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भाजपा नेता पर हमले के बावजूद मतदान को तैयार हैं बस्तरवासी

By HindusthanSamachar | Publish Date: Oct 29 2018 4:33PM
भाजपा नेता पर हमले के बावजूद मतदान को तैयार हैं बस्तरवासी

सुधीर

जगदलपुर। माओवादी नक्सली संगठन द्वारा नक्सली बहिष्कार के बावजूद संवेदनशील इलाके में रहने वाले मतदाता इस बार अपना वोट डालने के लिए उत्साहित हैं। पिछले एक दशक तक अंदरूनी इलाके के मतदाता वोट डालने से वंचित रहे, पर अब उनका हृदय परिर्वतन हो गया।

दंतेवाड़ा जिले में भाजपा केे नेता पर रविवार रात हुये नक्सली हमला के बावजूद अंदरूनी क्षेत्र के मतदाताओं ने सोमवार सुबह एकजुट होकर फैसला लिया है कि किसी भी हालत में वे अपने मत का प्रयोग करेंगे। दंतेवाड़ा जिले के नदी पार सहित कुआकोंडा- अरनपुर इलाके में आधा दर्जन गांव ऐसे हैं जहां मतदान कराना सबसे चुनौतीपूर्ण कार्य है। यहां के ग्रामीण भी अपने गांव में मतदान को लेकर उत्साहित हैं। अभी तक इन गांवों के मतदान केंद्र को या तो 10-15 किमी दूर शिफ्ट किया जाता रहा है या फिर मतदान हुआ नहीं है।

नक्सलियों के खिलाफ सलवा जुड़ूम अभियान शुरू होने के बाद करीब दो दर्जन गांवों में मतदान का प्रतिशत 15 से भी कम हो गया है। कुछ गांवों के केंद्र अन्य गांव में शिफ्ट करने के बाद भी लोग मतदान के लिए नहीं पहुंचे। इन गांवों में नक्सलियों का प्रभाव बताया जाता है। इन गांवों में अब मतदान की उम्मीद जताई जा रही है।

प्रशासन के साथ ग्रामीण जनप्रतिनिधि अपने गांव में मतदान कराने के लिए इच्छुक दिख रहे हैं। पिछले चुनावों में जिले के बुरगुम, काउरगांव, बड़ेगादम, पुरंगेल, अलनार, किडरीरास में वोटिंग का प्रतिशत शून्य रहा है। जबकि हांदावाड़ा, चेरपाल, गमावाड़ा-2, मारजूम, चिकपाल, गुड़से-2, तेलम, गुमियापाल, समलवार, जबेली, समेली, नीलावाया, पोटाली, अरनपुर, ककाड़ी, मेड़पाल, मुलेर आदि गांव में एक्के-दुक्के वोट पड़े थे। 2013 के विधानसभा चुनाव में दंतेवाड़ा सीट के करीब आधा दर्जन सीटों पर एक भी मत नहीं पड़ा था। वहीं, दो बूथों पर केवल दो-दो वोट पड़े थे, जबकि कई बूथ ऐसे रहे जहां 10 से कम मत पड़े थे।

इधर बस्तर जिले नक्सली प्रभावित उड़ीसा सीमा से लगे ग्राम चांदामेटा , ग्राम उरूकपाल, ग्राम मुण्डागढ़ , छिन्दगुर इन इलाके के मतदाताओं को वोट डालने के लिए दस से पन्द्रह किलोमीटर पैदल सफर करना पड़ेगा ओर इसके लिए 6 सौ मतदाता तेयार हैं। हालाकि संवेदनशील इलाकों में पुलिस का गश्त जारी है। इसके साथ ही पुलिस के द्वारा मतदाता जागरूक अभियान भी चलाया जा रहा है।

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