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गर्भावास्था में महिलाएं स्वास्थ्य के प्रति बरते सजगता

By HindusthanSamachar | Publish Date: Apr 7 2019 4:58PM
गर्भावास्था में महिलाएं स्वास्थ्य के प्रति बरते सजगता
नई दिल्ली, 07 अप्रैल (हि.स.)। कुछ महिलाएं बिना जटिलताओं के गर्भावस्था के सभी चरण पार कर लेती हैं लेकिन दुर्भाग्यवश कुछ माताओं को संक्रमण से जूझना पड़ता है जो उनके साथ-साथ नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य को भी खतरे में डाल देता है। विभिन्न जटिलताओं में पोलियो, सेरेब्रल पाल्सी, समय से पहले जन्म, प्रीक्लेम्पसिया, क्लबफुट और पेट दर्द आदि के नाम लिए जा सकते हैं। दुनिया भर में आज " विश्व स्वास्थ्य दिवस " मनाया जा रहा है। इस बार विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने स्वास्थ्य दिवस की थीम ''सार्वभौमिक स्वास्थ्य देखभाल : हरेक के लिए, हर कहीं'' खास तौर पर महिलाओं और लड़कियों के लिहाज से अधिक खास है। सतत विकास लक्ष्यों के लिए अधिक समावेशी प्रणालियों, नियमित सेवाओं और बुनियादी ढांचे को तैयार किया जाना इस थीम का लक्ष्य है। एक विकासशील राष्ट्र के रूप में भारत लगभग हर उद्योग में विदेशी पूँजी निवेश में वृधि करते हुए तरक्की की ओर अग्रसर है। देश की आर्थिक स्थिति के बावजूद स्वास्थ्य का क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है। हालांकि, जन्मजात विकलांग्ता का खतरा बना हुआ है । सेम्पल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (एसआरएस) इंगित करता है कि 2008 और 2015 के बीच देश में 1.13 करोड़ बच्चों की मृत्यु उनके पांचवें जन्मदिन से पहले हो गई थी। 55 प्रतिशत से अधिक शिशुओं का जीवन 28 दिन पूरे होने से पहले ही समाप्त हो गया। गर्भावास्था में इन चीजों का महिलाओं को रखना चाहिए ध्यान तनाव से बचें थकान व तनाव शारीरिक व मानसिक रुप से आपके शरीर के लिए अच्छा नहीं है। तनाव के कारण गर्भवती महिलाओं में अनिद्रा, थकान, पीठ दर्द व कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं जिसका असर होने वाले बच्चे पर पड़ सकता है। अक्सर इन स्वास्थ्य समस्याओं के कारण डिलवरी समय से पहले और शिशु का कम वजन जैसी समस्या हो सकती है। धूम्रपान से दूरी गर्भावस्था के दौरान धूम्रपान ना करें। यह आपके और आपके होने वाले बच्चे दोनों के लिए नुकसानदेह होता है। इसके अलावा आपको उन लोगों के संपंर्क में भी नहीं रहना चाहिए जो धूम्रपान करते हों। जब आप गर्भावस्था के दौरान धूम्रपान करती हैं तो बच्चे को ऑक्सीजन की सही मात्रा नहीं मिल पाती है जिससे उसका विकास धीमा हो जाता है साथ ही जन्म के बाद भी उसमें कई तरह की समस्या हो सकती है जैसे वजन कम होना, दिमाग कम विकसित होना आदि। कैफीन के नुकसान गर्भावस्था के दौरान चाय या कॉफी का अत्यधिक सेवन नुकसानदेह हो सकता है। चाय में टैनिन और कॉफी में कैफीन नामक तत्व मौजूद होते हैं जो बच्चे की सेहत पर असर डालते हैं । हाल में स्वीडन में हुए एक शोध में पाया गया है कि जो महिलाएं गर्भावस्था के दौरान भी बहुत अधिक कॉफी का सेवन करती हैं उनके बच्चों का वजन कम होता है। इसके अलावा कॉफी से रक्तचाप और दिल की धड़कन दोनों ही बढ़ जाते हैं, जो गर्भावस्था में खतरनाक होता है। उल्लेखनीय है कि डब्ल्यूएचओ की स्थापना अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य समस्याओं पर दुनिया भर के देशों के आपसी सहयोग के लिए 7 अप्रैल, 1948 को की गई थी। इसीलिए आज के दिन को \"विश्व स्वास्थ्य दिवस\" के रूप में भी मनाया जाता है। संगठन का उद्देश्य है दुनिया भर के लोगों के स्वास्थ्य का स्तर ऊंचा करना। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से पूर्ण स्वस्थ होना ही मानव-स्वास्थ्य की परिभाषा है। हिन्दुस्थान समाचार/सुभाषिनी/सुभाष
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