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मास्टर ट्रेनर्स को बताई व्हीव्ही पैट के कनेक्शन से लेकर मतगणना तक की प्रक्रिया

By HindusthanSamachar | Publish Date: Oct 22 2018 5:25PM
मास्टर ट्रेनर्स को बताई व्हीव्ही पैट के कनेक्शन से लेकर मतगणना तक की प्रक्रिया
मन्दसौर, 22 अक्‍टूबर (हि.स.) । मास्टर ट्रेनर्स सभी मतदान दलों को प्रशिक्षण देते समय इस बात की ओर इंगित करें, कि सभी दल ईवीएम वीवीपैट मशीन ले जाने से पूर्व अच्छे से चेक कर लें। जिस मतदान केंद्र की जो मशीन है उसी को ले जायें। अन्य किसी मशीन को न ले जायें। सामग्री लेते वक्त भी अच्छे से चेक कर लें, किसी प्रकार की कोई कमी न रहे। मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण के दौरान तथा प्रशिक्षण के पश्चात निर्वाचन नियमों का अध्ययन करें तथा उसे यथोचित समय पर उपयोग में लायें। उक्‍त बातें सोमवार को जिले के सभी मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण देते समय प्रशिक्षण के नोडल अधिकारी जयंत कुमार जैन एवं सुदीप दास ने कही।
 
प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर को भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों, मतदान प्रक्रिया तथा उपयोग की जाने वाली मशीनें, ईव्हीएम, सीयू, वीयू तथा व्हीव्ही पैट के कनेक्शन, उनके रख रखाव तथा मशीनों के बदलने की प्रक्रिया, मशीनों की सीलिंग, मतदान की गणना की प्रक्रिया आदि के संबंध में जानकारी दी गई। इस अवसर पर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ओमप्रकाश श्रीवास्तव, सीईओ जिला पंचायत आदित्य सिंह, अपर कलेक्टर अनिल कुमार डामोर, रिटर्निंग ऑफिसर, सहायक रिटर्निंग आफिसर सभी मास्टर ट्रेनर्स उपस्थित रहे ।
 
इस दौरान मास्टर ट्रेनरों को बताया गया कि विधानसभा आम निर्वाचन 2018 को व्यवस्थित, शांतिपूर्ण, पारदर्शी बनाने के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देशों का अक्षरशः पालन करें। ईव्हीएम के कनेक्शन किसी भी परिस्थिति में ऑन करके नहीं किए जाने चाहिए। ओरिजनल पोल के पहले यदि मतदान के लिये उपयोग की जा रही मशीनों में से कोई भी यूनिट काम नहीं कर रही हो या खराब हो तो केवल खराब यूनिट बदली जाये। मतदान प्रारंभ होने के पूर्व माकपोल आवश्यक है। मोकपोल के लिए 50 वोट डालना अनिवार्य है। माकपोल के समय सेक्टर आफीसर अनिवार्यता उपस्थित रहे। सभी जोनल अधिकारियों को सीयू, बीयू, ईव्हीएम मशीन तथा व्हीव्हीपैट के कनेक्शन तथा उनमें आने वाले इरर की जानकारी अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। जिससे मतदान दल की किसी भी समस्यां का वे निराकरण कर सके।
 
प्रशिक्षण में बताया गया कि व्हीव्हीपैट को परिवहन के समय ट्रांसपोर्ट बोर्ड पर ले जाना चाहिए। किसी भी परिस्थिति में मतदान प्रारंभ होने के पूर्व व्हीव्हीपैट मशीन को प्रारंभ नहीं किया जाना है और न ही अपने स्तर पर टेस्टिंग की जानी है। सेक्टर अधिकारियों को मतदान के दिन मतदान केंद्र पर किए जाने वाले निरीक्षण की जानकारी भी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान बताया कि मतदान के दौरान यदि किसी मतदाता द्वारा यह शिकायत की जाती है कि उसने जिस अभ्यर्थी को मत दिया है उसकी पर्ची नहीं निकली है तो ऐसी स्थिति में संबंधित मतदाता द्वारा चैलेंज करने संबंधी प्रपत्र भरना होगा। यदि उसकी शिकायत सही निकलती है तो तत्काल सेक्टर अधिकारी के माध्यम से सूचना रिटर्निंग आफीसर को देनी होगी।
 
किंतु यदि यह चैलेंज गलत निकलता है तो धारा 127 ग के तहत कार्यवाही करते हुए उदघोषणा पत्र के साथ संबंधित मतदाता को पुलिस को सौंप दिया जाएगा। इस स्थिति में मतदाता को 6 माह तक की कारावास की सजा हो सकती है। इस पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकार्डिग कराया जाना आवश्यक है। मतदाता को मतदान केंद्र में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार समस्त नियमों का पालन आवश्यक है। यदि वह ऐसा नहीं करता है तो पीठासीन अधिकारी उसे मतदान करने से रोक सकेगा। पीठासीन अधिकारी को अपने सेक्टर आफीसर को पल पल की जानकारी देनी होगी।
 
प्रशिक्षण में बताया गया कि मतदान दल मतदान सामग्री प्राप्त करते समय सभी सामग्री का मिलान आवश्यक रूप से कर लें। आयोग के निर्देशानुसार मतदान पूर्व तैयारी एक दिन पहले ही कर लें। मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद आयोग द्वारा जारी प्रपत्रों में सभी जानकारियां पूर्ण कर लें। जिससे उन्हें वापसी के दौरान किसी भी असुविधा का सामना नहीं करना पड़े।
 
हिन्‍दुस्‍थान समाचार / उमेद
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