेवारी के साथ नियमों की पालना करवाना सुनिश्चित करे। मुख्य सचिव ने पत्रकारों के प्रश्न का जवाब देते हुए कहा कि एनजीटी के आदेशों के बाद ठोस कचरा प्रबंधन के कार्य में तेजी लाई गई है। हालांकि प्रदेश में पहले भी नियमित रुप से ठोस कचरा प्रबंधन को लेकर समीक्षा की जा रही है और प्रदेश में पहले से ही कई जगहों पर ठोस कचरा प्रबंधन के लिए जगह निर्धारित की जा चुकी है, जिसके परिणाम स्वरुप ही स्वच्छ सर्वेक्षण 2019 में करनाल का रैंक देश में 24वें स्थान पर रहा, इसी तरह रोहतक का 69, पंचकूला का 71 और गुरुग्राम 83 रैंक पर रहा। उन्होंने कहा कि ठोस कचरा प्रबंधन को लेकर जहां थोड़ी बहुत कमी है उन्हें पूरा किया जा रहा है। एक अन्य प्रश्न का जवाब देते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि ठोस कचरा प्रबंधन को लेकर पूरे हरियाणा को 14 कलस्टरों में बांटा गया है, जहां पर कचरे का प्रबंधन किया जाएगा और जिन जिलों में कचरा प्रबंधन के लिए स्थाई व्यवस्था नहीं है, उन जिलों में स्थाई व्यवस्था होने तक वर्तमान जगहों पर कचरे के प्रबंधन की अच्छी से अच्छी व्यवस्था करने के आदेश दिए गए है, इतना ही नहीं इन जगहों के निकटवर्ती क्षेत्रों के लोगों को भी किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। हरियाणा शहरी स्थानीय निकाय के प्रधान सचिव आनंद मोहन शरण ने कहा कि सॉलिड वेस्ट प्रबंधन रुल 2016, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट रुल 2016, बायोमडिकल वेस्ट रुल 2016, ई-वेस्ट मैनेजमेंट रुल 2016, सी एंड डी वेस्ट मैनेजमेंट रुल 2016 को सख्ती से प्रदेश में लागू करना है। इसके लिए एनजीटी के आदेशानुसार एक रिजनल निगरानी कमेटी का भी गठन किया गया है और इसके लिए सेवा निवृत जस्टिस प्रीतम पाल सिंह को भी नियुक्त किया गया है। यह कमेटी हर माह नियमों की पालना करवाने बारे हरियाणा प्रदेश से फीडबैक लेगी। इस प्रदेश में सबसे पहले सभी अधिकारियों को एनजीटी के नियमों को पूर्णत: लागू करना है और कोर्ट आदेशों की पालना करने के साथ-साथ पांचों नियमों पर पूर्णत: अमल करना है। यह सभी अधिकारियों की डयूटी रहेगी। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है सभी सचेत होकर पांचों नियमों को तेजी के साथ अमलीजामा पहनाने का काम करे। इसकी जिम्मेवारी सभी जिलों के उपायुक्तों को सौंपी गई है। हिन्दुस्थान समाचार/बाबूराम/वेदपाल
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