Hindusthan Samachar
Banner 2 शनिवार, मार्च 23, 2019 | समय 05:41 Hrs(IST) Sonali Sonali Sonali Singh Bisht

तृणमूल विधायक की गाड़ी पर अंधाधुंध फायरिंग करने वाले तीन आरोपियों को सीआईडी ने दिल्ली से दबोचा

By HindusthanSamachar | Publish Date: Jan 11 2019 2:29PM
तृणमूल विधायक की गाड़ी पर अंधाधुंध फायरिंग करने वाले तीन आरोपियों को सीआईडी ने दिल्ली से दबोचा

 ओम प्रकाश

कोलकाता, 11 जनवरी (हि.स.)। कोलकाता से सटे दक्षिण 24 परगना के जयनगर से विधायक विश्वनाथ दास की गाड़ी पर गत 13 दिसंबर की रात अंधाधुंध फायरिंग करने वाले नकाबपोश अपराधियों में से तीन को राज्य सीआईडी की टीम ने नई दिल्ली से गिरफ्तार किया है।

इन्हें शुक्रवार सुबह नई दिल्ली के दयालपुर थाना अंतर्गत नेहरू विहार क्षेत्र में एक गुप्त ठिकाने से दबोचा गया है।इस बारे में सीआईडी के डीआईजी निशात परवेज ने जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि फायरिंग की घटना के बाद लगातार जांच में जुटी सीआईडी की टीम को पुख्ता सूचना मिली थी कि ये नई दिल्ली में जा कर छुपे हैं जिसके बाद गुरुवार देर रात स्थानीय थाने के साथ मिलकर नेहरू विहार के एक आवास पर छापेमारी की गई जहां से तीनों को धर दबोचा गया। लगातार पूछताछ के बाद शुक्रवार सुबह इनकी गिरफ्तारी हुई है। इनके नाम अब्दुल हुसैन उर्फ अबुल (‍35 साल), अब्दुल कहार मोहल्ला उर्फ बबुआ (‍36 साल )और मोनीरुद्दीन गाजी (‍29 साल) है। इनमें से अब्दुल कहार मोल्ला उर्फ बबुआ दक्षिण 24 परगना जिले के जयनगर थाना अंतर्गत हसनपुर क्षेत्र के स्टेशन रोड का रहने वाला है। नेहरू विहार में इसी के संबंधी के घर ये तीनों छिपे हुए थे।अब्दुल हुसैन मिस्त्री और मुनीरुद्दीन गाजी भी उसी के घर के पास रहता है।

निशात परवेज ने बताया कि इन तीनों को नई दिल्ली के करकरडूमा कोर्ट में पेश कर सीआईडी की टीम ट्रांजिट रिमांड पर कोलकाता ले आएगी। इनसे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि इनके साथ और कौन-कौन से लोग इस अपराध में शामिल थे। गौरतलब है कि गत 13 दिसंबर की रात कोलकाता से सटे दक्षिण 24 परगना के जयनगर में सत्तारूढ़ तृणमूल के विधायक विश्वनाथ दास की गाड़ी पर अंधाधुंध फायरिंग में तीन लोगों की मौत हो गई थी। घटना के बाद तुरंत इसकी जांच की जिम्मेवारी सीआईडी को दे दी गई थी। निशात ने बताया कि जिस पेट्रोल पंप पर फायरिंग हुई थी वहां का सीसीटीवी फुटेज खंगालने और आसपास के लोगों से पूछताछ के बाद इन तीनों की शिनाख्त हो गई थी। जांच में यह पता चला था कि विधायक विश्वनाथ दास रोज जयनगर के दुर्गापुर पेट्रोल पंप के पास स्थित चाय दुकान में चाय पीने के लिए जाते थे। पास में ही उनके पार्टी का दफ्तर भी है। लेकिन 13 दिसंबर की रात वे पार्टी दफ्तर के पास ही रुके रहे लेकिन उनकी काले रंग की स्कार्पियो गाड़ी पूर्ववत चाय दुकान के पास पहुंची और उस पेट्रोल पंप पर तेल लेने के लिए रात 6:45 बजे के करीब जैसे ही घुसी करीब 10 से 12 की संख्या में नकाबपोश अपराधियों ने उनकी गाड़ी को घेर कर अंधाधुंध फायरिंग की जिसमें उनके ड्राइवर सहित तीन लोगों की मौत हो गई थी। चालक की पहचान मनीरुद्दीन हक मोल्ला उर्फ सलीम खान उर्फ बाबू (35 साल) के रूप में हुई थी। बाकी के दो मृतकों में से एक तृणमूल के स्वयंसेवी संगठन जय हिंद वाहिनी के जयनगर टाउन शाखा के अध्यक्ष सरफुद्दीन खान (30 साल) और तीसरे शख्स का नाम आमीन अली सरदार था जो सरफुद्दीन के नाम से परिचित थे और किसी काम से उनके पास आए थे।

