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कैदियों की मानसिक स्थिति को दुरुस्त करने के लिए प्रशासन ने उठाया कदम

By HindusthanSamachar | Publish Date: Apr 12 2019 9:13PM
कैदियों की मानसिक स्थिति को दुरुस्त करने के लिए प्रशासन ने उठाया कदम
नई दिल्ली, 12 अप्रैल (हि.स.)। पश्चिमी जिले के हरि नगर स्थित एशिया की सबसे सुरक्षित कही जाने वाली तिहाड़ जेल हमेशा से ही सुर्खियों में रही है। उक्त जेल में आतंकी यासीन भटकल, छोटा राजन, बाहुबली नेता, दिल्ली का गैंगस्टर नीरज बवानिया और निर्भया गैंगरेप के आरोपित सजा काट रहे है, लेकिन जेल प्रशासन इस बात से चिंता में है की जेल में कैदियों के आत्महत्या के मामले थम नहीं रहे। हर वर्ष 6 से 7 कैदी आत्महत्या करते हैं। कैदियों के मानसिक हालात को ठीक करने के लिए जेल प्रशासन ने अब एक बड़ा कदम उठाया है। तिहाड़ जेल के डीजी अजय कश्यप ने ‘हिन्दुस्थान समाचार’ से बात करते हुए बताया कि तिहाड़ जेल देश की पहली ऐसी जेल बन गई है जहां कैदियों को मनोवैज्ञानिक परामर्श एवं उपचार मुहैया कराया जा रहा है। इसके अलावा एक विशेष ‘स्क्रीनिंग टूल’ के जरिये कैदियों की आत्महत्या एवं हिंसक प्रवृत्तियों की पहचान की जा रही है। इन्हें रोकने के लिए एम्स अस्पताल के साथ मिलकर एक सार्थक प्रयास के तहत करीब 60 परामर्शदाता जेल के करीब 7 हजार कैदियों के लिए काम कर रहे है। इसके लिए हर कैदी से करीब 20 सवाल पूछे जाते हैं और उनकी मानसिक स्थिति का अनुमान लगाया जाता है। कैदियों के तनाव ग्रस्त होने पर उन्हें परामर्श दिए जाते हैं। तिहाड़ के अनुसार जेल में हर वर्ष करीब 6 से 7 कैदी आत्महत्या कर रहे है। कुछ कैदी मारपीट हत्या तक की वारदात को अंजाम देने से गुरेज नही करते है। जेल प्रशासन के अनुसार तिहाड़ की 16 जेलों में करीब 16 हजार 400 कैदी बंद है, जिसमें करीब 20 प्रतिशत विचाराधीन कैदी है और बाकी 80 प्रतिशत सजायाफ्ता है। इसमें सात हजार कैदी इस ट्रेनिंग का लाभ ले रहे है। तिहाड़ के इस प्रयास में विश्व स्वास्थ्य संगठन का एक महत्वपूर्ण योगदान है। बाकी कई सरकारी एजेंसियों की मदद भी तिहाड़ जेल प्रशासन ले रहा है। तिहाड़ जेल के डीजी अजय कशयप के अनुसार जेल में आने वाला हर कैदी किसी न किसी समस्या तकलीफ से ग्रस्त जरूर रहता है और कई बार वो थक हार कर आत्महत्या या हिंसात्मक घटनाओं को अंजाम देने लगता है। इसी कारण से एम्स जैसे संस्थान के साथ मिलकर यह प्रयास किया जा रहा है। हिन्दुस्थान समाचार/अश्वनी शर्मा
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