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जब सत्ता का स्वाद चखने साथ आए बीजेपी और कांग्रेस

By HindusthanSamachar | Publish Date: Oct 25 2018 12:20PM
जब सत्ता का स्वाद चखने साथ आए बीजेपी और कांग्रेस

संजीव

आइजोल। सत्ता पाने के लिए कोई कुछ भी कर सकता है, यह बात एक बार फिर चरितार्थ हुई है मिजोरम में। यहां सत्ता में बने रहने के लिए बीजेपी और कांग्रेस ने गठबंधन कर सबको चौका दिया। गौरतलब है कि सीएडीसी के लिए 20 अप्रैल को वोट डाले गए थे। मिजोरम के चकमा स्वायत्त जिला परिषद (सीएडीसी) के लिए हुए इस चुनाव में न तो कांग्रेस ही अपना वर्चस्व कायम रख पाई और न ही बीजेपी के हाथ कुछ लगा। ऐसे में दोनों ही पार्टियों के स्थानीय नेताओं ने एक अप्रत्याशित कदम उठाते हुए गठबंधन कर लिया और परिषद पर कब्जा जमा लिया।

कांग्रेस ने 6 तो बीजेपी को 5 सीट

20 सदस्यीय सीएडीसी के चुनाव में कांग्रेस ने छह और बीजेपी ने पांच सीट पर अपनी जीत दर्ज कराई। जबकि मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) ने सबसे अधिक आठ सीटों पर जीत का सेहरा पहना। ऐसे में सत्ता के लिए जरूरी 11 सीट हासिल करने में कोई भी पार्टी बहुमत हासिल नहीं कर पाई। एक सीट के चुनाव पर मिजोरम हाईकोर्ट रोक लगा चुकी है। मौके की नजाकत को भांपते हुए बीजेपी और कांग्रेस ने हाथ मिलाया और बहुमत हासिल कर लिया। गौरतलब है कि सीएडीसी के लिए 20 अप्रैल को वोट डाले गए थे।

 

मिजोरम के खेल मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के मुताबिक दोनों दलों (बीजेपी-कांग्रेस) के स्थानीय नेताओं ने समझौता किया है और चुनाव बाद यह गठबंधन बना। उन्होंने आगे कहा कि इस गठबंधन से राज्य के विधानसभा चुनावों से कोई संबंध नहीं है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। 

ये हुआ समझौता

समझौते के मुताबिक कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक गठबंधन फॉर्मूले के तहत बीजेपी के संती जीबान चकमा, चकमा स्वायत्त जिला परिषद के नेता होंगे वहीं कांग्रेस के बुद्धा लीला चकमा सदन के उपनेता होंगे। 

बीजेपी कर सकती है कार्रवाई

बीजेपी ने यहां कांग्रेस से हाथ तो मिला लिया, लेकिन बीजेपी इससे नाराज है। जानकारी के मुताबिक पार्टी के पदाधिकारी कांग्रेस से हाथ मिलाने वाले अपने नेताओं पर कार्रवाई कर सकती है। बीजेपी के एक नेता ने कहा कि पार्टी के गुवाहाटी और दिल्ली नेतृत्व के फैसले का हम इंतजार कर रहे हैं। 

जाने क्या है सीएडीसी

सीएडीसी एक स्वायत्त परिषद है। 29 अप्रैल 1972 को संविधान की छठी अनुसूची के तहत यह अस्तित्व में आई। सीएडीसी के पास अपनी विधायी, कार्यकारी और न्यायिक शक्तियां हैं। इन शक्तियों का इस्तेमाल वह अपने क्षेत्रों में करती है। गौरतलब है कि परिषद सीएडीसी के क्षेत्र में आवंटित विभागों पर विधायी, कार्यकारी और न्यायिक शक्तियों का प्रयोग करती है।

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