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प्राइवेट स्कूलों को मनमाने तरीके से फीस वसूली नहीं करने देंगे : सिसोदिया

By HindusthanSamachar | Publish Date: Apr 4 2019 7:28PM
प्राइवेट स्कूलों को मनमाने तरीके से फीस वसूली नहीं करने देंगे : सिसोदिया
नई दिल्ली, 04 अप्रैल (हि.स.)। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने गुरुवार को कहा कि निजी स्कूलों द्वारा अनुचित फीस वृद्धि का स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के लिए सातवें वेतन आयोग के लागू करने से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि एक गलत धारणा बनाई गई है कि दिल्ली सरकार सातवें वेतन आयोग के कार्यान्वयन के खिलाफ है। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने गुरुवार को यहां एक प्रेस वार्ता कर कहा कि दिल्ली के कई निजी स्कूलों ने शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को वेतन भुगतान के लिए 7वें वेतन आयोग लागू करने का हवाला देते हुए मनमाने ढंग से फीस बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने 13 अप्रैल, 2018 को एक सर्कुलर जारी कर रियायती जमीन पर बने निजी स्कूलों को फीस बढ़ाने पर रोक लगा दी थी। दिल्ली सरकार द्वारा जारी सर्कुलर के मुताबिक रियायती जमीन पर बने स्कूलों को फीस बढ़ाने से पहले सरकार से अनुमति लेनी होगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि निजी स्कूलों द्वारा 7वां वेतन आयोग के मुताबिक शिक्षकों और कर्मचारियों को वेतन वृद्धि के बाद भी अगर अतिरिक्त बचत होती है तो सरकार उन्हें फीस बढ़ाने की अनुमति नहीं दे सकती। उन्होंने कहा कि दिल्ली के ज्यादातर स्कूलों में 7वां वेतन आयोग लागू करने के बाद भी उनके पास अतिरिक्त बचत हो रही है। शिक्षा मंत्री ने बताया कि दिल्ली में कुल 325 स्कूल ऐसे हैं जो दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के जमीन पर बने हैं। इनमें से 60 स्कूलों ने फीस बढ़ाने का आवेदन नहीं दिया और 32 स्कूलों ने आवेदन देने के बाद वापस ले लिया। ये स्कूल शिक्षकों को 7वें वेतन आयोग के हिसाब से तनख्वाह देंगे लेकिन फीस नही बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि बाकि के 233 स्कूलों के आवेदन पर इनके खातों का ऑडिट करवाया गया। इनमें से 150 स्कूलों के पास अतिरिक्त बचत निकला है। सरकार ने इन स्कूलों को बिना फीस बढ़ाए 7वां वेतन आयोग के हिसाब से शिक्षकों को तनख्वाह देने का निर्देश दिया। सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली सरकार शिक्षा में निजी स्कूलों की महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार करती है लेकिन निजी स्कूलों द्वारा फीस के नाम पर अभिभावकों से जबरन वसूली के खिलाफ है। दिल्ली में स्कूल लाभ कमाने वाली संस्थाएं नहीं हो सकते। उल्लेखनीय है कि दिल्ली हाईकोर्ट ने बीते बुधवार को अभिभावकों को बड़ी राहत देते हुए निजी स्कूलों के फीस बढ़ाने को हरी झंडी देने के सिंगल जज के फैसले पर रोक लगा दी। चीफ जस्टिस राजेंद्र मेनन की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच ने निजी स्कूलों को आठ अप्रैल तक बढ़ी हुई फीस नहीं वसूलने का आदेश दिया है। सिंगल बेंच के फैसले के खिलाफ दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार ने हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में अपील की थी। हिन्दुस्थान समाचार / रवि/दधिबल
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