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अपडेट... अबूल फजल एंक्लेव में लगी भीषण आग, दो मासूमों की मौत

By HindusthanSamachar | Publish Date: Mar 26 2019 10:03PM
अपडेट... अबूल फजल एंक्लेव में लगी भीषण आग, दो मासूमों की मौत
नई दिल्ली, 26 मार्च (हि.स.)। राजधानी के जामिया नगर इलाके स्थित अबूल फजल एंक्लेव में मंगलवार को लगी भीषण आग की घटना में दो बच्चों की मौत हो गई। आग में फंसे दोनों बच्चों की दम घुटने से मौत हुई। हादसे में मारे गए बच्चों की पहचान आयशा(7) और जुनैद(5) के रूप में हुई, जो रिश्ते में ममेरे-फूफेरे भाई-बहन लगते हैं। आग लगने के कारणों का फिलहाल खुलासा नहीं हो पाया है। आशंका जताई जा रही है कि शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी है। फिलहाल पुलिस तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से आग लगने के कारणों का पता लगाने में जुटी है। घटनास्थल पर मृतक बच्चों के साथ कुछ अन्य बच्चे भी मौजूद थे लेकिन वे कुछ बताने की स्थिति में नहीं हैं। डीसीपी चिन्मय बिश्वाल के अनुसार पुलिस को सूचना मिलने के बाद दमकल और अन्य बचाव टीमों के साथ राहत कार्य शुरू किया गया और अचेत अवस्था में दो बच्चों को आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने कुछ देर बाद बच्चों को मृत घोषित कर दिया। दमकल विभाग को आग लगने की कॉल एक बजकर छह मिनट पर मिली। सूचना मिलते ही मौके पर स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग, आपदा प्रबंधन और कैट्स की गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंच गई। रास्ता संकरा होने के कारण दमकल की गाड़ियों को पहुंचने में काफी मुश्किल आई, इस बीच आग बढ़ गई और उसने ऊपरी मंजलि को भी चपेट में ले लिया। हालांकि घंटे भर की मशक्कत के बाद दमककर्मियो ने आग पर काबू पा लिया। दमकल विभाग के अनुसार आग पहली मंजिल से शुरू हुई थी। परिवार के ज्यादातर लोग दूसरी मंजिल पर मौजूद थे जबकि आग अधिक पहली मंजिल पर लगी थी, जिसके कारण लोग वहां से भाग भी नहीं सके और आग में फंस गए। हालांकि दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत करके दूसरी मंजिल से सभी लोगों को रेस्क्यू करा लिया लेकिन दो बच्चों को बाहर निकालने में कुछ देर हो गई। बच्चों बाहर निकालने के बाद आनन-फानन में उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बताया कि जिस इमारत मे आग लगी है वह चार मंजिला है। बेसमेंट में फर्नीचर की दुकान थी, जबकि मृतकों का परिवार ऊपरी तल पर रहता था। अगर आग फर्नीचर की दुकान तक पहुंच जाती तो इतनी विकराल हो जाती कि और ज्यादा जानमाल का नुकसान होता। वहीं समय रहते दमकलकर्मियों ने तीसरी मंजिल व बेसमेंट में आग पहुंचने से पहले ही उसपर काबू पा लिया। क्या कहते हैं आग के आंकड़े वर्ष---------आग की घटनाएं-- घायल -- मौत 2016-17 ---30,285 -------1987 -- 217 2015-16 ---27,089 -------2099 -- 339 2014-15 ---23,242 -------2068 -- 291 दिल्ली में हुए भीषण अग्निकांड में मौत की घटनाएं जून 1997- उपहार सिनेमा में हुए भीषण अग्निकांड में 59 लोगों को जान गंवानी पड़ी, जबकि 103 लोग घायल हुए। नवंबर 2011- नंदनगरी इलाके में सामुदायिक केंद्र में लगी आग में 15 लोगों को जान गंवानी पड़ी, करीब 50 लोग घायल हुए। नवंबर 2011- पीरागढ़ी इलाके के उद्योग नगर में जूता चप्पल फैक्टरी में लगी आग में 9 लोगों की मौत। अप्रैल 2015- मंगोलपुरी क्षेत्र में एक तीन मंजिला इमारत में आग लगने से 2 लोगों की मौत। जनवरी 2018- बवाना में पटाखा फैक्टरी में आग लगने से 19 लोगों की हुई मौत, दो घायल। फायर विभाग का ब्यौरा: कितने हैं फायर कर्मी-1873 कितने हैं फायर टेंडर- 249 कितने है फायर स्टेशन- 61 क्या है विभाग का प्रस्ताव(फायर विभाग के पिछले साल के रिकॉर्ड से) कितने फायर कर्मियों की है जरूरत- करीब 40 फीसदी रिक्त पदों की भर्ती कितने और फायर टेंडर की है जरूरत- करीब 60 (चल रही है प्रकिया) कितने और फायर स्टेशन की है जरूरत- 12 (चल रही है प्रकिया) हिन्दुस्थान समाचार/अश्वनी/आकाश
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