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चुनावी चर्चा- परेश रावल को क्या हुआ

By HindusthanSamachar | Publish Date: Apr 8 2019 8:28PM
चुनावी चर्चा- परेश रावल को क्या हुआ
मुंबई, 08 अप्रैल (हि स)। सन 2014 के आम चुनावों में परेश रावल सबसे बड़ा सरप्राइज पैकेज साबित हुए थे, जिन्होंने पहली बार सियासत के मैदान में छलांग लगाई थी और अहमदाबाद (पूर्व) की संसदीय सीट से धमाकेदार जीत दर्ज की। इस बार के चुनावों के लिए उनका टिकट तो पक्का माना जा रहा था। वे प्रधानमंत्री के करीबियों में माने जाते रहे और पांच साल तक लगातार परेश रावल मोदी और केंद्रीय सरकार का बचाव करते रहे। खास तौर पर इतने सालों में वे सोशल मीडिया पर सक्रिय रहे और सरकार तथा पार्टी की ओर से विपक्ष के खिलाफ मोर्चा संभाले रहे। इस बार परेश रावल ने सबसे पहले कह दिया कि वे चुनाव नहीं लड़ेंगे और उनका टिकट पार्टी ने किसी और को दे दिया। परेश रावल ने चुनाव न लड़ने की वजह अपनी व्यस्तता को बताया, लेकिन ये वजह किसी को हजम नहीं हुई। चुनाव न लड़ने की बात कहते हुए परेश रावल ने दो बातें साफ कही थीं कि वे लगातार पार्टी का समर्थन करते रहेंगे और सक्रिय रहेंगे। चुनावी समर जैसे जैसे आगे बढ़ता रहा, वैसे वैसे परेश रावल की सक्रियता कम होती पाई जा रही है। सोशल मीडिया पर उनकी सक्रियता कम हुई है और अब इस बात की संभावनाएं भी कम होती जा रही हैं कि वे देश भर में भाजपा के लिए प्रचार करें। सबसे ज्यादा हैरान करने वाली खबर तो गुजरात से मिल रही है कि गुजरात में भी वे भाजपा के लिए प्रचार की सहमति नहीं दे रहे हैं और न ही वक्त दे रहे हैं। मुंबई में भी कई सीटों पर गुजराती समुदाय बड़ी संख्या में है और यहां भाजपा के नेता चाहते थे कि परेश रावल पार्टी का प्रचार करें, लेकिन अभी तक किसी को सफलता नहीं मिली है। राजनैतिक हलकों में परेश रावल को लेकर अलग अलग बातें हो रही हैं, लेकिन फिल्मी दुनिया में ऐसा नहीं है। परेश रावल को लेकर कई फिल्में बना चुके एक निर्देशक ने माना है कि वे भाजपा से खुश नहीं हैं। इस निर्देशक की मानें, तो मामला मोदी पर बनने वाली फिल्म को लेकर था। परेश रावल पिछले तीन साल से लगातार कह रहे थे कि वे मोदी पर बनने वाली फिल्म में उनका रोल करेंगे। इसके लिए परेश रावल ने अमेरिका से फाइनेंस की भी व्यवस्था की, लेकिन उनकी फिल्म शुरु करने के लिए सेंटर से हरी झंडी नहीं मिली। कहा जाता है कि प्रधानमंत्री कार्यालय में उनका मामला अटका रहा। ये भी कहा जाता है कि परेश रावल ने प्रधानमंत्री से मिलने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुए। मोदी पर फिल्म बनी, तो विवेक ओबेराय वाली फिल्म की योजना को हरी झंडी मिलते ही परेश रावल की योजना और दो साल की मेहनत तथा रिचर्स पर पानी फिर गया। परेश रावल इस फिल्म को गुजरात से लेकर अमेरिका, लंदन तक ले जाना चाहते थे और इसे भव्य तरीके से बनाना चाहते थे, लेकिन ऐसा हो नहीं सका और परेश रावल के दोस्तों के मुताबिक, उसी दिन से परेश रावल और भारतीय जनता पार्टी के बीच दूरियां बढ़नी शुरु हो गईं। हिन्दुस्थान समाचार/अनुज
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