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स्वाइन फ्लू पर दिल्ली सरकार ने जारी की एडवाइजरी

By HindusthanSamachar | Publish Date: Feb 7 2019 6:30PM
स्वाइन फ्लू पर दिल्ली सरकार ने जारी की एडवाइजरी
नई दिल्ली, 07 फरवरी (हि.स.)। दिल्ली सरकार ने इन्फ्लूएंजा-ए (एच1एन1) यानी स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए विशेष एहतियात बरतने के लिए एडवाइजरी जारी कर लोगों को आगाह किया है। सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी में बताया गया है कि एच1एन1 मौसमी इन्फ्लुएंजा एक प्रकार का स्वयं-सीमित वायरल रोग है। यह श्वसन तंत्र से जुड़ी बीमारी है, जो ए टाइप के इनफ्लुएंजा वायरस से होती है। यह कण और हवा के द्वारा या किसी के छूने से दूसरे व्यक्ति के शरीर में मुंह या नाक के जरिए प्रवेश कर जाते हैं। अगर संक्रमित व्यक्ति द्वारा इस्तेमाल किया गया हो तो दरवाजे, फोन, कीबोर्ड या रिमोट कंट्रोल के जरिए भी यह वायरस फैल सकते हैं। लक्षण:- बुखार एवं खांसी, गला खराब, नाक बहना या बंद होना, सांस लेने में तकलीफ एवं अन्य लक्षण जैसे बदन दर्द, सिर दर्द, थकान, ठिठुरन, दस्त, उल्टी, बलगम में खून आना इत्यादि भी हो सकते हैं। केटेगरी-ए स्वाइन फ्लू के लक्षण:- बुखार, खांसी, सर्दी, शरीर में दर्द होना व थकान महसूस होना। (माइल्ड स्वाइन फ्लू का इलाज लक्षणों पर आधारित होता है, ऐसे लक्षणों में टेमीफ्लू दवा लेने की या जांच की जरूरत नही होती)। इसमें मरीज को घर पर आराम करना चाहिए। केटेगरी-बी स्वाइन फ्लू के लक्षण:- केटेगरी-ए के अलावा तेज बुखार, गले में तेज दर्द होता है। इसमें रोगी को मौसमी इन्फ्लुएंजा ए (एच1एन1) की दवा टैमिफ्लू दी जाती है। इनको भी जांच की जरूरत नही होती। इसमें मरीज को घर पर ही आराम करना चाहिए। केटेगरी-सी स्वाइन फ्लू के लक्षण:- केटेगरी-ए और केटेगरी-बी के अलावा सांस लेने में दिक्कत, छाती में तेज दर्द गलफत में जाना, बल्ड प्रेशर कम होना, बलगम में खून आना और नाखून नीला पड़ जाना है। इन रोगियों को अस्पताल में भर्ती करना चाहिए और रोगी को अलग से रखा जाना चाहिए(आइसोलेशन)। इसमें रोगी को टैमिफ्लू दी जाती है और जांच भी आवश्यक है। इस बिमारी के सबसे बड़ा शिकार छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं, 65 साल या उससे अधिक उम्र के व्यक्ति, फेफड़े की बीमारी, दिल की बीमारी, गुर्दे की बीमारी, मधुमेह रोग, कैंसर इत्यादि से ग्रसित व्यक्ति होते हैं। बचाव:- -खांसने और छींकने के दौरान अपनी नाक व मुंह को कपड़े अथवा रुमाल से अवश्य ढकें। -अपने हाथों को साबुन व पानी से नियमित धोएं। -भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। -फ्लू से संक्रमित हों तो घर पर ही आराम करें। -फ्लू से संक्रमित व्यक्ति से एक हाथ तक की दूरी बनाए रखें। -पर्याप्त नींद लें और आराम करें। -पर्याप्त मात्रा में पानी/तरल पदार्थ पिएं और पोषक आहार खाएं। -फ्लू से संक्रमण का संदेह हो तो चिकित्सक से सलाह अवश्य लें। हिन्दुस्थान समाचार/रवि/आकाश
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