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दो टिकटों पर दर्जन भर नेताओं की टकटकी

By HindusthanSamachar | Publish Date: Oct 25 2018 1:03PM
दो टिकटों पर दर्जन भर नेताओं की टकटकी
नरसिंहपुर । भाजपा और कांग्रेस ने अब तक अपने प्रत्याशियों की घोषणा नही की है, लेकिन कथित चुनावी विश्लेषक अपने आकलन को सटीक बताते हुए गली-गली टिकटें बांट रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी लंबे वक्त से कभी कांग्रेस तो कभी भाजपा के प्रत्याशियों की फर्जी लिस्ट वायरल हो रही है। जिनमें कई नेताओं के नाम बदल-बदलकर सामने आ रहे हैं। 
 
भाजपा की शिवराज सरकार भले ही प्रदेश मे डेढ़ दशक से सत्तासीन हो, लेकिन जिले में शिवराज लहर भी हवा होती देखी गयी है। जिले के मतदाता लंबे वक्त से जिले की चारों विधानसभा सीटों पर एक बार कांग्रेस तो एक बार भाजपा को मौका देते आ रहे हैं। ऐसे मे इस बार भी वोटर्स के मिजाज को देखना दिलचस्प होगा। नरसिंहपुर विधानसभा की बात करें तो वर्ष 2013 में भाजपा के जालम सिंह पटैल ने कांग्रेस के सुनील जायसवाल से यह सीट लंबे अंतर से जीती थी। इस बार भी संभवत: भाजपा नेतृत्व जालम सिंह को ही मैदान में उतारेगा।

सत्तारूढ़ दल की टिकट पर हैं कई टकटकी
यह बात अलग है कि कुछ दिनों पूर्व पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में विधानसभा क्षेत्र के लिए की गयी रायसुमारी में भी भाजपा पदाधिकारियों ने अपनी-अपनी पसंद के 3 नेताओं के नाम आलाकमान को भेजे हैं, इनमें सबसे आगे कौन रहा? इस प्रश्न का उत्तर तो आलाकमान के पास ही है, लेकिन सत्तारूढ़ पार्टी की टिकट पर कईयों टकटकी हैं। लोधी समाज से आने वाले जालम सिंह जहां वर्तमान में राज्य मंत्री हैं वहीं उन्हें अपनी समाज में गहरी पैठ वाला नेता माना जाता है। इनके अलावा रायसुमारी में वरिष्ठ भाजपा नेता एड. छतर सिंह पटैल व उनके पुत्र अजय प्रताप सिंह पटैल का नाम भी सामने आया। ये कथित लोधी फैक्टर में फिट होने के साथ-साथ केंद्रीय मंत्री उमाभारती के बेहद करीबी माने जाते हैं। अजय प्रताप जहां युवा चेहरा हैं वहीं भाजपा के जिला प्रवक्ता भी हैं। वहीं वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पार्टी मे अनेक पदों पर रहे नीरज महाराज के समर्थक भी उन्हें विधायक के रूप मे देखना चाहते हैं। नीरज महाराज की धर्मपत्नि वर्तमान में नरसिंहपुर नगर पालिका की अध्यक्ष हैं। इनके अलावा लघु वनोपज संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष वीरेंद्र गिरी गोस्वामी एवं युवा मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष संजय साहू का नाम भी टिकट के दावेदारों के रूप मे सामने आया है। 

कांग्रेस में जारी है घमासान
नरसिंहपुर में जालम सिंह के अलावा टिकट मांग रहे नेताओं को कितनी गंभीरता से लिया जाये यह भविष्य की गर्त मे है, लेकिन कांग्रेस में टिकिट के लिए चल रहा घमासान एक अनार सौ बीमार की कहावत को चरितार्थ कर रहा है। नरसिंहपुर क्षेत्र से टिकट की आस लिए करीब आधा दर्जन नेता लगातार भोपाल से दिल्ली की दौड़ लगा रहे हैं। पूर्व में ही कांग्रेस के कार्यक्रमों मे भी शक्ति प्रदर्शन के अनेक दौर देखे जा चुके हैं। 
 
नरसिंहपुर से पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष लाखन सिंह पटैल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष एवं होसंगाबाद-नरसिंहपुर से लोकसभा प्रत्याशी रहे देवेंद्र पटैल गुड्डु, पूर्व विधायक सुनील जायसवाल, रूद्रेश तिवारी, वरिष्ठ नेता मनोहर साहू, मधु पालीवाल, नगर कांग्रेस अध्यक्ष नरेंद्र राजपूत, करेली नपा अध्यक्ष राजेंद्र रघुवंशी टिकट की दौड़ में हैं। इनमें से एक दावेदार ने तो  टिकट पुख्ता मानते हुए बकायदा प्रचार तक आरंभ कर दिया है। वहीं गांव-गांव कार्यकर्त्ताओं के घरों में कांग्रेस को वोट देने अपील के साथ दीवार लेखन भी कराया जा रहा है। संभावना जतायी जा रही है कि 28 से 30 अक्टूबर के बीच कांग्रेस टिकट की स्थिति स्पष्ट होने के साथ-साथ सभी कयासों पर विराम लग जायेंगे। 
आप व निषाद पार्टी ने मारी बाजी
टिकट वितरण में आम आदमी पार्टी व निषाद पार्टी ने बाजी मार ली है। नरसिंहपुर विधानसभा से बाबूलाल पटैल जहां आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी हैं वहीं निषाद पार्टी ने पत्रकार अमर नौरिया को मैदान मे उतारा है। दोनों ने अपना प्रचार भी आरंभ कर दिया है। बसपा ने अब तक अपने प्रत्याशी पर मोहर नही लगायी है। वहीं भाजपा की पहली सूची 31 अक्टूबर तक घोषित होने की संभावना है। इस सूची मे ऐसे प्रत्याशी होंगे जिनके नाम पर आलाकमान को कोई संशय नही है। वहीं शेष प्रत्याशियों की घोषणा दीपावली तक की जाने की बात सामने आ रही है, यह वक्त नामांकन दाखिले की अंतिम तिथि के बेहद करीब है। देखना यह होगा कि नरसिंहपुर का टिकट किस सूची मे आयेगा?
ये होंगे प्रमुख चुनावी मुद्दे
कृषि प्रधान जिला होने के कारण किसानों के लिए किये गये कार्य व किसानों की समस्याएं ही पक्ष व विपक्ष के प्रमुख मुद्दे होंगे। विदित हो कि पिछले 2 वर्षों में जिला अनेक किसान आंदोलनों के साथ इनका नेतृत्व करते हुए राजनीति के क्षेत्र के कई दिग्गजों को देख चुका है। अवैध उत्खनन को लेकर भी भाजपा सरकार व नेता विरोधियों के निशाने पर रहेंगे। इसके अलावा उद्योगहीनता का त्रास भोग रहे जिले में बेरोजगारी की समस्या व निदान को भी दल अपने-अपने तरीके से उठायेंगे। शिक्षा के क्षेत्र में किये गये कार्यों पर भी सवाल-जवाब होंगे।
 
हिन्‍दुस्‍थान समाचार/संजय/राजू 
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