घटना के बाद विधायक ने आरोप लगाया था कि हमलावरों ने उनकी हत्या की योजना बनाई थी लेकिन सौभाग्य से वे बच गए हैं। उन्होंने दावा किया था कि माकपा और भाजपा के लोग ही इस वारदात के पीछे हैं। हालांकि घटना के तुरंत बाद इन दोनों ही पार्टियों की ओर से विधायक के दावे को नकार दिया गया था। माकपा विधायक दल के नेता सुजन चक्रवर्ती ने कहा था कि यह तृणमूल की आपसी गुटबाजी का नतीजा है। इससे माकपा का कोई लेना देना नहीं। इसी तरह से भाजपा के प्रदेश महासचिव सायंतन बसु ने भी इसे तृणमूल कांग्रेस की गुटबाजी करार दिया था। उन्होंने कहा था कि जब राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी के विधायक सुरक्षित नहीं है तो आम लोगों का क्या हाल होगा, यह अंदाजा लगाया जा सकता है। इधर घटना की जानकारी मिलने के तुरंत बाद बारूईपुर के अतिरिक्त पुलिस सुपर सैकत घोष बड़ी संख्या में पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे थे। पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरे का फुटेज लिया गया था। उसकी जांच की जा रही थी।

गौरतलब है कि दक्षिण 24 परगना में इस तरह के अपराध की घटनाएं अमूमन पहले भी होती रही हैं इसलिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस जिले को तीन भागों में बांटा था। एक बारुईपुर, दूसरा डायमंड हार्बर और तीसरा मूल दक्षिण 24 परगना। तीनों जगह पर पुलिस अधीक्षकों की नियुक्ति की गई है लेकिन फिर भी कानून व्यवस्था यहां संभल नहीं रही है। नवंबर में राज्य के गृह विभाग की ओर से आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया गया था जिस दौरान जिले के पुलिस अधीक्षकों का भी तबादला कर दिया गया था और अभी तक यहां पुलिस अधीक्षक की नियुक्ति नहीं हो सकी है। इसीलिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक इस घटना की जांच में जुटे थे।

कैसे हुई थी फायरिंग -

जांच टीम में शामिल एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि प्राथमिक तौर जांच में यह बात पता चला है कि विधायक विश्वनाथ दास अमूमन दक्षिण 24 परगना के क्षेत्र में ही रहते थे। वे कोलकाता या कहीं दूर बहुत कम जाते हैं। विशेषकर वे जयनगर क्षेत्र के अपने विधानसभा इलाके में लोगों से मिलते जुलते रहते हैं। सुबह से शाम तक अपने क्षेत्र में ही उनका लोगों से मिलने जुलने का कार्यक्रम रहता है। 13 दिसंबर की सुबह भी वे दक्षिण बारासात स्थित अपने घर से ड्राइवर के साथ अपनी गाड़ी में निकल कर इलाके में पहुंचे थे। सुबह के समय उनके साथ उनका एक सुरक्षाकर्मी और पांचू प्रमाणिक नाम का एक और सहयोगी था। सबसे पहले विजयनगर एक नंबर ब्लॉक ऑफिस में गए थे। दोपहर में कुलतली में उनका राजनीतिक कार्यक्रम था। शाम को जयनगर दो नंबर ब्लॉक ऑफिस गए थे जहां बीडीओ के साथ बैठक की थी। उसके बाद शाम को बडुंग में पार्टी कार्यालय में पहुंचे थे। यहां गाड़ी से उतरकर उनका सुरक्षाकर्मी और सहयोगी पांचू साथ चल रहे थे। वे सुरक्षाकर्मी के साथ पार्टी दफ्तर की ओर आगे बढ़ गए और पांचू को पास के घर से मफलर लाने के लिए भेज दिया था। इसी बीच चालक के साथ उक्त दोनों मृतक उनकी गाड़ी में बैठ कर बातचीत कर रहे थे और चंद मिनट बाद ही विधायक को सूचना देकर चालक गाड़ी लेकर तेल भरने के लिए बगल में स्थित उक्त पेट्रोल पंप पर निकल गया था जहां वारदात को अंजाम दिया गया था। इन सभी घटनाओं की कड़ियों को जोड़ने में सीआईडी की टीम जुट गई थी। अब इन तीन लोगों की गिरफ्तारी के बाद बाकी के अपराधियों की गिरफ्तारी की संभावना भी बढ़ गई हैै। हिन्दुस्थान‌ समाचार

लोकप्रिय खबरें
फोटो और वीडियो गैलरी
image