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शिक्षा पद्धति पाश्चात्य केंद्रित होने के बजाय स्वदेशी हो : जेएनयू रजिस्ट्रार

By HindusthanSamachar | Publish Date: Mar 31 2019 6:07PM
शिक्षा पद्धति पाश्चात्य केंद्रित होने के बजाय स्वदेशी हो : जेएनयू रजिस्ट्रार
नई दिल्ली, 31 मार्च (हि.स.)। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय(जेएनयू) के रजिस्ट्रार डॉ प्रमोद कुमार ने मौजूदा शिक्षा पद्धति को एक गैर-जिम्मेदार समाज निर्माण का कारक बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा पद्धति पाश्चात्य केंद्रित होने के बजाय स्वदेशी होनी चाहिए। जेएनयू के रजिस्ट्रार डॉ प्रमोद कुमार ने नॉन कॉलेजिएट वीमेंस एजुकेशन बोर्ड(श्री अरबिंदो कॉलेज सेंटर) के तीसरे वार्षिक महोत्सव एवं पुरुस्कार वितरण समारोह में रविवार को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्राचीन भारतीय शिक्षा परम्परा की याद दिलाते हुए कहा कि पारम्परिक रूप से हम सभी अनुभव आधारित शिक्षा पद्धति में संस्कारित हैं, जबकि यूरोपीय शिक्षा पद्धति तर्क आधारित है और हम आज भी उसी व्यवस्था के भुक्तभोगी हैं। डॉ कुमार ने कहा कि अध्ययन की बजाय समाज और परिवार के बीच के अनुभव हमें ज्ञानवान और समझदार बनाते हैं जबकि आधुनिक शिक्षा पद्धति एक नौकरी पेशा गैर-जिम्मेदार समाज का निर्माण करता है। कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ पत्रकार मानसी मिश्रा ने कहा कि छात्राओं को कामयाब नहीं बल्कि काबिल बनने की तरफ सोचना होगा। यह आवश्यक नहीं है कि टॉपर ही सर्वश्रेष्ठ पद पर पहुंचे बल्कि काबिल और ज्ञानवान प्रतिभा सम्पन्न कोई भी छात्रा अपनी काबलियत के बल पर दुनिया का कोई भी मुकाम हासिल कर सकती है। समारोह की अध्यक्षता करते हुए कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ विपिन कुमार अग्रवाल ने कहा कि यदि अध्ययन को परीक्षा केंद्रित न रखकर उसके प्रति यदि जज्बा और लग्न हो तो परिणाम उच्चतर होंगे। हमें अध्ययन में आनंद आएं तो वह सच्चा अध्ययन होगा। उन्होंने कहा कि डीयू में सबसे बेहतर सेंटर बनाने में हमारे शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान है जो इन छात्राओं को समय देते हैं। कम समय में इस सेंटर ने, छात्राओं ने परीक्षा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में पहचान बनाई है। मैं सेंटर प्रभारी और शिक्षकों को इसके लिए धन्यवाद देता हूं। मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथि ने मिलकर अकादमिक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, खेलकूद प्रतियोगिता, मेहंदी डिजाइन, कला, साहित्य, गीत, गजल, गायन आदि प्रतियोगिता में आए प्रथम, दूसरा और तीसरा स्थान पाने वाली छात्राओं को पुरुस्कार, प्रमाण पत्र, स्मृति चिन्ह देकर उन्हें सम्मानित किया। हिन्दुस्थान समाचार/सुशील/आकाश
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