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फर्जी तरीके से विदेश भेजने वाली एक महिला समेत छह गिरफ्तार, 4 एजेंटे भी हैं शामिल

By HindusthanSamachar | Publish Date: Apr 7 2019 7:51PM
फर्जी तरीके से विदेश भेजने वाली एक महिला समेत छह गिरफ्तार, 4 एजेंटे भी हैं शामिल
नई दिल्ली, 07 अप्रैल (हि.स.)। आईजीआई एयरपोर्ट पुलिस ने फर्जी तरीके से लोगों को विदेश भेज कर लाखों रुपये ठगने वाले गिरोह के छह लोगों को गिरफ्तार किया है। दबोचे गए आरोपितों में एक महिला सहित चार एजेंट भी शामिल हैं। पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपित फर्जी इमीग्रेशन स्टांप व जाली दस्तावेज का इस्तेमाल कर लोगों को विदेश भेजते थे। मामले की जांच में जुटी पुलिस अब पकड़े गए आरोपितों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन्होंने अबतक कितने लोगों को फर्जीवाड़ा कर विदेश भेजा है। वहीं गिरोह से जुड़े अन्य बदमाशों के बारे मे जानकारी जुटा उनकी तलाश में छापेमारी भी कर रही है। पकड़े गए जालसाजों के पास से 62 पासपोर्ट और अलग-अलग तरह की 28 फर्जी स्टांप बरामद हुए हैं। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान जितेंद्र सिंह, सचिन कुमार, सौरव, मुकेश गोयल, रविंद्र कुमार और सुनीता कुमारी के रूप में हुई है। इसमें से रविंद्र कुमार और सुनीता कुमारी विदेश जाने वाले यात्री हैं, जबकि अन्य चारों एजेंट हैं। सभी करनाल, मोहाली और कुरुक्षेत्र इलाके के रहने वाले हैं। जितेंद्र का हर्बल प्रोडक्ट का कारोबार है जबकि सौरव इंग्लिश लैंग्वेज टेस्टिंग सिस्टम का कोच है। फर्जी दस्तावेज पर जाते वक्त दबोचे गए आईजीआई एयरपोर्ट के डीसीपी संजय भाटिया ने रविवार को बताया कि एयरपोर्ट पर एक मार्च को एक दंपती द्वारा फर्जी दस्तावेज पर विदेश भेजने के प्रयास का मामला सामने आया था। यह दंपती फर्जी दस्तावेज पर दिल्ली से कनाडा जाने का प्रयास कर रहा था। उनके पासपोर्ट में इमीग्रेशन स्टांप लगी हुई थी, लेकिन इमीग्रेशन के पास इन यात्रियों के संबंध में कोई डाटा उपलब्ध नहीं था। लिहाजा पुलिस ने दोनों को दबोच लिया और उसने सख्ती से पूछताछ शुरू की। ऐसे हुआ यह फर्जी गिरोह का खुलासा इस दौरान यह भी पता चला कि विदेश में बसने के इरादे से उन्होंने सचिन नामक एजेंट से संपर्क किया था। वह उन्हें वीजा के लिए चंडीगढ़ ले गया था। वहीं, उनके दस्तावेज पर फर्जी इमीग्रेशन स्टांप लगाई गई थी ताकि यह लगे कि दोनों लागातार हवाई यात्रा करते हैं। इस बात का पता चलने पर पुलिस ने 27 मार्च को एजेंट गिरोह के सदस्य सचिन को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की तो उसने यह खुलासा किया कि सौरव नाम के एजेंट ने दंपती के पासपोर्ट पर फर्जी इमीग्रेशन स्टांप लगाया था। वह कुरुक्षेत्र में एक इंस्टीट्यूट चलाता है। जिसके बाद 29 मार्च को सौरव को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से 62 पासपोर्ट और 6 फर्जी इमीग्रेशन स्टांप सहित विभिन्न बैकों की नोटरी की 28 स्टांप बरामद हुईं। पुलिस पूछताछ में सौरव ने बताया कि कुरूक्षेत्र निवासी मुकेश गोयल ने उन्हें फर्जी स्टांप उपलब्ध करवाया था। इसके बाद मुकेश गोयल और उसकी निशानेदही पर जीतेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। सरगना का है हर्बल प्रोडक्ट का कारोबार पुलिस के अनुसार इस गिरोह का सरगना जितेंद्र सिंह है। वह विदेश जाने के इच्छुक लोगों को सचिन से मिलवाता था। बाद में सचिन मोहाली और कुरूक्षेत्र के अपने साथी एजेंटों के द्वारा यात्रियों का फर्जी दस्तावेज उपलब्ध करवाता था। जांच आगे बढ़ी तो यह भी खुलासा हुआ कि आरोपित जितेंद्र सिंह का कुरुक्षेत्र में हर्बल प्रोडक्ट का कारोबार है। साथ ही वह एजेंट का काम करता है। सचिन मोहाली के एक इमीग्रेशन सर्विस में फिलिंग एजेंट का काम करता है। सौरव कुरूक्षेत्र में एक इंस्टीट्यूट चलाता है जबकि मुकेश गोयल रबर स्टांप की दुकान चलाता है। वहीं विदेश जाने के दौरान एयरपोर्ट पर पकड़े गए रविंद्र कुमार का करनाल में कीटनाशक की दुकान है। वहीं उनकी पत्नी सुनीता घरेलू महिला हैं। हिन्दुस्थान समाचार/अश्वनी शर्मा /सुभाष
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