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फर्जी वेबसाइट के जरिए ठगी करने वाले तीन आरोपित गिरफ्तार

By HindusthanSamachar | Publish Date: Apr 14 2019 10:05PM
फर्जी वेबसाइट के जरिए ठगी करने वाले तीन आरोपित गिरफ्तार
नई दिल्ली, 14 अप्रैल (हि.स.) । पश्चिम जिला साइबर क्राइम सेल ने नौकरी की चाहत रखने वाले युवाओं को फर्जी वेबसाइट के जरिए नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों में एक महिला भी शामिल है। गिरफ्तार आरोपितों के पास से पुलिस ने एक लैपटॉप, पांच मोबाइल फोन, डिजिटल ई-वेलेट की जानकारी और तीन सिम कार्ड बरामद किए हैं। गिरोह एक नामी ऑनलाइन जॉब पोर्टल की फर्जी वेबसाइट बनाकर नौकरी के इच्छुक लोगों से ठगी करता था। डीसीपी मोनिका भारद्वाज ने रविवार को बताया कि पकड़े गए आरोपितों की पहचान नजफगढ़ निवासी राजू कुमार (24), नांगलोई निवासी रवि कुमार (21) और पंजाबी बाग निवासी आमना (25) के रूप में हुई है। गत 12 अप्रैल गुरुग्राम के एक निजी कंपनी में काम करने वाले सुमित बाहरी ने तिलक नगर थाने में ठगी की शिकायत दर्ज करवाई। अपनी शिकायत में उसने बताया कि वह नौकरी बदलना चाहता था। इसलिए जॉब वेबसाइट को खंगाल रहा था। इसी दौरान उसके पास एक महिला का फोन आया जिसने बैंकिंग सेक्टर में रोजगार के अवसर होने की बात कही। महिला ने पीड़ित को 10 रुपये भुगतान कर वेबसाइट को साइन अप करने के लिए कहा। साथ ही आधार और पैन कार्ड की पूरी जानकारी दर्ज करने के लिए कहा। सुमित ने क्रेडिट कार्ड के जरिए 10 रुपये का भुगतान कर दिया। उसने देखा कि उसके क्रेडिट कार्ड से 9822 हजार रुपये निकल गए। उसने महिला से इस बात की शिकायत की। महिला ने उसे बताया कि तकनीकी कारणों से रुपये निकल गए होंगे। उसने तुरंत ओटीपी नंबर भेजने को कहा ताकि पीड़ित को रुपये वापस मिल जाएं। पीड़ित के ओटीपी भेजते ही उसके अकाउंट से 14 सौ और 9898 हजार रुपये निकल गए। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने तिलक नगर थाने में केस दर्ज करवाया। इंस्पेक्टर मनोज कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने मामले की तकनीकी जांच शुरू की और शनिवार को रवि कुमार, राजू कुमार और आमना को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में तीनों ने अपना अपराध कबूल कर लिया। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही हैं। आरोपितों से पूछताछ में पता चला कि इस ठगी गैंग का सरगना राजू कुमार और अंकित तिवारी है। रवि कुमार आरोपितों को फर्जी लेनदेन के लिए अपना खाता मुहैया करवाता है। राजू और अंकित वेबसाइट डेवलपर मनीष अरोड़ा से नामी ऑनलाइन जॉब पोर्टल के नाम पर फर्जी वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू. साइनड्रीम.इन्फो तैयार करवाया। जब पीड़ित गुगल के जरिए इस वेबसाइट पर संपर्क करता है तो उससे 10 रुपये के रजिस्ट्रेशन फी की मांग की जाती है। जब पीड़ित अपना क्रेडिट/डेबिट कार्ड का नंबर, सीवीवी और ओटीपी इस वेबसाइट पर डालता है तो इसकी पूरी जानकारी इस वेबसाइट से जुड़े फर्जी वेबसाइट पर चला जाता है। उसके बाद आरोपित पीड़ितों से संपर्क करते हैं। आरोपी पीड़ितों को फर्जी सिमकार्ड से संपर्क करते हैं। इन सिमकार्डों को वह कुछ दिन के बाद तोड़कर फेंक देते हैं। हिन्दुस्थान समाचार/अश्वनी/पी.के.
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